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कृषि योजनाओं में लाएं तेजी, लापरवाही पर नपेंगे अफसर: डीएम
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बुलंदशहर। कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी विभागीय लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
बैठक के दौरान उप कृषि निदेशक ने विभागीय प्रगति का ब्यौरा पेश किया। सीएम डैशबोर्ड पर पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना, कृषि रक्षा रसायन और बीज डीबीटी जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर बुलंदशहर को ए ग्रेड मिलने पर डीएम ने संतोष व्यक्त किया। डीएम ने आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना और 10 हजार एफपीओ गठन योजना की भी समीक्षा की।
बैठक में अरनिया विकास खंड के एक एफपीओ की सफलता का जिक्र हुआ। जिसने 16 मीट्रिक टन आलू सीधे गाजियाबाद की कंपनी को बेचकर किसानों को बेहतर मुनाफा दिलाया। डीएम ने इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी बैठक में सभी संस्थाओं को अपने-अपने एफपीओ की सफलता की कहानियों का पीपीटी प्रस्तुतिकरण देने को कहा है। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक डॉ. कमल सिंह सहित नरेंद्र सिंह, प्रवीण कुमार, जीत सिंह और प्राची नागर जैसे प्रगतिशील किसान व विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक में अरनिया विकास खंड के एक एफपीओ की सफलता का जिक्र हुआ। जिसने 16 मीट्रिक टन आलू सीधे गाजियाबाद की कंपनी को बेचकर किसानों को बेहतर मुनाफा दिलाया। डीएम ने इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी बैठक में सभी संस्थाओं को अपने-अपने एफपीओ की सफलता की कहानियों का पीपीटी प्रस्तुतिकरण देने को कहा है। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक डॉ. कमल सिंह सहित नरेंद्र सिंह, प्रवीण कुमार, जीत सिंह और प्राची नागर जैसे प्रगतिशील किसान व विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।