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Budaun News: आंधी में शहर से देहात तक बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त, 2.5 लाख उपभोक्ता रहे परेशान
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दबतोरी क्षेत्र के गांव मुसिया नगला में एक मकान क्षतिग्रस्त दीवार। संवाद
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बदायूं। 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार में सोमवार शाम आई आंधी ने शहर से लेकर देहात तक के बिजली नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचाया। उसहैत, म्याऊं, उसावां आदि क्षेत्रों में 75 से ज्यादा बिजली के खंभे गिर गए। बड़ी संख्या में पेड़ों के गिरने से भी लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। इस वजह से शहरी क्षेत्र के दस हजार मिलाकर जिले के लगभग 2.5 लाख उपभोक्ता प्रभावित रहे। शहरी क्षेत्र में मंगलवार तक बिजली बहाल हो गई, वहीं, उसहैत क्षेत्र में अभी 40 गांवों की बिजली बहाल करने में कर्मचारी जुटे हैं। म्याऊं में भी देर रात तक दो फीडरों पर काम चलता रहा।
आंधी में बदायूं शहर में तीन जगहों पर पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। इनमें दो पेड़ तो बिजली लाइन पर गिरे। गनीमत रही कि आंधी-बारिश शुरू होते ही बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, इस वजह से टूटे बिजली तारों से कोई हादसा नहीं हुआ। तारों के टूटने की सूचना पर विद्युत निगम की टीम मौके पर पहुंची।
सबसे पहले बिजली की लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम शुरू हुआ। कई स्थानों पर पेड़ों के नीचे दबे बिजली के तारों को दुरुस्त करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। गिरे खंभों और क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत का कार्य देर रात तक हुआ। बिजली कटौती की वजह से लोगों के इनवर्टर जवाब दे गए थे। मंगलवार तक शहरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई। शहर में चार खंभे गिरे और सात झुक गए थे।
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इन इलाकों में पेड़ गिरने से गुल हुई बिजली
आंधी-बारिश से नगर पालिका, गद्दी चौक, डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क के पास पेड़ गिरे। इसमें गद्दी चौक और डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क के पास पेड़ बिजली के तारों पर गिरे थे, जिसकी वजह से जिला अस्पताल, शिवपुरम, कचहरी, चित्रांश नगर, गांधी नगर, सम्राट अशोक नगर, कबूलपुरा, मीरा सराय, सोथा, घंटाघर, नवादा आदि मोहल्ले प्रभावित हुए थे।
आंधी-बारिश में शहर में कुछ जगहों पर पेड़ बिजली की लाइनों पर गिरे थे। कई बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिन्हें तत्काल सही कराया गया। रात में ही शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति शुरू करवा दी गई थी। -नीरज, एक्सईएन प्रथम, विद्युत विभाग
उसहैत में 40 गांवों की बिजली आज शाम तक हो पाएगी दुरुस्त
उसहैत। सोमवार शाम आई आंधी में सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्र की बिजली लाइनों को हुआ। 40 से ज्यादा खंभे गिरने और टूटने और 50 से ज्यादा पेड़ बिजली लाइनों पर गिरने से क्षेत्र के 150 गांव अंधेरे में डूब गए थे। कई मकानों की दीवारें गिर गई थीं। मंगलवार को युद्धस्तर पर हुए कार्य से 110 गांवों की बिजली दुरुस्त कर दी गई। वहीं 40 गांवों की बिजली बुधवार शाम तक दुरुस्त होने की बात कही जा रही है।
विद्युत निगम के जेई रामकिशोर श्रीवास्तव ने बताया कि विद्युत उपकेंद्र में नौ फीडर हैं, जिनमें से 5 कृषि के हैं। ग्रामीण फीडर को चालू करने का प्रयास जारी है। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में बुधवार शाम तक का समय लग सकता है। विद्युत कर्मी युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। संवाद
म्याऊं के गौंतरा फीडर पर 15 खंभे टूटे, चार में दो फीडर किए गए सक्रिय
म्याऊं। आंधी-बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई घंटे संकट रहने के बाद विद्युत उपकेंद्र के दो फीडरों की आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि दो अन्य फीडरों पर मरम्मत कार्य बुधवार को पूरा होने की उम्मीद है। सबसे अधिक नुकसान गौंतरा फीडर क्षेत्र में हुआ है। इस फीडर पर 15 खंभे गिर व टूट गए हैं। वहीं केशोपुर कृषि फीडर पर भी दो विद्युत खंभे टूटने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई।
जेई बालकृष्ण प्रजापति ने बताया कि क्षतिग्रस्त खंभों की रिपोर्ट तैयार कर नए खंभों की मांग निगम को भेज दी गई है। आवश्यक सामग्री उपलब्ध होते ही युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराकर सभी प्रभावित फीडरों की विद्युत आपूर्ति बहाल की जाएगी। संवाद
उसावां क्षेत्र में दो दर्जन पोल टूटे, देहात के फीडरों को दुरुस्त करने जुटी टीम
उसावां। आंधी-बारिश से कई पेड़ टूटकर बिजली लाइनों पर गिरने से दो दर्जन से अधिक खंभे क्षतिग्रस्त हुए। कई ट्रांसफॉर्मर गिर गए थे। इसके कारण अकबरपुर, अलापुर, जलालाबाद, माधुरी नगला व गूरा समेत पांच फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली कर्मचारियों ने टाउन फीडर की सप्लाई सोमवार रात को ही सुचारू कर दी थी, लेकिन दर्जनों खंभे टूट जाने से ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली सप्लाई अभी भी ठप है। उपकेंद्र के एसएसओ नरेंद्र कुमार ने बताया क्षतिग्रस्त लाइनों को बिजली कर्मचारी ठीक करने में लगे हुए हैं। सभी पांचों फीडरों पर पेट्रोलिंग कर लाइनों को ठीक किया जा रहा है। संवाद
आंधी के झोंके बर्दाश्त नहीं कर पाई चारदीवारी
दबतोरी। सोमवार की शाम आई आंधी से ग्राम मुसिया नगला निवासी वागीश पाठक के मकान की चारदीवारी गिर गई। गनीमत रही कि आंधी में दीवार के नजदीक कोई मौजूद नहीं था। चारदीवारी गिरने से वागीश पाठक को काफी नुकसान हुआ, जब तक दोबारा निर्माण नहीं होगा तब तक मकान की सुरक्षा को भी खतरा बना है। संवाद
आंधी के बाद छत पर सोने गए
युवक की अंधेरे में गिरकर मौत
उसावां। आंधी-बारिश के बाद छत पर गए एक युवक की अंधेरे में गिरकर मौत हो गई। युवक बटाई पर खेत लेकर किसानी का काम करता था।
थाना क्षेत्र के ग्राम भवन नगला निवासी कप्तान राजपूत (30) पुत्र हरदयाल राजपूत सोमवार की रात बिजली न होने के कारण खाना खाकर परिवार के साथ छत पर सोने चले गए थे। देर रात करीब 11 बजे लघुशंका को उठे और पैर फिसल जाने के कारण नीचे पक्की जगह में सिर के बल गिर गए। पिता हरदयाल ने बताया कि उनको सीएचसी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर बताने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
पोस्टमॉर्टम हाउस पर मृतक के भाई बेचे लाल ने बताया कि आंधी में छत की टिटन अस्त-व्यस्त पड़ी थी, वह उठे तो उसे ठीक करने लगे।तेज हवा चलने के कारण उनका पैर फिसल गया और वे गिर गए। युवक की मौत की खबर जैसे ही उनकी पत्नी रामबेटी को हुई तो वह गश खाकर गिर गईं। मृतक के चार बच्चों में तीन बेटे और एक बेटी है। घटना के बाद से उनके घर में मातम पसरा हुआ है। संवाद
आंधी में बदायूं शहर में तीन जगहों पर पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। इनमें दो पेड़ तो बिजली लाइन पर गिरे। गनीमत रही कि आंधी-बारिश शुरू होते ही बिजली सप्लाई बंद कर दी गई, इस वजह से टूटे बिजली तारों से कोई हादसा नहीं हुआ। तारों के टूटने की सूचना पर विद्युत निगम की टीम मौके पर पहुंची।
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सबसे पहले बिजली की लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम शुरू हुआ। कई स्थानों पर पेड़ों के नीचे दबे बिजली के तारों को दुरुस्त करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। गिरे खंभों और क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत का कार्य देर रात तक हुआ। बिजली कटौती की वजह से लोगों के इनवर्टर जवाब दे गए थे। मंगलवार तक शहरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई। शहर में चार खंभे गिरे और सात झुक गए थे।
इन इलाकों में पेड़ गिरने से गुल हुई बिजली
आंधी-बारिश से नगर पालिका, गद्दी चौक, डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क के पास पेड़ गिरे। इसमें गद्दी चौक और डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क के पास पेड़ बिजली के तारों पर गिरे थे, जिसकी वजह से जिला अस्पताल, शिवपुरम, कचहरी, चित्रांश नगर, गांधी नगर, सम्राट अशोक नगर, कबूलपुरा, मीरा सराय, सोथा, घंटाघर, नवादा आदि मोहल्ले प्रभावित हुए थे।
आंधी-बारिश में शहर में कुछ जगहों पर पेड़ बिजली की लाइनों पर गिरे थे। कई बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिन्हें तत्काल सही कराया गया। रात में ही शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति शुरू करवा दी गई थी। -नीरज, एक्सईएन प्रथम, विद्युत विभाग
उसहैत में 40 गांवों की बिजली आज शाम तक हो पाएगी दुरुस्त
उसहैत। सोमवार शाम आई आंधी में सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्र की बिजली लाइनों को हुआ। 40 से ज्यादा खंभे गिरने और टूटने और 50 से ज्यादा पेड़ बिजली लाइनों पर गिरने से क्षेत्र के 150 गांव अंधेरे में डूब गए थे। कई मकानों की दीवारें गिर गई थीं। मंगलवार को युद्धस्तर पर हुए कार्य से 110 गांवों की बिजली दुरुस्त कर दी गई। वहीं 40 गांवों की बिजली बुधवार शाम तक दुरुस्त होने की बात कही जा रही है।
विद्युत निगम के जेई रामकिशोर श्रीवास्तव ने बताया कि विद्युत उपकेंद्र में नौ फीडर हैं, जिनमें से 5 कृषि के हैं। ग्रामीण फीडर को चालू करने का प्रयास जारी है। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में बुधवार शाम तक का समय लग सकता है। विद्युत कर्मी युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। संवाद
म्याऊं के गौंतरा फीडर पर 15 खंभे टूटे, चार में दो फीडर किए गए सक्रिय
म्याऊं। आंधी-बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई घंटे संकट रहने के बाद विद्युत उपकेंद्र के दो फीडरों की आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि दो अन्य फीडरों पर मरम्मत कार्य बुधवार को पूरा होने की उम्मीद है। सबसे अधिक नुकसान गौंतरा फीडर क्षेत्र में हुआ है। इस फीडर पर 15 खंभे गिर व टूट गए हैं। वहीं केशोपुर कृषि फीडर पर भी दो विद्युत खंभे टूटने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई।
जेई बालकृष्ण प्रजापति ने बताया कि क्षतिग्रस्त खंभों की रिपोर्ट तैयार कर नए खंभों की मांग निगम को भेज दी गई है। आवश्यक सामग्री उपलब्ध होते ही युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराकर सभी प्रभावित फीडरों की विद्युत आपूर्ति बहाल की जाएगी। संवाद
उसावां क्षेत्र में दो दर्जन पोल टूटे, देहात के फीडरों को दुरुस्त करने जुटी टीम
उसावां। आंधी-बारिश से कई पेड़ टूटकर बिजली लाइनों पर गिरने से दो दर्जन से अधिक खंभे क्षतिग्रस्त हुए। कई ट्रांसफॉर्मर गिर गए थे। इसके कारण अकबरपुर, अलापुर, जलालाबाद, माधुरी नगला व गूरा समेत पांच फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली कर्मचारियों ने टाउन फीडर की सप्लाई सोमवार रात को ही सुचारू कर दी थी, लेकिन दर्जनों खंभे टूट जाने से ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली सप्लाई अभी भी ठप है। उपकेंद्र के एसएसओ नरेंद्र कुमार ने बताया क्षतिग्रस्त लाइनों को बिजली कर्मचारी ठीक करने में लगे हुए हैं। सभी पांचों फीडरों पर पेट्रोलिंग कर लाइनों को ठीक किया जा रहा है। संवाद
आंधी के झोंके बर्दाश्त नहीं कर पाई चारदीवारी
दबतोरी। सोमवार की शाम आई आंधी से ग्राम मुसिया नगला निवासी वागीश पाठक के मकान की चारदीवारी गिर गई। गनीमत रही कि आंधी में दीवार के नजदीक कोई मौजूद नहीं था। चारदीवारी गिरने से वागीश पाठक को काफी नुकसान हुआ, जब तक दोबारा निर्माण नहीं होगा तब तक मकान की सुरक्षा को भी खतरा बना है। संवाद
आंधी के बाद छत पर सोने गए
युवक की अंधेरे में गिरकर मौत
उसावां। आंधी-बारिश के बाद छत पर गए एक युवक की अंधेरे में गिरकर मौत हो गई। युवक बटाई पर खेत लेकर किसानी का काम करता था।
थाना क्षेत्र के ग्राम भवन नगला निवासी कप्तान राजपूत (30) पुत्र हरदयाल राजपूत सोमवार की रात बिजली न होने के कारण खाना खाकर परिवार के साथ छत पर सोने चले गए थे। देर रात करीब 11 बजे लघुशंका को उठे और पैर फिसल जाने के कारण नीचे पक्की जगह में सिर के बल गिर गए। पिता हरदयाल ने बताया कि उनको सीएचसी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर बताने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
पोस्टमॉर्टम हाउस पर मृतक के भाई बेचे लाल ने बताया कि आंधी में छत की टिटन अस्त-व्यस्त पड़ी थी, वह उठे तो उसे ठीक करने लगे।तेज हवा चलने के कारण उनका पैर फिसल गया और वे गिर गए। युवक की मौत की खबर जैसे ही उनकी पत्नी रामबेटी को हुई तो वह गश खाकर गिर गईं। मृतक के चार बच्चों में तीन बेटे और एक बेटी है। घटना के बाद से उनके घर में मातम पसरा हुआ है। संवाद

दबतोरी क्षेत्र के गांव मुसिया नगला में एक मकान क्षतिग्रस्त दीवार। संवाद

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