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Bulandshahar News: 15 हजार ग्रामीणों ने मांगा प्रधानमंत्री आवास, सत्यापन प्रक्रिया हुई शुरू
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बुलंदशहर। प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के तहत लाभार्थियों के चयन के लिए सर्वे कार्य फेज-2 में शामिल 15,301 लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब सूची में शामिल लाभार्थियों के नाम गांव में खुली बैठक कर सुनाए जाएंगे। इसके बाद सूची को आगामी कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघर लोगों को आवास निर्माण के लिए तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। छप्पर, झोपड़ी व कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को लाभान्वित किया जाता है।
योजना के पहले चरण में अधिसंख्य लाभार्थियों के चयन में मनमानी की शिकायतें मिली थीं। बड़ी संख्या में पात्र लोगों को आवास नहीं मिल सका था। इन सब शिकायतों को देखते हुए योजना के फेज-2 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।
लाभार्थियों के सर्वे में एआई तकनीक को शामिल करने के साथ ही लोगों को खुद से सर्वे करने का विकल्प दिया गया है। वहीं, विभाग की ओर से लाभार्थियों से खुद को पात्र बताते हुए आवेदन मांगे गए। इसके साथ ही विभाग ने गांव-गांव सर्वे कर पात्र लाभार्थियों की तलाश की और उन्हें सूची में शामिल किया। इसके बाद विभाग की ओर से तीन बार अलग-अलग स्तर से आवास की मांग करने वालों का सत्यापन किया गया।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि सत्यापन का काम पूरा होने के बाद अब गांव-गांव ग्राम प्रधान की मौजूदगी में खुली बैठक कर आवास के पात्र लाभार्थियों के नाम सुनाए जाएंगे। इस कार्य के बाद सूची शासन को भेज दी जाएगी।
उसके बाद पांच वर्ष के लिए पात्रों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद वर्षवार आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघर लोगों को आवास निर्माण के लिए तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। छप्पर, झोपड़ी व कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को लाभान्वित किया जाता है।
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योजना के पहले चरण में अधिसंख्य लाभार्थियों के चयन में मनमानी की शिकायतें मिली थीं। बड़ी संख्या में पात्र लोगों को आवास नहीं मिल सका था। इन सब शिकायतों को देखते हुए योजना के फेज-2 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।
लाभार्थियों के सर्वे में एआई तकनीक को शामिल करने के साथ ही लोगों को खुद से सर्वे करने का विकल्प दिया गया है। वहीं, विभाग की ओर से लाभार्थियों से खुद को पात्र बताते हुए आवेदन मांगे गए। इसके साथ ही विभाग ने गांव-गांव सर्वे कर पात्र लाभार्थियों की तलाश की और उन्हें सूची में शामिल किया। इसके बाद विभाग की ओर से तीन बार अलग-अलग स्तर से आवास की मांग करने वालों का सत्यापन किया गया।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि सत्यापन का काम पूरा होने के बाद अब गांव-गांव ग्राम प्रधान की मौजूदगी में खुली बैठक कर आवास के पात्र लाभार्थियों के नाम सुनाए जाएंगे। इस कार्य के बाद सूची शासन को भेज दी जाएगी।
उसके बाद पांच वर्ष के लिए पात्रों की सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद वर्षवार आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया जाएगा।
