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Bulandshahar News: सामान्य बुखार समझकर न करें लापरवाही, हो सकता है घातक
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जिला चिकित्सालय के दवा काउंटर पर खड़े मरीज। संवाद
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बुलंदशहर। बदलते मौसम में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई लोग इसे सामान्य बुखार समझ कर बिना पंजीकृत चिकित्सक से परामर्श के मेडिकल स्टोर से दवा लेकर सेवन कर रहे हैं। ये सेहत के लिए घातक हो सकता है।
वहीं, जिला चिकित्सालय की ओपीडी और इमरजेंसी में प्रतिदिन 200 के करीब मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। मंगलवार को ओपीडी में 1982 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें 174 मरीजों ने बुखार की समस्या बता परामर्श लिया।
मौसम के उतार-चढ़ाव की वजह से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मच्छरों के बढ़ने से वायरल बुखार के साथ अब मलेरिया और डेंगू के मरीज बढ़ने की संभावना बनी हुई है। वहीं, बुखार होने पर अधिकांश लोग मेडिकल स्टोर या अपने आप दवा लेकर खा रहे हैं।
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विशेषज्ञों ने ऐसे मरीजों को बिना परामर्श दवा का सेवन न करने की सलाह दी है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मरीज बढ़ रहे हैं।
इन दिनों लोग कोल्ड ड्रिंक व फ्रिज का ठंडा पानी पी रहे हैं। इससे गले में खराश बढ़ने के साथ बुखार की समस्या हो रही है। अगर किसी को जाड़ा लगकर या बदन दर्द के साथ बुखार आए तो उसे सामान्य बुखार समझ नजरअंदाज न करें। न ही मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खाएं।
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ओपीडी में लगी रहती है भीड़
मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. चर्चित गुप्ता ने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी में बुखार के प्रतिदिन मरीज आ रहे है। कुछ ऐसे मरीज होते है जो स्वयं दवा का सेवन करने के बाद हालत बिगड़ने पर आते हैं। ऐसे मरीजों की सीबीसी व टायफाइड, डेंगू व मलेरिया की जांच कराने के बाद दवा दी जाती है। बिना पंजीकृत चिकित्सक के परामर्श के कोई भी दवा का सेवन न करें।
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कोट
मौसम में बदलाव से बुखार के मरीज बढ़े हैं। सभी सरकारी चिकित्सालयों पर मरीजों की जांच करने के बाद या लक्षण के आधार पर दवा दी जा रही है। बुखार होने पर पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी चिकित्सालय पहुंच उपचार कराएं। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
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वहीं, जिला चिकित्सालय की ओपीडी और इमरजेंसी में प्रतिदिन 200 के करीब मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। मंगलवार को ओपीडी में 1982 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें 174 मरीजों ने बुखार की समस्या बता परामर्श लिया।
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मौसम के उतार-चढ़ाव की वजह से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मच्छरों के बढ़ने से वायरल बुखार के साथ अब मलेरिया और डेंगू के मरीज बढ़ने की संभावना बनी हुई है। वहीं, बुखार होने पर अधिकांश लोग मेडिकल स्टोर या अपने आप दवा लेकर खा रहे हैं।
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विशेषज्ञों ने ऐसे मरीजों को बिना परामर्श दवा का सेवन न करने की सलाह दी है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मरीज बढ़ रहे हैं।
इन दिनों लोग कोल्ड ड्रिंक व फ्रिज का ठंडा पानी पी रहे हैं। इससे गले में खराश बढ़ने के साथ बुखार की समस्या हो रही है। अगर किसी को जाड़ा लगकर या बदन दर्द के साथ बुखार आए तो उसे सामान्य बुखार समझ नजरअंदाज न करें। न ही मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खाएं।
ओपीडी में लगी रहती है भीड़
मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. चर्चित गुप्ता ने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी में बुखार के प्रतिदिन मरीज आ रहे है। कुछ ऐसे मरीज होते है जो स्वयं दवा का सेवन करने के बाद हालत बिगड़ने पर आते हैं। ऐसे मरीजों की सीबीसी व टायफाइड, डेंगू व मलेरिया की जांच कराने के बाद दवा दी जाती है। बिना पंजीकृत चिकित्सक के परामर्श के कोई भी दवा का सेवन न करें।
कोट
मौसम में बदलाव से बुखार के मरीज बढ़े हैं। सभी सरकारी चिकित्सालयों पर मरीजों की जांच करने के बाद या लक्षण के आधार पर दवा दी जा रही है। बुखार होने पर पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी चिकित्सालय पहुंच उपचार कराएं। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ

जिला चिकित्सालय के दवा काउंटर पर खड़े मरीज। संवाद