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Budaun News: सीएचसी प्रभारी चला रहे थे अवैध अस्पताल, बहन कर रही थी संचालन, केस

संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Tue, 28 Apr 2026 01:43 AM IST
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CHC in-charge was running an illegal hospital, his sister was running it, case filed
घटना के बाद रा​धिका अस्पताल में जांच करती पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत- ग्रामीण - फोटो : 1
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बदायूं। जिस निजी अस्पताल में महिला के सीने पर बैठकर प्रसव कराया गया और इसमें उसके बच्चे की मौत हो गई वह किसी बाहरी का नहीं बल्कि सीएचसी प्रभारी का ही निकला। इस अस्पताल का संचालन सीएचसी प्रभारी की बहन कर रही थी। इससे यह साफ है कि जिले के स्वास्थ्य महकमे में किस तरह से खेल चल रहा है। जानकारी के बाद भी विभागीय जिम्मेदार आंख मूंदे हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सीएचसी प्रभारी, उसकी बहन समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। आरोप है कि अवैध रूप से संचालित निजी अस्पताल में गलत तरीके से प्रसव कराने के दौरान नवजात की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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यह घटना 26 अप्रैल को सामने आई, जब कादरचौक थाना के गांव लल्सी नगला निवासी छोटेलाल की पत्नी कृष्णावती को प्रसव पीड़ा होने पर सुबह करीब सात बजे 108 एम्बुलेंस से सीएचसी कादरचौक लाया गया था। छोटेलाल का आरोप है कि सीएचसी पर मौजूद स्टाफ, जिसमें शशिलता (एएनएम) और वविता (दाई) शामिल थीं, उन्होंने बिना परिजनों को स्पष्ट जानकारी दिए कृष्णावती को एक निजी राधिका अस्पताल ले गए। परिजनों को आश्वासन दिया गया कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहेंगे और बताया गया कि यह अस्पताल चिकित्साधिकारी प्रभारी अवधेश राठौर का है, इसका संचालन उनकी बहन मोनिका राठौर करती हैं।
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तहरीर के अनुसार, निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक अज्ञात महिला ने कथित तौर पर प्रसूता के पेट पर बैठकर दबाव डाला। इस गंभीर लापरवाही के कारण गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई। यह आरोप चिकित्सा मानकों का घोर उल्लंघन है और पूरे मामले को अत्यधिक संवेदनशील बना देता है। पीड़ित छोटेलाल ने आरोप लगाया है कि निजी राधिका अस्पताल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। सरकारी पद पर रहते हुए चिकित्साधिकारी प्रभारी अवधेश राठौर का इस निजी अस्पताल से सीधा संबंध होने का भी आरोप है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि सीएचसी कादरचौक का स्टाफ, इसमें शशिलता और वविता शामिल हैं, चिकित्साधिकारी प्रभारी की मिलीभगत से मरीजों को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल भेजता था। इस मामले में पुलिस ने चिकित्साधिकारी प्रभारी अवधेश राठौर उनकी बहन मोनिका राठौर, शशिलता, वविता और प्रसव के दौरान पेट पर दबाव डालने वाली एक अज्ञात महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल और जन आक्रोश
इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है, क्या बिना अनुमति निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं, और क्या प्रसव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में चिकित्सा मानकों का पालन हो रहा है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
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निलंबन के साथ सीएचसी प्रभारी की हो सकती है गिरफ्तारी
भले ही इस मामले के सामने आने के बाद सीएचसी कादरचौक प्रभारी का तबादला दूसरी जगह कर दिया गया हो, लेकिन इससे उनकी समस्याएं कम नहीं होंगी। अब उनके खिलाफ निलंबन के साथ ही गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है। सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा ने बताया कि निजी राधिका अस्पताल काे सील कर दिया गया है। विभाग की टीम जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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वर्जन-
इस मामले में सीएचसी प्रभारी समेत पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील कुमार सिंह, सीओ उझानी
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