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Budaun News: खाना खाते ही सात छात्राओं की बिगड़ गई तबीयत
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दातागंज। समरेर ब्लॉक के जय नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार की रात भोजन करने के बाद सात छात्राओं की हालत बिगड़ गई। पेट दर्द और सांस लेने की तकतीफ होने पर विद्यालय में खलबली मच गई। प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने एंबुलेंस बुलाकर छात्राओं को समरेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां जांच के बाद दो छात्राओं को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अधिकारियों ने गर्मी की वजह से तबीयत बिगड़ने की बात कही है। वहीं विद्यालय पहुंचे अभिभावकों ने खराब खाना देने की वजह से फूड प्वाइजनिंग होने का शक जताया। मामले की जांच के लिए डीएम अवनीश राय ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गै।
शनिवार की रात 9 बजे खाना खाने के बाद सोनम (15) पुत्री सतेंद्र, प्रतीक्षा (13) पुत्री संजीव कुमार, राधिका (15) पुत्री नेत्रपाल, दिव्यांशी (18) पुत्री रामदास, राधिका (16) पुत्री हरीश, प्रिया (16) पुत्री अवधेश और प्रतिष्ठा (17) पुत्री रामदास की हालत बिगड़ गई। सूचना पर छात्राओं के अभिभावक भी विद्यालय पहुंच गए। सभी ने विद्यालय प्रबंधन पर छात्राओं को खराब खाना देने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि कई बार छात्राओं को दोपहर का भोजन निर्धारित समय के बजाय शाम के वक्त दिया जाता है।
सूचना मिलने पर डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार सतीश चंद्र सहित अन्य अधिकारी रात में ही विद्यालय पहुंच गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। इधर, सीएचसी से विद्यालय की 12वीं की छात्रा प्रिया और आठवीं की छात्रा राधिका को डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। तबीयत ठीक होने पर दोनों छात्राओं को उनके परिजन रविवार सुबह घर ले गए।
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वहीं सीएचसी के चिकित्सकों ने तीन अन्य छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद वापस स्कूल भेज दिया। सीएचसी में दो छात्राओं का देर रात तक उपचार हुआ। इसके बाद परिजन अन्य जगह इलाज कराने की बात कहते हुए दोनों को अपने साथ ले गए।
इधर, विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली चले जाने की वजह से पंखे नहीं चले थे। गर्मी ज्यादा हो रही थी। उमस भरी गर्मी की वजह से छात्राओं को दिक्कत हुई। वहीं, सीएचसी के डॉ. लिकमा राम ने पहले सांस लेने में दिक्कत होने के लक्षण बताए, जबकि छात्राओं ने पेट में दर्द की होने की बात कही थी।
सीएमओ ने डॉक्टरों से मांगी रिपोर्ट
बदायूं। जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं की हालत खराब होने के मामले में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। समरेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मी दीप ने कहा कि जब बच्चियां लाई गईं, तब उन्हें घबराहट हो रही थी। उन्होंने सांस लेने में दिक्कत बताई थी। दो को ज्यादा दिक्कत हो रही थी, इसलिए उनको राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। यहां पर भर्ती बच्चियों की तबीयत सही होने पर उनका डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने मामले की रिपोर्ट सीएचसी से मांगी है। उनका कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इन बच्चियों को क्या दिक्कत हुई है। संवाद
दो छात्राएं देर रात अपने अभिभावकों के साथ आई थीं। सीने में दर्द बताया गया था। उनको भर्ती करके इलाज किया गया। रविवार सुबह सही होने पर वह भी डिस्चार्ज होकर अपने परिजनों के साथ चली गईं। -शिव कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
शनिवार को स्कूल में मौजूद 255 छात्राओं ने एक साथ खाना खाया था। सिर्फ सात ही हालत बिगड़ी, इसलिए फूड प्वाइजिंग जैसी कोई बात नजर नहीं आ रही। प्रारंभिक जांच में छात्राओं की तबीयत मौसम गर्म होने की वजह से बिगड़ने की बात सामने आई है। फिर भी जांच कराने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम अपनी रिपोर्ट तीन दिन में देगी। - अवनीश राय, डीएम
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शनिवार की रात 9 बजे खाना खाने के बाद सोनम (15) पुत्री सतेंद्र, प्रतीक्षा (13) पुत्री संजीव कुमार, राधिका (15) पुत्री नेत्रपाल, दिव्यांशी (18) पुत्री रामदास, राधिका (16) पुत्री हरीश, प्रिया (16) पुत्री अवधेश और प्रतिष्ठा (17) पुत्री रामदास की हालत बिगड़ गई। सूचना पर छात्राओं के अभिभावक भी विद्यालय पहुंच गए। सभी ने विद्यालय प्रबंधन पर छात्राओं को खराब खाना देने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि कई बार छात्राओं को दोपहर का भोजन निर्धारित समय के बजाय शाम के वक्त दिया जाता है।
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सूचना मिलने पर डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार सतीश चंद्र सहित अन्य अधिकारी रात में ही विद्यालय पहुंच गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। इधर, सीएचसी से विद्यालय की 12वीं की छात्रा प्रिया और आठवीं की छात्रा राधिका को डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। तबीयत ठीक होने पर दोनों छात्राओं को उनके परिजन रविवार सुबह घर ले गए।
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वहीं सीएचसी के चिकित्सकों ने तीन अन्य छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद वापस स्कूल भेज दिया। सीएचसी में दो छात्राओं का देर रात तक उपचार हुआ। इसके बाद परिजन अन्य जगह इलाज कराने की बात कहते हुए दोनों को अपने साथ ले गए।
इधर, विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली चले जाने की वजह से पंखे नहीं चले थे। गर्मी ज्यादा हो रही थी। उमस भरी गर्मी की वजह से छात्राओं को दिक्कत हुई। वहीं, सीएचसी के डॉ. लिकमा राम ने पहले सांस लेने में दिक्कत होने के लक्षण बताए, जबकि छात्राओं ने पेट में दर्द की होने की बात कही थी।
सीएमओ ने डॉक्टरों से मांगी रिपोर्ट
बदायूं। जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं की हालत खराब होने के मामले में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। समरेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मी दीप ने कहा कि जब बच्चियां लाई गईं, तब उन्हें घबराहट हो रही थी। उन्होंने सांस लेने में दिक्कत बताई थी। दो को ज्यादा दिक्कत हो रही थी, इसलिए उनको राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। यहां पर भर्ती बच्चियों की तबीयत सही होने पर उनका डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने मामले की रिपोर्ट सीएचसी से मांगी है। उनका कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इन बच्चियों को क्या दिक्कत हुई है। संवाद
दो छात्राएं देर रात अपने अभिभावकों के साथ आई थीं। सीने में दर्द बताया गया था। उनको भर्ती करके इलाज किया गया। रविवार सुबह सही होने पर वह भी डिस्चार्ज होकर अपने परिजनों के साथ चली गईं। -शिव कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
शनिवार को स्कूल में मौजूद 255 छात्राओं ने एक साथ खाना खाया था। सिर्फ सात ही हालत बिगड़ी, इसलिए फूड प्वाइजिंग जैसी कोई बात नजर नहीं आ रही। प्रारंभिक जांच में छात्राओं की तबीयत मौसम गर्म होने की वजह से बिगड़ने की बात सामने आई है। फिर भी जांच कराने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम अपनी रिपोर्ट तीन दिन में देगी। - अवनीश राय, डीएम