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Budaun News: नम आंखों से दी भाई-बहन को अंतिम विदाई, गम में डूबा रहा जमालपुर
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अनामिका का फाइल फोटो
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दातागंज। सोमवार शाम आंधी आने के दौरान गांव जमालपुर में खेत पर बनी झोंपड़ी पर खंभों सहित ट्रांसफॉर्मर के गिरने के दौरान भाई-बहन के सिर में गंभीर चोटें आई थीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों के सिर में गंभीर चोटों से मौत होने की बात सामने आई है। मंगलवार तड़के 4 बजे पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। शाम को परिजनों ने गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई। इस दौरान पूरा जमालपुर गांव गम में डूबा रहा।
मंगलवार सुबह दोनों बच्चों, अनामिका और विशेष, के शव जब जमालपुर गांव पहुंचे तो सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष संतोष के घर उमड़ पड़े। हर चेहरे पर गम दिख रहा था। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाते नजर आया। सुबह आठ बजे तक आसपास के गांव बक्सेना और धुबरी के भी लोग भी संतोष घर पहुंच गए थे।
संतोष राठौर के छह बच्चे हैं, जिनमें पांच लड़के हैं। बेटी अनामिका इकलौती होने के कारण पूरे परिवार को अधिक प्रिय थी। संतोष का तीसरे नंबर का बेटा जयंत बाहर कहीं नौकरी करता है। वह शाम पांच बजे के बाद आया। उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया गया। बच्चों की मौत के गम में मोहल्ले के अधिकांश घरों का चूल्हा तक नहीं जला।
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मंगलवार सुबह दोनों बच्चों, अनामिका और विशेष, के शव जब जमालपुर गांव पहुंचे तो सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष संतोष के घर उमड़ पड़े। हर चेहरे पर गम दिख रहा था। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाते नजर आया। सुबह आठ बजे तक आसपास के गांव बक्सेना और धुबरी के भी लोग भी संतोष घर पहुंच गए थे।
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संतोष राठौर के छह बच्चे हैं, जिनमें पांच लड़के हैं। बेटी अनामिका इकलौती होने के कारण पूरे परिवार को अधिक प्रिय थी। संतोष का तीसरे नंबर का बेटा जयंत बाहर कहीं नौकरी करता है। वह शाम पांच बजे के बाद आया। उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया गया। बच्चों की मौत के गम में मोहल्ले के अधिकांश घरों का चूल्हा तक नहीं जला।

अनामिका का फाइल फोटो