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बुलंदशहर ट्रिपल मर्डर: हत्या कर जीतू लूट ले गया था डीबीआर; एक युवक चिल्लाता रहा, भाई मत मार इनको, लेकिन न सुनी

विकास वत्स, अमर उजाला, बुलंदशहर Published by: Akash Dubey Updated Fri, 01 May 2026 03:25 PM IST
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सार

केक विवाद के बाद जीतू ने अमरदीप, मनीष और आकाश की गोली मारकर हत्या की। उसने सबूत मिटाने को निगरानी कैमरों का रिकॉर्डर भी लूटा। पुलिस इसे सोची-समझी साजिश बता रही है।

Bulandshahr Triple Murder Jitu had looted the DBR after killing him
ट्रिपल मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अपराध जब सिर चढ़कर बोलता है तो इंसान रिश्तों और दोस्ती की हर हद पार कर देता है। खुर्जा में हुए ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपी जीतू ने जिस तरह से अमरदीप, मनीष और आकाश को मौत के घाट उतारा, उसने रूह कंपा दी थी। पुलिस की तफ्तीश में जो तथ्य सामने आए हैं, वे न केवल डराने वाले हैं बल्कि जीतू की शातिर और खूंखार मानसिकता को भी उजागर करते हैं। जीतू ने महज कत्ल ही नहीं किया, बल्कि उस कत्ल के सबूतों को मिटाने के लिए एक साथी की कनपटी पर पिस्टल सटाकर अपराध की डिजिटल गवाह यानी सीसीटीवी की डीबीआर तक लूट ले गया था।

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पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जीतू सैनी की जन्मदिन पार्टी पॉटरी में आयोजित थी। अमरदीप उसके लिए जिम पर केक लेकर पहुंचा था। केक पार्टी में न आने पर अमरदीप और जीतू में विवाद हुआ और अमरदीप ने रूपेश के साथ वहीं केक काटने के बाद जीतू से फोन पर बात की। कहा कि तू नहीं आएगा तो क्या केक नहीं कटेगा। इस बात पर विवाद हुआ और कुछ देर बाद जीतू अपने साथी मयंक व अन्य के साथ जिम पर पहुंच गया। वहां अमरदीप ने जीतू के चेहरे पर केक लगा दिया, इस बात को लेकर मयंक ने विवाद शुरू कर दिया। 

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दोनों के बीच वहां जमकर बहसबाजी हुई। इसके बाद जीतू, मयंक व उसके साथी वहां से फिर पॉटरी पहुंच गए थे। यहां से पूरे प्रकरण की नींव अमरदीप के फोन कॉल ने रखी। जब अमरदीप ने मयंक को फोन किया और भला बुरा कहा, अगले दिन यानि 26 अप्रैल को मयंक के घर होने वाली रस्म तेरहवीं के कार्यक्रम को लेकर भी उसने कुछ कह दिया था। यह बात मयंक के फोन पर जीतू भी सुन  रहा था, तभी दोनों गुस्से में आग बबूला होकर अन्य साथियों के साथ तीन असलहे लेकर जिम पर जा पहुंचे और जीतू ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर पहले अमरदीप, फिर मनीष और अंत में आकाश के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जीतू ने हत्या के बाद वहां मौजूद एक अन्य युवक पर भी पिस्टल तान दी। युवक की कनपटी पर पिस्टल सटाकर उसे जान से मारने की धमकी दी और जबरन सीसीटीवी कैमरों की डीबीआर खुलवाकर अपने साथ ले गया। उसे पता था कि कत्ल का पूरा वीडियो डीबीआर में कैद हो चुका है। पुलिस के मुताबिक यह जीतू की सोची-समझी साजिश थी। 

भाई मत मार... गुहार भी नहीं आई काम
वारदात के समय वहां मृतकों और आरोपी के अलावा मौजूद एक अन्य युवक ने जीतू को रोकने की बहुत कोशिश की थी। उसे अब मामले में आरोपी बनाया गया है। वह लगातार चिल्ला रहा था भाई मत मार इनको... मत मार! लेकिन जीतू पर उस वक्त खून सवार था। वह एक-एक करके उनको मौत की नींद सुलाता रहा। इसके ठीक चार दिन बाद पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में जीतू खुद भी मारा गया। यानी जिस 26 अप्रैल को उसे अपना जन्मदिन मनाना था, उसी जन्मदिन के शुरू होने से ठीक एक घंटे पहले उसने अपना अंत खुद तय कर लिया था।

हुलिया बदलकर पुलिस को छकाया
आरोपी जीतू सैनी ने वारदात के बाद कानून से बचने के लिए किसी फिल्मी अपराधी की तरह पैंतरेबाजी की थी। कत्ल की खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद जीतू अपनी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गया था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए उसने न केवल बार-बार अपने ठिकाने बदले, बल्कि अगले ही दिन अपना हुलिया भी पूरी तरह बदल लिया, जिससे कि उसे पहचानना मुश्किल हो जाए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जीतू ने अपनी कार को एक सुरक्षित स्थान पर छिपा दिया और फिर पहचान छुपाने के लिए अपने बाल और दाढ़ी-मूंछ कटवा ली थी। 

वह लगातार एक जगह से दूसरी जगह भागता रहा और तकनीकी सर्विलांस से बचने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद से ही उसके पास अपना फोन नहीं था। या तो वह फोन को जानबूझकर छोड़कर गया या फिर विवाद के दौरान वह फोन जिम या पॉटरी पर कहीं गिर गया था। हालांकि, उसकी यह शातिर चालें ज्यादा काम नहीं आईं। 

पुलिस पर कीं नौ राउंड फायरिंग, साथी ने पांच राउंड
बृहस्पतिवार सुबह मुठभेड़ के दौरान आरोपी जीतू और उसके साथी ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इसकी गवाह वहां से बरामद 14 खाली कारतूस हैं। जिनमें से जीतू द्वारा नौ राउंड फायरिंग करने व उसके साथी द्वारा करीब पांच राउंड फायरिंग करने का मामला सामने आया है। साथ ही वारदात वाले दिन भी जीतू ने करीब आठ से दस राउंड फायरिंग की थी। 

शराब और स्टेरॉयड ने बनाया जीतू को खूंखार
जीतू सैनी न केवल आपराधिक प्रवृत्ति का था, बल्कि वह नशे की गिरफ्त में भी बुरी तरह जकड़ा हुआ था। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जीतू शराब के साथ-साथ भारी मात्रा में स्टेरॉयड के नशे का आदी था। जिम जाने और बॉडी बनाने के जुनून में वह अक्सर स्टेरॉयड के इंजेक्शन लेता था, जिससे उसका स्वभाव बेहद चिड़चिड़ा और हिंसक हो गया था। पुलिस की जांच के मुताबिक वारदात वाले दिन भी जीतू नशे में चूर था। शराब और स्टेरॉयड के यही घातक कॉकटेल उसके समेत चार जिंदगियों को लील गया।

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