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Budaun News: गर्मी का कहर, बीमार पड़ी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 21 May 2026 01:55 AM IST
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दोपहर के समय बदायूं-उझानी हाईवे पर पसरा सन्नाटा। संवाद
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बदायूं। जिले में भीषण गर्मी अब लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। पिछले 10 दिनों में तापमान सात डिग्री तक बढ़ चुका है और तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया है। दिन ही नहीं रात में भी गर्म हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही। हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कें सूनी पड़ जा रही हैं। इस बीच आम लोगों को राहत देने के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर रोडवेज बस स्टैंड और नगर पालिका तक व्यवस्थाओं की पोल खुलती दिखाई दे रही है।
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सरकारी अस्पतालों में गर्मी से मरीज परेशान
फोटो-34
-भीषण गर्मी के बीच जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन अस्पताल में गर्मी से राहत देने के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे। जनरल वार्ड, हड्डी समेत आदि वार्ड में लगे पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं। जबकि कुछ स्थानों पर कूलर भी ठीक से काम नहीं कर रहे। जिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। ओपीडी के बाहर सुबह से लेकर दोपहर लंबी कतारों में खड़े मरीज और उनके परिजन पसीने से तरबतर दिखाई देते हैं। तीमारदार नरेश कुमार, मोहन स्वरुप का कहना है कि गर्मी लगातार बढ़ रही है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए जा रहे। पंखे गर्म हवाएं दे रहे हैं, मरीजों के लिए कूलर आदि की व्यवस्थाएं कर दें ताकि मरीजों, तीमारदार को आराम मिल सके।
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रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर यात्री बेहाल
फोटो-35
-गर्मी का सबसे ज्यादा असर रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंडों पर दिखाई दे रहा है। सफर के लिए घंटों इंतजार कर रहे यात्रियों को तेज धूप और उमस के बीच भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बस स्टैंडों पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त छायादार व्यवस्था नहीं है। बुधवार दोपहर 12:15 पर यात्री उसावां के मुनेंद्र कश्यप, बिसौली राहुल शर्मा ने बताया कि दोपहर के समय यात्री शेड भट्ठी की तरह गर्म हो जाते हैं। ठंडे पानी और कूलर की पर्याप्त व्यवस्था न होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान नजर आते हैं। यात्रियों का कहना है कि गर्मी हर साल बढ़ती है, लेकिन बस स्टैंडों पर सुविधाएं जस की तस बनी हुई हैं। लोगों ने प्रशासन से अतिरिक्त पंखे, यात्रियों को गर्मी में बैठने के लिए कमरा और ठंडे पानी की व्यवस्था की जाए।
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पालिका के शीतल जल प्याऊ खुद प्यासे
फोटो-
-नगर पालिका की ओर से शहर में लगाए गए शीतल जल प्याऊ भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के बजाय शोपीस बनकर रह गए हैं। हालत यह है कि नगर पालिका के पास, नेकपुर गली नंबर एक आंबेडकर पार्क, विकास भवन आदि में जो सिस्टम लगे हैं, केवल नाम के लिए लगे हैं, जो कभी भी पानी नहीं देते है, जबकि लोगों को यहां पर आना जाना हमेशा लगा रहता है। कुछ जगहों पर साफ-सफाई की स्थिति खराब है। भीषण गर्मी में राहगीरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं। राम कुमार, मोहम्मद इकबाल का कहना है कि हर साल गर्मियों में शीतल जल प्याऊ लगाए जाते हैं, लेकिन उनकी नियमित देखरेख नहीं होती। इसी के चलते प्याऊ का लाभ नहीं मिल रहा है।
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वर्जन-- -
-गर्मी में घरों से निकलने से पहले लोग एहतियात जरूर बरतें। धूप के संपर्क में सीधे आने से बचें। वहीं, जो भी शीतल जल प्याऊ खराब है। उनको सही कराने के निर्देश सभी ईओ को दे दिए हैं। जिससे लोगों को परेशानी न हो।
-अरूण कुमार, एडीएम प्रशासन
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45 डिग्री पार पहुंचा तापमान, दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में बढ़ाई तैयारी, अलग वार्ड व बेड आरक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लू का खतरा गहराने लगा है। बदलते मौसम के इस तेवर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लू के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में दो-दो बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इन बेड पर विशेष रूप से हीट स्ट्रोक और लू से प्रभावित मरीजों को तत्काल भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। जिला अस्पताल में भी तैयारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यहां लू से प्रभावित मरीजों के लिए अलग से एक वार्ड बनाया गया है। इसमें पर्याप्त बेड, कूलिंग व्यवस्था और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। डॉक्टरों ने आम लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को ढककर ही बाहर निकलें।
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लू से बचाव के उपाय
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दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें
ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
सिर को गमछा या टोपी से ढककर निकलें
खाली पेट बाहर न जाएं
लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
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लू के प्रमुख लक्षण
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तेज बुखार और सिरदर्द
चक्कर आना और कमजोरी
उल्टी या मितली
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
बेहोशी की स्थिति
सरकारी अस्पतालों में गर्मी से मरीज परेशान
फोटो-34
-भीषण गर्मी के बीच जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन अस्पताल में गर्मी से राहत देने के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे। जनरल वार्ड, हड्डी समेत आदि वार्ड में लगे पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं। जबकि कुछ स्थानों पर कूलर भी ठीक से काम नहीं कर रहे। जिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। ओपीडी के बाहर सुबह से लेकर दोपहर लंबी कतारों में खड़े मरीज और उनके परिजन पसीने से तरबतर दिखाई देते हैं। तीमारदार नरेश कुमार, मोहन स्वरुप का कहना है कि गर्मी लगातार बढ़ रही है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए जा रहे। पंखे गर्म हवाएं दे रहे हैं, मरीजों के लिए कूलर आदि की व्यवस्थाएं कर दें ताकि मरीजों, तीमारदार को आराम मिल सके।
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रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर यात्री बेहाल
फोटो-35
-गर्मी का सबसे ज्यादा असर रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंडों पर दिखाई दे रहा है। सफर के लिए घंटों इंतजार कर रहे यात्रियों को तेज धूप और उमस के बीच भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बस स्टैंडों पर यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त छायादार व्यवस्था नहीं है। बुधवार दोपहर 12:15 पर यात्री उसावां के मुनेंद्र कश्यप, बिसौली राहुल शर्मा ने बताया कि दोपहर के समय यात्री शेड भट्ठी की तरह गर्म हो जाते हैं। ठंडे पानी और कूलर की पर्याप्त व्यवस्था न होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान नजर आते हैं। यात्रियों का कहना है कि गर्मी हर साल बढ़ती है, लेकिन बस स्टैंडों पर सुविधाएं जस की तस बनी हुई हैं। लोगों ने प्रशासन से अतिरिक्त पंखे, यात्रियों को गर्मी में बैठने के लिए कमरा और ठंडे पानी की व्यवस्था की जाए।
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फोटो-
-नगर पालिका की ओर से शहर में लगाए गए शीतल जल प्याऊ भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के बजाय शोपीस बनकर रह गए हैं। हालत यह है कि नगर पालिका के पास, नेकपुर गली नंबर एक आंबेडकर पार्क, विकास भवन आदि में जो सिस्टम लगे हैं, केवल नाम के लिए लगे हैं, जो कभी भी पानी नहीं देते है, जबकि लोगों को यहां पर आना जाना हमेशा लगा रहता है। कुछ जगहों पर साफ-सफाई की स्थिति खराब है। भीषण गर्मी में राहगीरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं। राम कुमार, मोहम्मद इकबाल का कहना है कि हर साल गर्मियों में शीतल जल प्याऊ लगाए जाते हैं, लेकिन उनकी नियमित देखरेख नहीं होती। इसी के चलते प्याऊ का लाभ नहीं मिल रहा है।
वर्जन
-गर्मी में घरों से निकलने से पहले लोग एहतियात जरूर बरतें। धूप के संपर्क में सीधे आने से बचें। वहीं, जो भी शीतल जल प्याऊ खराब है। उनको सही कराने के निर्देश सभी ईओ को दे दिए हैं। जिससे लोगों को परेशानी न हो।
-अरूण कुमार, एडीएम प्रशासन
45 डिग्री पार पहुंचा तापमान, दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में बढ़ाई तैयारी, अलग वार्ड व बेड आरक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लू का खतरा गहराने लगा है। बदलते मौसम के इस तेवर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लू के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में दो-दो बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इन बेड पर विशेष रूप से हीट स्ट्रोक और लू से प्रभावित मरीजों को तत्काल भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। जिला अस्पताल में भी तैयारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यहां लू से प्रभावित मरीजों के लिए अलग से एक वार्ड बनाया गया है। इसमें पर्याप्त बेड, कूलिंग व्यवस्था और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। डॉक्टरों ने आम लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को ढककर ही बाहर निकलें।
लू से बचाव के उपाय
दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें
ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
सिर को गमछा या टोपी से ढककर निकलें
खाली पेट बाहर न जाएं
लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
लू के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार और सिरदर्द
चक्कर आना और कमजोरी
उल्टी या मितली
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
बेहोशी की स्थिति

दोपहर के समय बदायूं-उझानी हाईवे पर पसरा सन्नाटा। संवाद

दोपहर के समय बदायूं-उझानी हाईवे पर पसरा सन्नाटा। संवाद

दोपहर के समय बदायूं-उझानी हाईवे पर पसरा सन्नाटा। संवाद

दोपहर के समय बदायूं-उझानी हाईवे पर पसरा सन्नाटा। संवाद