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Bulandshahar News: 16 ब्लॉकों में बनेंगे 75 नए आंगनबाड़ी केंद्र, खर्च होंगे नौ करोड़ रुपये
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बुलंदशहर। जिले के 16 ब्लॉकों में 75 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनाएं जाएंगे। इस पर नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। विभाग के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिल गई है। एक केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें से आठ लाख रुपये मनरेगा, दो लाख रुपये बाल विकास पुष्टाहार विभाग और दो लाख रुपये ग्राम पंचायतें वहन करेंगी।
मनरेगा के डीसी गोपाल कृष्ण चौधरी व बाल विकास पुष्टाहार विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया कि जिले में इस समय 3967 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन पर करीब 80 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पर छह वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों व महिलाओं को बाल विकास पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन होता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यकर्ता और एक सहायिका की तैनाती है।
इनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर छह वर्ष तक के बच्चों का स्व परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार उन्हें शासन से मिलने वाली खाद्य सामग्री का लाभ प्रदान करें। इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं की भी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने। तीन वर्ष से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निशुल्क शिक्षा देने का भी प्रावधान है। यह सभी आंगनबाड़ी परिषदीय स्कूल या फिर पंचायत भवनों में संचालित हैं। शासन से इस बार 75 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने को स्वीकृति मिली है। इसके लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर इनका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इनके संचालन से बच्चों को प्ले स्कूल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी
63 का हो चुका निर्माण, 13 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण अंतिम चरण में
सीडीओ निशा ग्रेवाल ने बताया कि पिछले दिनों भी शासन से 75 आंगनबाड़ी केंद्र बनाने का लक्ष्य मिला था। इनमें से 63 केंद्रों का निर्माण लगभग पूरा चुका है। 13 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण अंतिम चरण में है। नए भवनों का निर्माण भी जल्द शुरू करवा दिया जाएगा।
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मनरेगा के डीसी गोपाल कृष्ण चौधरी व बाल विकास पुष्टाहार विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया कि जिले में इस समय 3967 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन पर करीब 80 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पर छह वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों व महिलाओं को बाल विकास पुष्टाहार विभाग की योजनाओं का लाभ देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन होता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यकर्ता और एक सहायिका की तैनाती है।
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इनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर छह वर्ष तक के बच्चों का स्व परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार उन्हें शासन से मिलने वाली खाद्य सामग्री का लाभ प्रदान करें। इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं की भी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने। तीन वर्ष से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निशुल्क शिक्षा देने का भी प्रावधान है। यह सभी आंगनबाड़ी परिषदीय स्कूल या फिर पंचायत भवनों में संचालित हैं। शासन से इस बार 75 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनाने को स्वीकृति मिली है। इसके लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर इनका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इनके संचालन से बच्चों को प्ले स्कूल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी
63 का हो चुका निर्माण, 13 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण अंतिम चरण में
सीडीओ निशा ग्रेवाल ने बताया कि पिछले दिनों भी शासन से 75 आंगनबाड़ी केंद्र बनाने का लक्ष्य मिला था। इनमें से 63 केंद्रों का निर्माण लगभग पूरा चुका है। 13 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण अंतिम चरण में है। नए भवनों का निर्माण भी जल्द शुरू करवा दिया जाएगा।