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Budaun News: आशा भोसले से जुड़ी रहेंगी सहसवान घराने और शकील बदायूंनी की करीबियां

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 01:12 AM IST
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The close ties between the Sahaswan Gharana and Shakeel Badayuni will remain linked to Asha Bhosle.
अशोक खुराना
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बदायूं। सुरीली आवाज की मल्लिका आशा भोसले बदायूं भले ही न आईं हों, लेकिन यहां के कलाकारों से उनकी करीबियां कभी भुलाई नहीं जा सकेंगी। सहसवान घराने के संगीत से उन्होंने अपनी आवाज को सुर दिए। फिर संगीत जगत में ऐसी पहचान बनाई जो बरसों-बरस लोगों के जहन में समाई रहेगी। शकील बदायूंनी से भी उनके यादगार संबंध रहे हैं। दोनों ने गोदरेज और दोराहा जैसी फिल्मों में काम भी किया।
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सहसवान घराने के उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान ने आशा भोसले को संगीत और गायन में प्रशिक्षित किया, जिससे उनके गायन में शास्त्रीय शुद्धता आई। इसी के जरिए वह शास्त्रीय संगीत पर आधारित उमराव जान की गजलें सहजता से गा सकीं। शकील बदायूंनी ने भी उनकी आवाज के लिए कई हिंदी फिल्मी के लिए गीत लिखे और उनके साथ गाने भी गाए। यही वजह है कि उनके निधन से साहित्य और संगीत से जुड़े बदायूं के लोग गमजदा हैं।
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यहां बता दें कि दिग्गज शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के शागिर्दों में आशा भोसले के अलावा लता मंगेशकर, हरिहरन, शान, सोनू निगम, एआर रहमान, गीता दत्त जैसे प्रसिद्ध गायकों के नाम आते हैं। उनकी शागिर्दी में आशा भोंसले ने 1948 में अपना पहला गीत फिल्म चुनरिया में गाया था।

----स्वर साम्राज्ञी की उपलब्धियां हमेशा रहेंगी याद----
20 भाषाओं में हजारों गीत गाने वालीं आशा भोसले के रूप में एक आवाज शांत हो गई। मानो संगीत की आत्मा ने विदा ले ली हो। सहसवान घराने के दिशा-निर्देशन में स्वर-साम्राज्ञी उनकी उपलब्धियां हमेशा याद रखी जाएंगी। -अशोक खुराना, साहित्यकार-समाजसेवी, बदायूं



आशा भोसले जैसे गायक कलाकार लंबे समय बाद ही दुनिया को मिल पाते हैं। जबतक दुनिया कायम है, तब तक उनके गाये गीत गूंजते रहेंगे। सहसवान घराने से उनका गुरू-शिष्य का संबंध भी उनकी यादों के साथ हमेशा बना रहेगा। -मुज्तबा हसन सितार वादक, सहसवान घराना, बदायूं


अपनी बात करूं, तो मैंने उनकी गायकी से सीखने की कोशिशों में उनके अति पॉपुलर गीतों को फॉलो न करके उनकी गजलों को सुना और गाया।बहुत कठिन है उनके गाये हुए को गा पाना। चाहे वो सुनने में सरल क्यों न लगे। उनकी गायकी को हमेशा अपना संबल बनाए रखूंगी। -सोनरूपा विशाल, कवियत्री, बदायूं


आगामी पीढ़ियों के स्वरों में गुनगुनाएगी आवाज
आज गायन की गलियों का एक राही (आशा भोसले जी) हमेशा के लिए शांत हो गया। उस्ताद अमानत अली खान, अमीर खान और सचिन देव बर्मन के संरक्षण में उनके गायन की तालीम ने निरंतर ही निखार पाया। आज वही सितारा हमारे बीच टूट गया, उनका प्रकाश आज हमेशा के लिए तिमिर हो गया। मैं आशा भोसले जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देती हूं। आशा जी आपकी आवाज की मधुर धुन हमेशा ही संगीत प्रेमियों के दिल में जीवित रहेगी तथा आगामी पीढ़ियों के स्वरों में गुनगुनाएगी। - प्रीति अरोरा, लेखिका, बदायूं

अशोक खुराना

अशोक खुराना

अशोक खुराना

अशोक खुराना

अशोक खुराना

अशोक खुराना

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