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Budaun News: मुख्य आरोपी को तमंचे में जेल भेजने पर एसएसआई निलंबित, इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
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26 जुलाई को अमर उजाला में प्रकाशित खबर की पीडीएफ।
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बदायूं। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के रतिराम कॉलोनी के चर्चित विपिन हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू को नाम बदलकर तमंचे में जेल भेजने के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। शुक्रवार देर रात एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह की जांच रिपोर्ट मिलने पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने बिनावर थाने के एसएसआई बलबीर सिंह को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही इंस्पेक्टर अरिहंत सिद्धार्थ को लाइन हाजिर कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच एसपी ग्रामीण डॉ हृदेश कठेरिया को दी गई है। इस प्रकरण में आरोपी को जेल भेजने के एवज में 15 लाख की डील होने की बात सामने आई थी।
गौरतलब है कि गाजियाबाद के लोनी के रतिराम कॉलोनी में 12 जुलाई को कार का हॉर्न बजाने को लेकर हुए विवाद में आरोपी सोनू ने विपिन की पेट में दो गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद से पुलिस को आरोपी सोनू की तलाश थी। गाजियाबाद पुलिस और एसओजी लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
लोनी पुलिस ने आरोपी पर 20 हजार का इनाम भी घोषित किया था। इसके बाद आरोपी गाजियाबाद की पुलिस से बचने के लिए बदायूं पहुंच गया। यहां आरोपी ने जनपद के कई थानों में गिरफ्तारी देने का प्रयास किया, मोटी रकम का ऑफर भी दिया था। बिनावर थाने के एसएसआई बलवीर सिंह ने 23 जुलाई को आरोपी सोनू को अपने क्षेत्र में तमंचे के साथ गिरफ्तार दिखाया और नाम बदलकर सोहनपाल उर्फ सूजल निवासी दिल्ली दिखाते हुए जेल भेज दिया था।
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लोनी पुलिस ने मामले की जांच की तो मालूम हुआ कि आरोपी को तमंचे में बिनावर पुलिस ने जेल भेजा है। मामले में जांच की गई तो एसएसआई के कारनामे चर्चा में आ गए। डीआईजी अजय साहनी ने प्रकरण की जांच बरेली के एसपी सिटी मानुष पारिक को दी। इसमें एसपी सिटी जांच कर रहे हैं। वहीं, बदायूं के एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने भी जांच की, जिसमें प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में एसएसआई बलवीर सिंह पर लगे आरोप सही पाए गए।
जांच रिपोर्ट एसएसपी अंकिता शर्मा को भेजी। इधर, शुक्रवार की रात एसएसपी ने जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए एसएसआई बलवीर सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके साथ इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, पुलिस कार्यालय में तैनात डीसीआरबी प्रभारी नीरज कुमार को बिनावर थाने को प्रभारी बनाया गया है।
थाने के अन्य दरोगा व पुलिस कर्मियों में खलबली
इस कार्रवाई से बिनावर थाने में तैनात अन्य दराेगाओं और सिपाहियों में खलबली मच गई है। कई को डर सताने लगा है कि विस्तृत जांच हुई तो वह भी लपेट में आ सकते हैं। 23 जुलाई को आरोपी सोनू को कहां से किस स्थिति में तमंचे के साथ पकड़ा था, इसकी पूरी जांच अब की जाएगी। आरोपी को पकड़ने के दौरान एसएसआई के साथ दो सिपाही भी बताए जा रहे हैं।
सबसे पहले अमर उजाला में प्रकाशित हुई थी खबर
23 जुलाई को बिनावर थाना पुलिस द्वारा आरोपी सोनू को नाम बदलकर जेल भेजने की खबर सबसे पहले अमर उजाला में 26 जुलाई को ‘लोनी के विपिन हत्याकांड का मुख्य आरोपी तमंचे के साथ गिरफ्तार’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। इसके बाद ही बदायूं पुलिस और बरेली के वरिष्ठ अफसरों ने जांच शुरू की थी।
एसपी सिटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में भूमिका संदिग्ध होने पर एसएसआई को निलंबित कर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है। प्रकरण में विस्तृत जांच एसपी ग्रामीण को दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अंकिता शर्मा, एसएसपी
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गौरतलब है कि गाजियाबाद के लोनी के रतिराम कॉलोनी में 12 जुलाई को कार का हॉर्न बजाने को लेकर हुए विवाद में आरोपी सोनू ने विपिन की पेट में दो गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद से पुलिस को आरोपी सोनू की तलाश थी। गाजियाबाद पुलिस और एसओजी लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
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लोनी पुलिस ने आरोपी पर 20 हजार का इनाम भी घोषित किया था। इसके बाद आरोपी गाजियाबाद की पुलिस से बचने के लिए बदायूं पहुंच गया। यहां आरोपी ने जनपद के कई थानों में गिरफ्तारी देने का प्रयास किया, मोटी रकम का ऑफर भी दिया था। बिनावर थाने के एसएसआई बलवीर सिंह ने 23 जुलाई को आरोपी सोनू को अपने क्षेत्र में तमंचे के साथ गिरफ्तार दिखाया और नाम बदलकर सोहनपाल उर्फ सूजल निवासी दिल्ली दिखाते हुए जेल भेज दिया था।
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लोनी पुलिस ने मामले की जांच की तो मालूम हुआ कि आरोपी को तमंचे में बिनावर पुलिस ने जेल भेजा है। मामले में जांच की गई तो एसएसआई के कारनामे चर्चा में आ गए। डीआईजी अजय साहनी ने प्रकरण की जांच बरेली के एसपी सिटी मानुष पारिक को दी। इसमें एसपी सिटी जांच कर रहे हैं। वहीं, बदायूं के एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने भी जांच की, जिसमें प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में एसएसआई बलवीर सिंह पर लगे आरोप सही पाए गए।
जांच रिपोर्ट एसएसपी अंकिता शर्मा को भेजी। इधर, शुक्रवार की रात एसएसपी ने जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए एसएसआई बलवीर सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया। इसके साथ इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, पुलिस कार्यालय में तैनात डीसीआरबी प्रभारी नीरज कुमार को बिनावर थाने को प्रभारी बनाया गया है।
थाने के अन्य दरोगा व पुलिस कर्मियों में खलबली
इस कार्रवाई से बिनावर थाने में तैनात अन्य दराेगाओं और सिपाहियों में खलबली मच गई है। कई को डर सताने लगा है कि विस्तृत जांच हुई तो वह भी लपेट में आ सकते हैं। 23 जुलाई को आरोपी सोनू को कहां से किस स्थिति में तमंचे के साथ पकड़ा था, इसकी पूरी जांच अब की जाएगी। आरोपी को पकड़ने के दौरान एसएसआई के साथ दो सिपाही भी बताए जा रहे हैं।
सबसे पहले अमर उजाला में प्रकाशित हुई थी खबर
23 जुलाई को बिनावर थाना पुलिस द्वारा आरोपी सोनू को नाम बदलकर जेल भेजने की खबर सबसे पहले अमर उजाला में 26 जुलाई को ‘लोनी के विपिन हत्याकांड का मुख्य आरोपी तमंचे के साथ गिरफ्तार’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। इसके बाद ही बदायूं पुलिस और बरेली के वरिष्ठ अफसरों ने जांच शुरू की थी।
एसपी सिटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में भूमिका संदिग्ध होने पर एसएसआई को निलंबित कर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है। प्रकरण में विस्तृत जांच एसपी ग्रामीण को दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अंकिता शर्मा, एसएसपी