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Budaun News: जानलेवा हमले में दो दोषियों को दस-दस साल की कैद
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बदायूं। जानलेवा हमले के मामले में दो आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने दोषी करार दिया है। दोनों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
संभल के थाना गुन्नौर का गांव गढि़या पहले बदायूं का ही हिस्सा था। यहां की रहने वाली कमलेश ने 12 जुलाई 2014 को गुन्नौर पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में कहा कि पति रामेश्वर उसको दवा दिलाकर 11 जुलाई को घर लौट रहे थे। गांव के बाहर मोहल्ले के ही नेकसे ने उनको रोक लिया। उसके साथ उसका भाई ओमकार, हेमपाल व लालू भी थे। इसके बाद वह अकेली ही घर चली गई।
रात करीब 11:30 बजे घर के बाहर सभी लोग थे। इसी दौरान नेकसे ने पति को गोली मार दी, जो उनकी ठोड़ी में लगी। गोली की आवाज सुनकर वह व उसका बेटा दुर्वेश भागकर मौके पर पहुंचे तो चारों भागते दिखे। पति को लेकर वह सीधे थाने पहुंची तो पुलिस ने इलाज के लिए उन्हें अस्पताल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा 307 में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचक ने विवेचना शुरू की और आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र 27 अक्तूबर 2014 को कोर्ट में दाखिल किया गया। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता व विपक्षी अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद लालू व हेमपाल को सजा सुनाई। एडीजीसी ने बताया कि नेकसे पुत्र मलखान की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड चंदाैसी में चल रही है। वहीं ओमकार की विचारण के दौरान मौत हो चुकी है।
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संभल के थाना गुन्नौर का गांव गढि़या पहले बदायूं का ही हिस्सा था। यहां की रहने वाली कमलेश ने 12 जुलाई 2014 को गुन्नौर पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में कहा कि पति रामेश्वर उसको दवा दिलाकर 11 जुलाई को घर लौट रहे थे। गांव के बाहर मोहल्ले के ही नेकसे ने उनको रोक लिया। उसके साथ उसका भाई ओमकार, हेमपाल व लालू भी थे। इसके बाद वह अकेली ही घर चली गई।
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रात करीब 11:30 बजे घर के बाहर सभी लोग थे। इसी दौरान नेकसे ने पति को गोली मार दी, जो उनकी ठोड़ी में लगी। गोली की आवाज सुनकर वह व उसका बेटा दुर्वेश भागकर मौके पर पहुंचे तो चारों भागते दिखे। पति को लेकर वह सीधे थाने पहुंची तो पुलिस ने इलाज के लिए उन्हें अस्पताल भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा 307 में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचक ने विवेचना शुरू की और आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र 27 अक्तूबर 2014 को कोर्ट में दाखिल किया गया। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता व विपक्षी अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद लालू व हेमपाल को सजा सुनाई। एडीजीसी ने बताया कि नेकसे पुत्र मलखान की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड चंदाैसी में चल रही है। वहीं ओमकार की विचारण के दौरान मौत हो चुकी है।
