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सांप ने छीनीं खुशियां: बदायूं में सर्पदंश से आठ माह की गर्भवती विवाहिता की मौत, परिवार में मचा कोहराम

Thu, 30 Jul 2026 05:57 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 30 Jul 2026 05:57 PM IST
सार

बदायूं के कादरचौक क्षेत्र में सांप के डसने से आठ माह की गर्भवती विवाहिता की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। 

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Eight-month-pregnant woman dies of snakebite in Badaun
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव कौआनगला में बृहस्पतिवार सुबह सर्पदंश से आठ माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। घर में सुबह झाड़ू लगाने के दौरान महिला के पैर में सांप ने डस लिया था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

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गांव निवासी बेचेलाल की डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। उनकी पत्नी कुसमा आठ माह की गर्भवती थी। परिवार में खुशियों का आगमन होने वाला था। परिवार इसकी तैयारी भी कर रहा था। शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी कुसमा घर पर झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान एक विषैले सांप ने उन्हें डंस लिया। 
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देशी इलाज में गंवाया कीमती समय 
परिजन पहले उसकी देशी इलाज कराते रहे। उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसको राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। विवाहिता की मौत होने पर परिवार में चीख-पुकार मच गई। 
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सीओ उझानी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि विवाहिता की सर्पदंश से मौत की सूचना राजकीय मेडिकल कॉलेज से प्राप्त हुई। पंचनामा की कार्रवाई करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

एक माह बाद परिवार में गूंजने वाली थी किलकारी
बेचेलाल की पत्नी कुसमा आठ माह की गर्भवती थी। लगभग माह बाद परिवार में खुशियां आने वाली थी। परिवार इसके लिए तैयारियां भी कर रहा था। कुसमा के साथ उसके पति बेचेलाल भी परिवार में नए सदस्य के आने की तैयारी कर रहे थे। खुशियों आने के पहले ही सर्पदंश से कुसमा की मौत होने के बाद परिवार में मातम फैल गया।

सर्पदंश में झाड़-फूंक नहीं, तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के भरोसे समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में पीड़ित को बिना देरी नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपचार दिलाना सुरक्षित उपाय माना जाता है।
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