{"_id":"6a6087144add6321f70a85b6","slug":"amarnath-yatra-halted-due-to-rain-and-landslides-pilgrims-stranded-at-base-camps-2026-07-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Exclusive: बारिश और भूस्खलन से अमरनाथ यात्रा में फंसे श्रद्धालु, तीन दिन से बालटाल-पहलगांव से पैदल यात्रा बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Exclusive: बारिश और भूस्खलन से अमरनाथ यात्रा में फंसे श्रद्धालु, तीन दिन से बालटाल-पहलगांव से पैदल यात्रा बंद
Wed, 22 Jul 2026 02:58 PM IST
Sharukh Khan
चेतन शर्मा, अमर उजाला, बुलंदशहर
चेतन शर्मा, अमर उजाला, बुलंदशहर
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 22 Jul 2026 02:58 PM IST
सार
बारिश और भूस्खलन से अमरनाथ यात्रा में बुलंदशहर के 50 से अधिक श्रद्धालु फंसे हैं। तीन दिन से बालटाल और पहलगांव से पैदल यात्रा बंद है। जिलेभर से 50 से अधिक श्रद्धालु बाबा अमरनाथ की यात्रा करने गए हुए हैं। परिजनों को पल-पल की जानकारी दे रहे हैं। यात्रा खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
Amarnath Yatra
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में चल रही श्री अमरनाथ यात्रा में बीते सप्ताह निजी वाहन व ट्रेन आदि से रवाना हुए 50 से अधिक श्रद्धालु तीन दिन से बिगड़े मौसम के चलते यात्रा रोके जाने पर जगह-जगह बेसकैंपों में रुके हैं। वहीं, बालटाल और पहलगाम में भी जिले के 20 से अधिक श्रद्धालु दो दिन से रुके हुए हैं। श्रद्धालु अपने परिजनों को कॉल करके पल-पल की जानकारी दे रहे हैं। सभी को उम्मीद है कि बाबा ने यहां तक बुलाया है तो पवित्र गुफा के दर्शन करके ही वापस घर लौटेंगे।
श्री अमरनाथ यात्रा इस बार तीन जुलाई से शुरू हुई। प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी तीन हजार से अधिक श्रद्धालु यात्रा पर पहुंचे और बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन किए। अभी भी श्रद्धालुओं के पवित्र गुफा के दर्शन करने को जाने का सिलसिला जारी है लेकिन 19 जुलाई से लगातार बारिश होने से अमरनाथ यात्रा को अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।
ऐसे में जिलेभर के अलग-अलग स्थानों से यात्रा पर गए श्रद्धालु जगह-जगह कैंपों में ठहरे हुए हैं। वहीं, जम्मू से श्रीनगर के बीच और बालटाल में जिलेभर के सेवादारों ने भंडारा लगा रखा है। यात्रा रुकने पर पहलगाम बेस कैंप में सात, बालटाल बेसकैंप में 16, श्रीनगर में 11, जम्मू से श्रीनगर के बीच करीब 25 श्रद्धालु ठहरे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्री अमरनाथ यात्रा इस बार तीन जुलाई से शुरू हुई। प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी तीन हजार से अधिक श्रद्धालु यात्रा पर पहुंचे और बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन किए। अभी भी श्रद्धालुओं के पवित्र गुफा के दर्शन करने को जाने का सिलसिला जारी है लेकिन 19 जुलाई से लगातार बारिश होने से अमरनाथ यात्रा को अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।
विज्ञापन
ऐसे में जिलेभर के अलग-अलग स्थानों से यात्रा पर गए श्रद्धालु जगह-जगह कैंपों में ठहरे हुए हैं। वहीं, जम्मू से श्रीनगर के बीच और बालटाल में जिलेभर के सेवादारों ने भंडारा लगा रखा है। यात्रा रुकने पर पहलगाम बेस कैंप में सात, बालटाल बेसकैंप में 16, श्रीनगर में 11, जम्मू से श्रीनगर के बीच करीब 25 श्रद्धालु ठहरे हुए हैं।
विज्ञापन
यहां तक आए है तो दर्शन करके जरूर जाएंगे
नगर के पुलिस लाइन रोड निवासी संजय वर्मा ने बताया कि 17 जुलाई को पत्नी सविता वर्मा, बेटी कनक वर्मा व बेटा प्रियंक और एक अन्य साथी सुरेंद्र सिंह संग बुलंदशहर से रवाना हुए थे। 18 जुलाई को जम्मू आए और निजी वाहन कर श्रीनगर के लिए रवाना हो गए। श्रीनगर में रेलवे स्टेशन के पास सुरक्षाबलों ने रोक दिया।
नगर के पुलिस लाइन रोड निवासी संजय वर्मा ने बताया कि 17 जुलाई को पत्नी सविता वर्मा, बेटी कनक वर्मा व बेटा प्रियंक और एक अन्य साथी सुरेंद्र सिंह संग बुलंदशहर से रवाना हुए थे। 18 जुलाई को जम्मू आए और निजी वाहन कर श्रीनगर के लिए रवाना हो गए। श्रीनगर में रेलवे स्टेशन के पास सुरक्षाबलों ने रोक दिया।
19 जुलाई को यात्रा बंद रहने पर आगे नहीं जाने दिया। 20 जुलाई को दोपहर बाद किसी तरह बेसकैंप से छूट मिलने पर एक निजी वाहन से बालटाल आ गए हैं। 21 जुलाई को भी यात्रा बंद रहने पर भंडारा शिविर में शरण ली हुई है। बताया कि भंडारा शिविर में खाने-पीने समेत अन्य सुविधाएं मिलने से राहत मिली है। अब बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन करके ही वापस घर जाएंगे।
बुलंदशहर से ही निकले थे निजी वाहन से, रामबन से नहीं जाने दिया आगे
नगर के ज्ञानलोक निवासी नितिन शर्मा व ईशांत शर्मा ने बताया कि दो दिन पूर्व बुलंदशहर से जम्मू के निजी वाहन कर करीब 16 श्रद्धालु रवाना हुए। सोमवार को जम्मू से आगे न जाने देने पर जम्मू के कई तीर्थस्थलों पर पहुंचे। मंगलवार को जम्मू से किसी तरह आगे निकले तो रामबन के पास बेसकैंप पर सुरक्षाबलों ने रोक दिया गया।
नगर के ज्ञानलोक निवासी नितिन शर्मा व ईशांत शर्मा ने बताया कि दो दिन पूर्व बुलंदशहर से जम्मू के निजी वाहन कर करीब 16 श्रद्धालु रवाना हुए। सोमवार को जम्मू से आगे न जाने देने पर जम्मू के कई तीर्थस्थलों पर पहुंचे। मंगलवार को जम्मू से किसी तरह आगे निकले तो रामबन के पास बेसकैंप पर सुरक्षाबलों ने रोक दिया गया।
अब सुरक्षाबल मौसम खुलने पर मार्ग सही होने पर आगे जाने देने की बात कह रहे हैं लेकिन 22 व 23 को भी मौसम खराब बताया जा रहा है। फिलहाल सभी सुरक्षित है और बेसकैंप में शरण लिए हुए हैं।
मौसम खराब रहने तक रहे सुरक्षित स्थान पर
नगर निवासी भंडारा सेवादार ललित अग्रवाल ने बताया कि जिले से काफी श्रद्धालु आने के लिए जानकारी लेते रहते हैं। सभी को अभी मौसम खराब रहने की बात कह कुछ दिन यात्रा टालने को कहा है। मौसम साफ होने व मार्ग खुलने पर यात्रा कर सकते हैं। मौसम खराब रहा तो श्रद्धालुओं को जम्मू से श्रीनगर के बीच कहीं पर भी रोका जा सकता है।
नगर निवासी भंडारा सेवादार ललित अग्रवाल ने बताया कि जिले से काफी श्रद्धालु आने के लिए जानकारी लेते रहते हैं। सभी को अभी मौसम खराब रहने की बात कह कुछ दिन यात्रा टालने को कहा है। मौसम साफ होने व मार्ग खुलने पर यात्रा कर सकते हैं। मौसम खराब रहा तो श्रद्धालुओं को जम्मू से श्रीनगर के बीच कहीं पर भी रोका जा सकता है।
बताया कि 19 जुलाई से बालटाल में लगातार मौसम खराब बना हुआ है। 20 जुलाई को मौसम कुछ साफ होने पर दो घंटे के लिए यात्रा खोली गई। उसके बाद फिर यात्रा मार्ग बंद कर दिया गया। 23 जुलाई तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई जा रही है। घर से निकलने से पहले मौसम की स्थिति जरूर जांचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अगर बाबा की इच्छा होगी तो जरूर दर्शन करेंगे।