UP: बदायूं में गंगा दशहरा पर पांच श्रद्धालुओं की मौत, अलग-अलग घाटों पर हुए हादसे; 20 लोग बचाए गए
बदायूं में सोमवार को गंगा दशहरा स्नान के दौरान कछला और अटैना घाटों पर पांच श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई। कुल 25 श्रद्धालु बह गए थे, जिनमें से 20 को बचा लिया गया।
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कछला गंगा घाट पर पहला हादसा सोमवार सुबह करीब नौ बजे रेलवे पुल से करीब आधा किलोमीटर दूर ढकनगला की ओर हुआ। हाथरस जिले में हसायन थाना क्षेत्र के गांव कानऊ निवासी ओमवीर के परिवार के लोग रिश्तेदारों के साथ गंगा नहाने के लिए उस ओर बढ़ गए। डुबकी लगाते समय ओमवीर का 15 वर्षीय बेटा नीलेश और उसकी ममेरी बहन पड़ोसी गांव पिछैती निवासी शिखा (12) पुत्री नेत्रपाल गहरे पानी में चली गई।
किशोरी की तलाश जारी
परिवार के लोगों में विकास, छाया और कौशल उन्हें पकड़ने के आगे बढ़े तो वह भी छटपटाने लगे। विकास, कौशल और छाया तो बच गए, लेकिन नीलेश और शिखा बह गई। गोताखोरों ने करीब एक घंटे के मशक्कत के बाद नीलेश का शव खोज निकाला। शिखा की तलाश की जा रही है।
राजकुमार का शव बरामद
कछला पुल के पास ही गंगा स्नान करते समय सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सिरसा दबरई निवासी राजकुमार (18 वर्ष) पुत्र नेकराम और उसका दोस्त सूरज (25 वर्ष) पुत्र दानवीर बह गए। सूरज को पुलिसकर्मियों ने बाहर निकाल लिया, लेकिन राजकुमार की मौत हो गई। देर शाम उसका शव बरामद हो सका।
दोपहर में अपने दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने कछला घाट पर पहुंचे हाथरस जिले के मुरसान निवासी रोहित (20) पुत्र ननकेश भी गंगा की तेज धार में गहने लगे। दोस्त मोनू और रितिक ने उन्हें बचाने की कोशिश भी की, लेकिन पता नहीं लग पाया। करीब आधा घंटे के मशक्कत के बाद गोताखोरों ने रोहित को खोज निकाला। बेहोशी की हालत में उसे उझानी अस्पताल लाया गया। इलाज को राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
गंगा स्नान के दौरान हादसों की सूचना के बाद डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा भी कछला घाट पर पहुंचे। उन्होंने लापता शिखा और राजकुमार की तलाश के लिए पीएसी के गोताखोरों को लगा दिया। कछला चौकी के प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हादसों के दौरान 25 श्रद्धालु बहे थे, जिनमें 21 को गोताखोरों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया है।
गोताखोरों की कोशिश से बची इन श्रद्धालुओं की जान
कछला गंगाघाट पर हादसों के दौरान जिन श्रद्धालुओं की जान बची, उनमें में हाथरस जिले के रामकेश, आनंद कुमार, प्रेमशंकर, रितिक, रोशनलाल, मुरादाबाद जिले की रानी और पिंकी, राजस्थान के नंदकिशोर, प्यारी देवी, गौरव पटेल, शोभित श्रीवास्तव, रतन लाल, नाहर सिंह और राजीव रंजन, एटा जिले में सिकंदरपुर निवासी आकाश तिवारी, प्रकाश और मुन्नीदेवी, मूसाझाग की अनीता देवी, प्रिंस राजपूत शामिल हैं।
अटैना घाट पर गंगा में दो युवकों की डूबकर मौत
उसहैत इलाके में गंगा स्नान के लिए आए दो युवकों की अटैना गंगाघाट के पास डूबकर मौत हो गई। ये दुखद घटनाएं रविवार को सुबह और दोपहर में हुईं। पुलिस ने दोनों युवकों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पहली घटना सुबह करीब 11:30 बजे की है। मैनपुरी जिले के हुसैनपुर गांव का निवासी पिंटू (18) अपने भाई अजय और एक दोस्त के साथ गंगा नहाने आया था।
नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसके साथियों ने कुछ दूर खड़ी पुलिस को तुरंत सूचना दी। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह मोटर बोट और गोताखोरों के साथ उसे बचाने मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पिंटू की मौत हो चुकी थी। यह दुर्घटना अटैना गंगा घाट से लगभग 500 मीटर पूर्व की ओर गंगा के उस पार हुई थी, जहां पुलिस की तैनाती नहीं थी।
भंवर में फंसकर डूबा अनुपम
दूसरी घटना दोपहर करीब तीन बजे हुई। फर्रुखाबाद जिले के न्यौनेहरा गांव का अनुपम (18) अपने मामा जितेंद्र के साथ गंगा स्नान कर रहा था। दोनों मामा-भांजे गंगा को तैरकर पार करने का प्रयास कर रहे थे। बीच धारा में पहुंचने पर अनुपम अचानक एक भंवर में फंस गया। भंवर में फंसने से वह गहरे पानी में चला गया और उसकी डूबकर मौत हो गई।
थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने दोनों युवकों की डूबने से हुई मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सुबह वाली दुर्घटना गंगा के उस पार हुई थी, जबकि पुलिस की तैनाती इस ओर थी। दोपहर वाली घटना में मामा-भांजे गंगा को तैरकर पार कर रहे थे। पुलिस ने दोनों शवों को बरामद कर लिया है। आगे की जांच जारी है।
डीएम अवनीश राय ने बताया कि गंगा नदी में स्नान करते समय श्रद्धालु गहरे पानी में चले गए, इसी के चलते हादसे हुए हैं। बचाव राहत कार्यों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। गंगा घाटों के किनारे पार्किंग,प्रकाश, शौचालय , साफ सफाई , गोताखोरों, सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था की गई है।