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Budaun News: चार साल में सबसे कमजोर रहा हाईस्कूल का परिणाम, इंटर में बढ़ी सफलता दर
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बदायूं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम घोषित होने के साथ ही छात्र-छात्राओं का इंतजार समाप्त हो गया। इस बार जिले का परिणाम मिश्रित रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, हाईस्कूल का परिणाम पिछले चार वर्षों की तुलना में गिर गया है, वहीं इंटरमीडिएट में लगातार सुधार दर्ज किया गया है।
वर्ष 2026 में हाईस्कूल की परीक्षा के लिए जिले से कुल 37,369 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें से 34,925 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 31,223 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए। इस प्रकार हाईस्कूल का कुल परिणाम 89.40 प्रतिशत रहा। हालांकि यह प्रतिशत सामान्य रूप से बेहतर माना जा सकता है, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़ों से तुलना करें तो यह गिरावट का संकेत देता है।
वर्ष 2023 में हाईस्कूल का परिणाम 89.97 प्रतिशत, वर्ष 2024 में 89.90 प्रतिशत और वर्ष 2025 में 89.94 प्रतिशत रहा था। लगातार तीन वर्षों तक 89.90 प्रतिशत से ऊपर रहने के बाद इस बार 89.40 प्रतिशत पर आ जाना शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। प्रदेश स्तर पर भी जिले का प्रदर्शन कमजोर रहा और उसे 51वां स्थान मिला है।
वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इस वर्ष इंटरमीडिएट में 30,736 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें से 29,676 ने परीक्षा दी। इनमें 23,808 छात्र-छात्राएं सफल हुए, जिससे कुल परिणाम 80.23 प्रतिशत दर्ज किया गया। इंटरमीडिएट के परिणाम में पिछले वर्षों की तुलना में लगातार सुधार देखा जा रहा है। वर्ष 2023 में परिणाम 77.11 प्रतिशत रहा था। जो 2024 में बढ़कर 79.96 प्रतिशत हो गया।
वर्ष 2025 में यह 79.89 प्रतिशत रहा और इस बार 80.23 प्रतिशत तक पहुंच गया। इस सुधार के चलते जिले को प्रदेश में 46वां स्थान प्राप्त हुआ है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। इंटरमीडिएट के छात्रों में जहां खुशी का माहौल रहा। वहीं, हाईस्कूल के परिणाम ने कुछ हद तक निराशा भी बढ़ाई है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाईस्कूल स्तर पर पढ़ाई की गुणवत्ता और परीक्षा तैयारी पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं, इंटरमीडिएट में सुधार यह संकेत देता है कि उच्च कक्षाओं में पढ़ाई का स्तर बेहतर हो रहा है। (संवाद)
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वर्ष 2026 में हाईस्कूल की परीक्षा के लिए जिले से कुल 37,369 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें से 34,925 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 31,223 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए। इस प्रकार हाईस्कूल का कुल परिणाम 89.40 प्रतिशत रहा। हालांकि यह प्रतिशत सामान्य रूप से बेहतर माना जा सकता है, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़ों से तुलना करें तो यह गिरावट का संकेत देता है।
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वर्ष 2023 में हाईस्कूल का परिणाम 89.97 प्रतिशत, वर्ष 2024 में 89.90 प्रतिशत और वर्ष 2025 में 89.94 प्रतिशत रहा था। लगातार तीन वर्षों तक 89.90 प्रतिशत से ऊपर रहने के बाद इस बार 89.40 प्रतिशत पर आ जाना शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। प्रदेश स्तर पर भी जिले का प्रदर्शन कमजोर रहा और उसे 51वां स्थान मिला है।
वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इस वर्ष इंटरमीडिएट में 30,736 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें से 29,676 ने परीक्षा दी। इनमें 23,808 छात्र-छात्राएं सफल हुए, जिससे कुल परिणाम 80.23 प्रतिशत दर्ज किया गया। इंटरमीडिएट के परिणाम में पिछले वर्षों की तुलना में लगातार सुधार देखा जा रहा है। वर्ष 2023 में परिणाम 77.11 प्रतिशत रहा था। जो 2024 में बढ़कर 79.96 प्रतिशत हो गया।
वर्ष 2025 में यह 79.89 प्रतिशत रहा और इस बार 80.23 प्रतिशत तक पहुंच गया। इस सुधार के चलते जिले को प्रदेश में 46वां स्थान प्राप्त हुआ है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। इंटरमीडिएट के छात्रों में जहां खुशी का माहौल रहा। वहीं, हाईस्कूल के परिणाम ने कुछ हद तक निराशा भी बढ़ाई है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाईस्कूल स्तर पर पढ़ाई की गुणवत्ता और परीक्षा तैयारी पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं, इंटरमीडिएट में सुधार यह संकेत देता है कि उच्च कक्षाओं में पढ़ाई का स्तर बेहतर हो रहा है। (संवाद)

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