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Budaun News: वाहन लेने में आगे, लेकिन लाइसेंस बनवाने में महिलाएं पीछे
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बदायूं। महिलाएं कार और दोपहिया वाहन खरीदने में तो आगे हैं, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने में पीछे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, हर साल पंजीकृत होने वाले लगभग 18 फीसदी वाहन महिलाओं के नाम दर्ज हैं, लेकिन पिछले एक साल में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या नौ फीसदी है।
जिले में हर साल करीब तीन से चार हजार ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। इसे बनवाने में जिले की महिलाएं पुरुषों के मुकाबले काफी पीछे हैं। जनवरी से लेकर दिसंबर तक सिर्फ 637 महिलाओं ने ही लाइसेंस बनवाया है, जबकि पुरुषों की संख्या 18,024 है।
उप संभागीय विभाग के आंकड़़ों के अनुसार, जिले में एक साल में 12 सौ से अधिक महिलाओं के नाम से वाहन पंजीकृत हुए। दोपहिया वाहन, कार यहां तक कि व्यावसायिक वाहन भी महिलाओं के नाम पंजीकृत हैं। इसकी अपेक्षा महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस मात्र 637 ही बने हैं। वहीं इस अवधि में पुरुषों ने 880 वाहन खरीदे।
पांच हजार रुपये होता है जुर्माना
एआरटीओ के अनुसार, बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर अधिकतम पांच हजार रुपये का जुर्माना होता है। यदि चालक के पास डीएल नहीं है तो दुर्घटना होने की स्थिति में बीमा क्लेम भी नहीं मिलता। बता दें कि जिले में 13 लाख से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस पंजीकृत हैं। 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर तक 18,024 पुरुष तो 637 महिलाओं ने अपने डीएल बनवाए हैं।
महिलाओं के नाम वाहन भले ही पंजीकृत हों, लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या काफी कम है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं ही लाइसेंस बनवाने पर ध्यान देती हैं। महिलाओं में जागरूकता लाने की जरूरत है।- हरिओम कुमार, उप संभागीय परिवहन अधिकारी, प्रवर्तन
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जिले में हर साल करीब तीन से चार हजार ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। इसे बनवाने में जिले की महिलाएं पुरुषों के मुकाबले काफी पीछे हैं। जनवरी से लेकर दिसंबर तक सिर्फ 637 महिलाओं ने ही लाइसेंस बनवाया है, जबकि पुरुषों की संख्या 18,024 है।
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उप संभागीय विभाग के आंकड़़ों के अनुसार, जिले में एक साल में 12 सौ से अधिक महिलाओं के नाम से वाहन पंजीकृत हुए। दोपहिया वाहन, कार यहां तक कि व्यावसायिक वाहन भी महिलाओं के नाम पंजीकृत हैं। इसकी अपेक्षा महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस मात्र 637 ही बने हैं। वहीं इस अवधि में पुरुषों ने 880 वाहन खरीदे।
पांच हजार रुपये होता है जुर्माना
एआरटीओ के अनुसार, बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर अधिकतम पांच हजार रुपये का जुर्माना होता है। यदि चालक के पास डीएल नहीं है तो दुर्घटना होने की स्थिति में बीमा क्लेम भी नहीं मिलता। बता दें कि जिले में 13 लाख से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस पंजीकृत हैं। 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर तक 18,024 पुरुष तो 637 महिलाओं ने अपने डीएल बनवाए हैं।
महिलाओं के नाम वाहन भले ही पंजीकृत हों, लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या काफी कम है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं ही लाइसेंस बनवाने पर ध्यान देती हैं। महिलाओं में जागरूकता लाने की जरूरत है।- हरिओम कुमार, उप संभागीय परिवहन अधिकारी, प्रवर्तन
