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Bulandshahar News: गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी, बिजनौर बैराज से छोड़ा गया 1,45,276 क्यूसेक पानी
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अनूपशहर में गंगा में बढ़ा जलस्तर घाट से सटकर बहता हुआ। संवाद
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अनूपशहर/अहार/नरौरा। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में हो रही बारिश का असर गंगा में भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार रात 10 बजे बिजनौर बैराज से 1,45,276 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। लगातार हो रही जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने किसानों व पशुपालकों को खादर में न जाने की हिदायत दी है। स्थिति यह है कि अनूपशहर में जलस्तर आरती स्थल तक पहुंचने की संभावना है। नरौरा में भी लगातार इजाफा हो रहा है।
बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी के बाद बुधवार देर रात इस पानी के अनूपशहर पहुंचते ही करीब डेढ़ फीट जल स्तर के बढ़ोतरी की संभावना है। सोमवार रात बिजनौर बैराज से 49,888 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके मुकाबले करीब 95000 क्यूसेक पानी ज्यादा आने से जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। प्रशासन ने खादर के गांवों के लेखपालों को बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखने के लिये सतर्क कर दिया है।
किसानों व पशुपालकों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी है। सावन मास में सुरक्षित स्नान के लिए प्रशासन ने गंगा घाटों पर जल के अंदर बैरीकेडिंग करा दी है। इससे स्नान के दौरान हादसा ना हो। एई ड्रैनेज अमित किशोर ने बताया कि मंगलवार रात दस बजे बिजनौर बैराज से 1,45,276 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी बृहस्पतिवार सुबह तक अनूपशहर पहुंचने की संभावना है।
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उन्होंने बताया कि जलस्तर में बढ़ोतरी तो होगी लेकिन अभी बाढ़ के हालात नहीं है। एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट है। आबादी व फसल को अभी कोई दिक्कत नहीं है अभी स्थिति सामान्य बनी हुई है। खादर क्षेत्र के लेखपाल लगातार निगाह बनाए हुए हैं।
दूसरी ओर नरौरा बैराज पर भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। नरौरा बैराज पर पानी की कुल आवक करीब 62000 क्यूसिक प्रति सेकंड हो रही है। बैराज से गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में 46443 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। गंगा बैराज के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बैराज से निकली एलसीसी नहर में 8099 वीपीएलजीसी नहर में 7432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बैराज पर जल की रिपोर्ट भी लगातार जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। साथ ही बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी के बाद नरौरा बैराज पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी के बाद बुधवार देर रात इस पानी के अनूपशहर पहुंचते ही करीब डेढ़ फीट जल स्तर के बढ़ोतरी की संभावना है। सोमवार रात बिजनौर बैराज से 49,888 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके मुकाबले करीब 95000 क्यूसेक पानी ज्यादा आने से जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। प्रशासन ने खादर के गांवों के लेखपालों को बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखने के लिये सतर्क कर दिया है।
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किसानों व पशुपालकों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी है। सावन मास में सुरक्षित स्नान के लिए प्रशासन ने गंगा घाटों पर जल के अंदर बैरीकेडिंग करा दी है। इससे स्नान के दौरान हादसा ना हो। एई ड्रैनेज अमित किशोर ने बताया कि मंगलवार रात दस बजे बिजनौर बैराज से 1,45,276 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी बृहस्पतिवार सुबह तक अनूपशहर पहुंचने की संभावना है।
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उन्होंने बताया कि जलस्तर में बढ़ोतरी तो होगी लेकिन अभी बाढ़ के हालात नहीं है। एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट है। आबादी व फसल को अभी कोई दिक्कत नहीं है अभी स्थिति सामान्य बनी हुई है। खादर क्षेत्र के लेखपाल लगातार निगाह बनाए हुए हैं।
दूसरी ओर नरौरा बैराज पर भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। नरौरा बैराज पर पानी की कुल आवक करीब 62000 क्यूसिक प्रति सेकंड हो रही है। बैराज से गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में 46443 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। गंगा बैराज के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बैराज से निकली एलसीसी नहर में 8099 वीपीएलजीसी नहर में 7432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बैराज पर जल की रिपोर्ट भी लगातार जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। साथ ही बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी के बाद नरौरा बैराज पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।