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Bulandshahar News: रोक के बाद भी ग्राम पंचायत टिटौटा के सचिव ने निकाल ली राशि, निलंबित
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बुलंदशहर। ग्राम पंचायत टिटौटा के सचिव ने रोक के बाद भी गांव के विकास की राशि निकाल ली। सचिव पर जांच में सहयोग नहीं करने और संबंधित अभिलेख उपलब्ध न कराने का भी आरोप है। इस पर जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा ने ग्राम सचिव रवनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है।
जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा ने बताया कि जहांगीराबाद ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिटौटा निवासी भूपेंद सिंह राघव आदि ने शिकायत दी थी कि ग्राम सचिव ने रोक के बाद भी ग्राम निधि से 4,52,256 रुपये की राशि निकाल ली। शिकायत मिलने पर दो अधिकारियों को पूरे मामले की जांच सौंपी गई थी। आरोप है कि जब इन अधिकारियों ने जांच शुरू की तो ग्राम सचिव ने सहयोग नहीं किया और संबंधित अभिलेख भी जांच अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराए।
ग्राम सचिव को कई बार नोटिस दिए गए। इसके बाद भी उन्होंने कोई स्पष्टीकरण व अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने बताया कि ग्राम सचिव रवनेश ने रोक लगाने के बाद भी ग्राम निधि से राशि का आहरण किया। जांच में सहयोग नहीं किया और न ही संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराए। नोटिस का जवाब नहीं दिया और आदेशों की अवहेलना की। इसकी जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन कुमार मिश्रा की ओर से भी दी गई। उन्होंने ग्राम सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की थी। अब जांच अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की गई है। साथ ही आगामी जांच के लिए अधिकारी नामित कर दिए गए हैं।
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जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा ने बताया कि जहांगीराबाद ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिटौटा निवासी भूपेंद सिंह राघव आदि ने शिकायत दी थी कि ग्राम सचिव ने रोक के बाद भी ग्राम निधि से 4,52,256 रुपये की राशि निकाल ली। शिकायत मिलने पर दो अधिकारियों को पूरे मामले की जांच सौंपी गई थी। आरोप है कि जब इन अधिकारियों ने जांच शुरू की तो ग्राम सचिव ने सहयोग नहीं किया और संबंधित अभिलेख भी जांच अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराए।
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ग्राम सचिव को कई बार नोटिस दिए गए। इसके बाद भी उन्होंने कोई स्पष्टीकरण व अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने बताया कि ग्राम सचिव रवनेश ने रोक लगाने के बाद भी ग्राम निधि से राशि का आहरण किया। जांच में सहयोग नहीं किया और न ही संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराए। नोटिस का जवाब नहीं दिया और आदेशों की अवहेलना की। इसकी जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन कुमार मिश्रा की ओर से भी दी गई। उन्होंने ग्राम सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की थी। अब जांच अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की गई है। साथ ही आगामी जांच के लिए अधिकारी नामित कर दिए गए हैं।
