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परेशानी : धूप और धूल से आई फ्लू के बढ़ने लगे मामले
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जिला चिकित्सालय के दवा काउंटर पर खड़े मरीज। संवाद
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बुलंदशहर। धूप और धूल उड़ने की वजह से जिले में आई फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। आंखों की समस्या को लेकर मरीज प्रतिदिन नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास पहुंच रहे हैं। जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 150 के करीब मरीज आ रहे हैं। इनमें अधिकांश आई फ्लू की समस्या बता परामर्श ले रहे हैं। चिकित्सक उपचार करने के साथ ही बचाव की भी सलाह दे रहे हैं।
गर्मी और धूल के कारण आंखों में लालिमा और संक्रमण की समस्या को लेकर मरीज आ रहे हैं। कुछ लोगों की आंखों में सूजन की भी समस्या देखने को मिल रही है। जिला चिकित्सालय में नेत्र विभाग की ओपीडी में आने वाले 150 मरीजों में 40 से 50 मरीज आई फ्लू के शामिल हैं। चिकित्सक इसका कारण गर्मी व धूल को बता रहे हैं। बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि गर्मियों में आंखों में लालिमा और दाने हो जाते हैं। कुछ मरीज बिना परामर्श व जांच के स्वयं दवा ले लेते हैं। जिससे समस्या बढ़ जाती है। मरीजों को एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड वाले ड्रॉप बिना चिकित्सक की सलाह के आंखों में नहीं डालने चाहिए। इनसे आंखों की रोशनी जाने का भी डर रहता है।
जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके झा ने बताया कि धूप से बचने के लिए घर से बाहर चश्मा पहनकर निकलें। बाहर से आने के बाद साफ पानी से आंखों को साफ करें। गंदे कपड़े या संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों से आंखों को न पोछें। अगर आंखों में किसी तरह की समस्या है तो चिकित्सक को दिखा कर ही दवा लें।
प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय डॉ. प्रदीप राणा का कहना है कि नेत्र विभाग की ओपीडी में पिछले कई दिनों से आई फ्लू के मरीज आने लगे हैं।
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गर्मी और धूल के कारण आंखों में लालिमा और संक्रमण की समस्या को लेकर मरीज आ रहे हैं। कुछ लोगों की आंखों में सूजन की भी समस्या देखने को मिल रही है। जिला चिकित्सालय में नेत्र विभाग की ओपीडी में आने वाले 150 मरीजों में 40 से 50 मरीज आई फ्लू के शामिल हैं। चिकित्सक इसका कारण गर्मी व धूल को बता रहे हैं। बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि गर्मियों में आंखों में लालिमा और दाने हो जाते हैं। कुछ मरीज बिना परामर्श व जांच के स्वयं दवा ले लेते हैं। जिससे समस्या बढ़ जाती है। मरीजों को एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड वाले ड्रॉप बिना चिकित्सक की सलाह के आंखों में नहीं डालने चाहिए। इनसे आंखों की रोशनी जाने का भी डर रहता है।
जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके झा ने बताया कि धूप से बचने के लिए घर से बाहर चश्मा पहनकर निकलें। बाहर से आने के बाद साफ पानी से आंखों को साफ करें। गंदे कपड़े या संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों से आंखों को न पोछें। अगर आंखों में किसी तरह की समस्या है तो चिकित्सक को दिखा कर ही दवा लें।
प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय डॉ. प्रदीप राणा का कहना है कि नेत्र विभाग की ओपीडी में पिछले कई दिनों से आई फ्लू के मरीज आने लगे हैं।

जिला चिकित्सालय के दवा काउंटर पर खड़े मरीज। संवाद