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Bulandshahar News: खुर्जा में पीएनजी के दाम हुए 37 रुपये कम, उद्यमियों को मिली राहत
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खुर्जा। औद्योगिक क्षेत्र में मिलने वाली पीएनजी के दाम सोमवार से 37 रुपये प्रति यूनिट कम हो गए हैं, जिससे पॉटरी उद्यमियों को काफी लाभ मिलेगा। इसी के साथ उद्योगों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। उद्यमियों ने अपने लंबित पड़े ऑर्डर बनाने शुरू कर दिए हैं।
पॉटरी उद्यमी दर्शन छतवाल ने बताया कि अमेरिका इस्राइल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध से भारत देश में गैस की किल्लत सामने आ रही है। ऐसे में बीते 16 मार्च से पॉटरी उद्योग में उत्पादन ठप पड़ा है। पहले होली के चलते पॉटरी इकाइयां बंद रहीं। इसके बाद तीन मार्च से अडानी टोटल गैस लिमिटेड की ओर से खुर्जा में पीएनजी के दाम में एकाएक 71 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई। जो गैस 49 रुपये प्रति यूनिट थी, वह 119.90 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई।
गैस के दाम में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी से पॉटरी उद्योग की कमर टूट गई और एक के बाद एक पॉटरियों में उत्पादन बंद होता चला गया। वहीं, एलपीजी में भी 36 प्रतिशत दाम बढ़ा दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ पॉटरी इकाइयां एलपीजी के भरोसे काम कर रही थी, लेकिन नौ मार्च को सप्लायरों ने एलपीजी सिलिंडर की बिक्री पर अस्थाई रोक लगा दी। इसके बाद उद्यमियों के पास और कोई रास्ता नहीं बचा तो उद्योग पूरी तरह से ठप हो गया।
13 मार्च को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से औद्योगिक क्षेत्र में ईंधन के रूप में डीजल की अनुमति दे दी गई। इसके बाद 16 मार्च, सोमवार से अडानी टोटल गैस लिमिटेड की ओर से पीएनजी के दाम कम कर दिए गए। उद्यमी विकास गोयल ने बताया कि पीएनजी के दाम कम होने से उद्योग को काफी राहत मिलेगी। इसके बाद पॉटरी उद्यमी अब अपना कार्य शुरू कर सकेंगे। हालांकि पहले की अपेक्षा अभी भी गैस के दाम लगभग 34 रुपये अधिक हैं, लेकिन 120 प्रति यूनिट से कम होने पर राहत मिलेगी। इसलिए अब फैक्टरियों में उत्पादन शुरू कर दिया गया है। प्राथमिकता रहेगी कि पहले के रुके ऑर्डर को पूरा कर सप्लाई दी जाए। इसके बाद अगले ऑर्डर का कारोबार नए दाम के अनुसार होगा।
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पॉटरी उद्यमी दर्शन छतवाल ने बताया कि अमेरिका इस्राइल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध से भारत देश में गैस की किल्लत सामने आ रही है। ऐसे में बीते 16 मार्च से पॉटरी उद्योग में उत्पादन ठप पड़ा है। पहले होली के चलते पॉटरी इकाइयां बंद रहीं। इसके बाद तीन मार्च से अडानी टोटल गैस लिमिटेड की ओर से खुर्जा में पीएनजी के दाम में एकाएक 71 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई। जो गैस 49 रुपये प्रति यूनिट थी, वह 119.90 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई।
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गैस के दाम में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी से पॉटरी उद्योग की कमर टूट गई और एक के बाद एक पॉटरियों में उत्पादन बंद होता चला गया। वहीं, एलपीजी में भी 36 प्रतिशत दाम बढ़ा दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ पॉटरी इकाइयां एलपीजी के भरोसे काम कर रही थी, लेकिन नौ मार्च को सप्लायरों ने एलपीजी सिलिंडर की बिक्री पर अस्थाई रोक लगा दी। इसके बाद उद्यमियों के पास और कोई रास्ता नहीं बचा तो उद्योग पूरी तरह से ठप हो गया।
13 मार्च को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से औद्योगिक क्षेत्र में ईंधन के रूप में डीजल की अनुमति दे दी गई। इसके बाद 16 मार्च, सोमवार से अडानी टोटल गैस लिमिटेड की ओर से पीएनजी के दाम कम कर दिए गए। उद्यमी विकास गोयल ने बताया कि पीएनजी के दाम कम होने से उद्योग को काफी राहत मिलेगी। इसके बाद पॉटरी उद्यमी अब अपना कार्य शुरू कर सकेंगे। हालांकि पहले की अपेक्षा अभी भी गैस के दाम लगभग 34 रुपये अधिक हैं, लेकिन 120 प्रति यूनिट से कम होने पर राहत मिलेगी। इसलिए अब फैक्टरियों में उत्पादन शुरू कर दिया गया है। प्राथमिकता रहेगी कि पहले के रुके ऑर्डर को पूरा कर सप्लाई दी जाए। इसके बाद अगले ऑर्डर का कारोबार नए दाम के अनुसार होगा।