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Budaun News: <bha>@</bha>44 डिग्री की तपिश से बेहाल जनजीवन
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 27 Apr 2026 12:31 AM IST
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बदायूं। जिले में भीषण गर्मी का कहर लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद रविवार को भी तापमान में कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
जिले में गर्मी के चलते लोगों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय ही लोग जरूरी काम निपटा रहे हैं। जबकि दोपहर में बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। तेज धूप के कारण चेहरे झुलसने और शरीर में पानी की कमी की समस्या बढ़ रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। दिन में जरूरी काम से जाने वाले लोगों को तपिश का सामना करना पड़ रहा है। आईएमडी (भारत मौसम विज्ञान विभाग) के अनुसार फिलहाल तापमान में कमी के कोई संकेत नहीं हैं। आने वाले दिनों में भी गर्मी का असर बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि लू और तेज गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।
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लू बनी सबसे बड़ा खतरा
भीषण गर्मी के बीच लू का प्रकोप लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवा सीधे शरीर को प्रभावित कर रही हैं। जिला अस्पताल के डॉ. नितिन सिंह के अनुसार, इस समय लू से बचाव बेहद जरूरी है। लू लगने से चक्कर, उल्टी, तेज बुखार और बेहोशी तक की स्थिति बन सकती है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में जल्दी आते हैं। ऐसे में दोपहर 12 बजे से चार बजे तक घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
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बदल गई दिनचर्या, सुबह-शाम तक सीमित काम
गर्मी के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। दुकानदार सोनू गुप्ता का कहना है कि जहां पहले बाजार दिनभर गुलजार रहते थे। अब दोपहर के समय सन्नाटा नजर आता है। लोग सुबह जल्दी और शाम को ही खरीदारी या अन्य काम निपटा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों में काम करने का समय बदल दिया गया है। मजदूर और किसान तेज धूप से बचने के लिए सुबह जल्दी काम शुरू कर देते हैं और दोपहर में विश्राम करते हैं। इस बदलाव से साफ है कि गर्मी ने आम जीवन की रफ्तार को प्रभावित कर दिया है।
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जिले में गर्मी के चलते लोगों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय ही लोग जरूरी काम निपटा रहे हैं। जबकि दोपहर में बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। तेज धूप के कारण चेहरे झुलसने और शरीर में पानी की कमी की समस्या बढ़ रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। दिन में जरूरी काम से जाने वाले लोगों को तपिश का सामना करना पड़ रहा है। आईएमडी (भारत मौसम विज्ञान विभाग) के अनुसार फिलहाल तापमान में कमी के कोई संकेत नहीं हैं। आने वाले दिनों में भी गर्मी का असर बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि लू और तेज गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।
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लू बनी सबसे बड़ा खतरा
भीषण गर्मी के बीच लू का प्रकोप लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवा सीधे शरीर को प्रभावित कर रही हैं। जिला अस्पताल के डॉ. नितिन सिंह के अनुसार, इस समय लू से बचाव बेहद जरूरी है। लू लगने से चक्कर, उल्टी, तेज बुखार और बेहोशी तक की स्थिति बन सकती है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में जल्दी आते हैं। ऐसे में दोपहर 12 बजे से चार बजे तक घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
बदल गई दिनचर्या, सुबह-शाम तक सीमित काम
गर्मी के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। दुकानदार सोनू गुप्ता का कहना है कि जहां पहले बाजार दिनभर गुलजार रहते थे। अब दोपहर के समय सन्नाटा नजर आता है। लोग सुबह जल्दी और शाम को ही खरीदारी या अन्य काम निपटा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों में काम करने का समय बदल दिया गया है। मजदूर और किसान तेज धूप से बचने के लिए सुबह जल्दी काम शुरू कर देते हैं और दोपहर में विश्राम करते हैं। इस बदलाव से साफ है कि गर्मी ने आम जीवन की रफ्तार को प्रभावित कर दिया है।

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