{"_id":"6a82138aa8be4b00d90010c4","slug":"female-students-said-their-health-deteriorated-after-eating-badaun-news-c-123-1-bdn1037-170910-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: छात्राएं बोलीं-खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: छात्राएं बोलीं-खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
विज्ञापन
प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दातागंज। आवासीय विद्यालय में कक्षा सात, नौ और 12वीं में पढ़ने वालीं सात छात्राओं की खाना खाने के बाद हालत बिगड़ने की सूचना पर परिजन भी शुक्रवार की रात विद्यालय पहुंच गए थे।
छात्रा प्रतीक्षा के चाचा दीपक ने बताया कि यहां खाना सही नहीं मिलता है, इस संबंध में भतीजी ने कई बार घर पर बताया था। आज भी किचिन में खाना खुला होने की बात सामने आई। भतीजी ने भी खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही। जब स्टाफ से पूछा तो उन्होंने हास्यास्पद बयान दिया, कहा कि एक छात्रा की तबीयत खराब देख अन्य की एक-दूसरे को देख तबीयत बिगड़ गई।
पेट दर्द व सांस की तकलीफ लेने से पीड़ित छात्रा प्रिया व राधिका ने खाना खाने के बाद पेट दर्द होने की बात कही। वहीं, यह बात भी सामने आई कि बिजली नहीं होने की वजह से छात्राओं ने गर्मी में खाना खाया था। उस दौरान पंखे नहीं चल रहे थे। चर्चा यहां तक है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्राओं के लिए स्पेशल व्यंजन बनाए गए थे। उसमें पनीर की सब्जी बनाने की भी चर्चा है।
विज्ञापन
घटना की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में छात्राओं को अच्छा खाना नहीं दिया जाता। कई बार बेटियां इस संबंध में शिकायत कर चुकीं थी। अभिभावकों का आरोप है कि रविवार को ही छात्राओं से मिलने दिया जाता है। मिलने के समय विद्यालय की शिक्षिका पास में रहती हैं, जो बेटी और अभिभावक की बातचीत पर नजर बनाए रखती हैं। इस कारण वह ज्यादा बात भी नहीं कर पाते।
आरोप है कि दोपहर 12 बजे मिलने वाला खाना शाम तीन बजे मिलता था। बेटियां खाना अच्छा न मिलने की बात अक्सर कहती थीं। एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि घटना होने के बाद एक जिम्मेदार किचिन में सफाई करने का निर्देश दे रहा था।
दो वर्ष पहले दूषित भोजन खाने से बीमार हो गई थीं 29 छात्राएं
दातागंज। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय में दो वर्ष पूर्व भी घटना हुई थी। 29 छात्राएं दूषित भोजन खाकर लंबे अरसे तक बीमार रही थीं। उस समय यह मामला शासन स्तर तक गरमाया था, जिले के उच्चाधिकारियों समेत शासन के एक मंत्री ने भी विद्यालय का दौरा किया था। जांच के लिए समिति भी बनी थी लेकिन कुछ समय मामला गर्म रहने के बाद ठंडे बस्ते में चला गया था। अब फिर उसी तरह की घटना की पुनरावृत्ति हो गई। इस बार 7 छात्राएं बीमार हुई हैं।
प्रधानाचार्य बोले-बिजली जाने से गर्मी से हालत बिगड़ी
आवासीय बालिका विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने बिजली जाने के कारण गर्मी से छात्राओं के बीमार होने का दावा किया। साथ ही बयान दिया कि तीन छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, जबकि सात छात्राएं सीएचसी पहुंची थीं। प्रधानाचार्य का बयान किसी के गले नहीं उतर रहा है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में बिजली की व्यवस्था सोलर पैनल से चल रही है। विद्यालय जंगल में बना हुआ है, इसलिए प्राकृतिक हवा हर समय मिलती रहती है। मान भी लिया जाए कि तकनीकी खराबी से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी तो बगैर तकनीकी व्यक्ति के आए ठीक कैसे हो गई। जब छात्राएं बीमार हुईं तो विद्यालय में बिजली व्यवस्था सुचारू थी, इसलिए गर्मी से तबीयत बिगड़ने वाले बयान पर प्रधानाचार्य पर लोग शंका जता रहे हैं। संवाद
नायब तहसीलदार को भी नहीं मिली एंट्री, सुरक्षा कर्मी भी थे नदारद
आवासीय विद्यालय में सामूहिक रूप से छात्राओं के बीमार होने की सूचना पर नायब तहसीलदार सतीश चंद्र रात में ही समरेर स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए। वहां अभिभावकों ने उनसे खराब भोजन देने की बात कही, इस बात को सुनकर वह विद्यालय परिसर में गए। मीडिया कर्मी भी विद्यालय में पहुंच गए। नायब तहसीलदार ने विद्यालय पहुंचकर काफी देर तक आवाज लगाई, लेकिन गेट नहीं खोला गया। चैनल के अंदर से छात्राएं जरूर कौतूहल से देखती रहीं। इस कारण उन्हें बिना जांच कर लौटना पड़ा। कैंपस के अंदर कोई सुरक्षाकर्मी भी नजर नहीं आया। गेट पर एक होमगार्ड बैठा हुआ था।
विज्ञापन
छात्रा प्रतीक्षा के चाचा दीपक ने बताया कि यहां खाना सही नहीं मिलता है, इस संबंध में भतीजी ने कई बार घर पर बताया था। आज भी किचिन में खाना खुला होने की बात सामने आई। भतीजी ने भी खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही। जब स्टाफ से पूछा तो उन्होंने हास्यास्पद बयान दिया, कहा कि एक छात्रा की तबीयत खराब देख अन्य की एक-दूसरे को देख तबीयत बिगड़ गई।
विज्ञापन
पेट दर्द व सांस की तकलीफ लेने से पीड़ित छात्रा प्रिया व राधिका ने खाना खाने के बाद पेट दर्द होने की बात कही। वहीं, यह बात भी सामने आई कि बिजली नहीं होने की वजह से छात्राओं ने गर्मी में खाना खाया था। उस दौरान पंखे नहीं चल रहे थे। चर्चा यहां तक है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्राओं के लिए स्पेशल व्यंजन बनाए गए थे। उसमें पनीर की सब्जी बनाने की भी चर्चा है।
विज्ञापन
घटना की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में छात्राओं को अच्छा खाना नहीं दिया जाता। कई बार बेटियां इस संबंध में शिकायत कर चुकीं थी। अभिभावकों का आरोप है कि रविवार को ही छात्राओं से मिलने दिया जाता है। मिलने के समय विद्यालय की शिक्षिका पास में रहती हैं, जो बेटी और अभिभावक की बातचीत पर नजर बनाए रखती हैं। इस कारण वह ज्यादा बात भी नहीं कर पाते।
आरोप है कि दोपहर 12 बजे मिलने वाला खाना शाम तीन बजे मिलता था। बेटियां खाना अच्छा न मिलने की बात अक्सर कहती थीं। एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि घटना होने के बाद एक जिम्मेदार किचिन में सफाई करने का निर्देश दे रहा था।
दो वर्ष पहले दूषित भोजन खाने से बीमार हो गई थीं 29 छात्राएं
दातागंज। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय में दो वर्ष पूर्व भी घटना हुई थी। 29 छात्राएं दूषित भोजन खाकर लंबे अरसे तक बीमार रही थीं। उस समय यह मामला शासन स्तर तक गरमाया था, जिले के उच्चाधिकारियों समेत शासन के एक मंत्री ने भी विद्यालय का दौरा किया था। जांच के लिए समिति भी बनी थी लेकिन कुछ समय मामला गर्म रहने के बाद ठंडे बस्ते में चला गया था। अब फिर उसी तरह की घटना की पुनरावृत्ति हो गई। इस बार 7 छात्राएं बीमार हुई हैं।
प्रधानाचार्य बोले-बिजली जाने से गर्मी से हालत बिगड़ी
आवासीय बालिका विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने बिजली जाने के कारण गर्मी से छात्राओं के बीमार होने का दावा किया। साथ ही बयान दिया कि तीन छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, जबकि सात छात्राएं सीएचसी पहुंची थीं। प्रधानाचार्य का बयान किसी के गले नहीं उतर रहा है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में बिजली की व्यवस्था सोलर पैनल से चल रही है। विद्यालय जंगल में बना हुआ है, इसलिए प्राकृतिक हवा हर समय मिलती रहती है। मान भी लिया जाए कि तकनीकी खराबी से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी तो बगैर तकनीकी व्यक्ति के आए ठीक कैसे हो गई। जब छात्राएं बीमार हुईं तो विद्यालय में बिजली व्यवस्था सुचारू थी, इसलिए गर्मी से तबीयत बिगड़ने वाले बयान पर प्रधानाचार्य पर लोग शंका जता रहे हैं। संवाद
नायब तहसीलदार को भी नहीं मिली एंट्री, सुरक्षा कर्मी भी थे नदारद
आवासीय विद्यालय में सामूहिक रूप से छात्राओं के बीमार होने की सूचना पर नायब तहसीलदार सतीश चंद्र रात में ही समरेर स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए। वहां अभिभावकों ने उनसे खराब भोजन देने की बात कही, इस बात को सुनकर वह विद्यालय परिसर में गए। मीडिया कर्मी भी विद्यालय में पहुंच गए। नायब तहसीलदार ने विद्यालय पहुंचकर काफी देर तक आवाज लगाई, लेकिन गेट नहीं खोला गया। चैनल के अंदर से छात्राएं जरूर कौतूहल से देखती रहीं। इस कारण उन्हें बिना जांच कर लौटना पड़ा। कैंपस के अंदर कोई सुरक्षाकर्मी भी नजर नहीं आया। गेट पर एक होमगार्ड बैठा हुआ था।

प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह। संवाद

प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह। संवाद

प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह। संवाद