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Chandauli News: शिव विवाह की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

Mon, 10 Aug 2026 01:43 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:43 AM IST
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Devotees were overwhelmed with emotion upon hearing the story of Shiva's wedding.
पड़ाव के बहादुरपुर में कथा सुनती महिलाएं। संवाद
पड़ाव। बहादुरपुर स्थित कामाख्या निवास में चल रहे नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के आठवें दिन शनिवार को शिव विवाह की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। व्यास पीठ से पुराण वक्ता पूज्य श्री श्री अखिलानंद महाराज ने पार्वती चरित्र और भगवान शिव-पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया। इस दौरान शिव विवाह की भव्य झांकी भी प्रस्तुत की गई। जिसके दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
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महाराज ने कहा कि सती के भस्म होने के बाद देवताओं ने भगवान शिव से विवाह के लिए निवेदन किया। इसके बाद नारद जी हिमाचल के भवन पहुंचे और माता पार्वती को उनके पूर्व जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने पार्वती को भगवान शिव की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या करने का मार्ग बताया। माता पार्वती ने नारद जी से तप की विधि पूछकर मंत्रोपदेश देने का आग्रह किया। नारद जी ने गुरु की भांति उन्हें पंचाक्षर मंत्र प्रदान किया। महाराज ने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु के बिना किसी का कल्याण संभव नहीं है। गुरु के बिना न तो कोई कार्य पूर्ण होता है और न ही जीव संसार रूपी भवसागर से पार हो सकता है। गोस्वामी तुलसीदास के मानस वचन ‘गुरु बिन भव निधि तरइ न कोई’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुरु जीवन में प्रकाश लाते हैं और अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ईश्वर की ओर ले जाते हैं। गुरु की प्राप्ति ईश्वर की कृपा से होती है और गुरु की कृपा से ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसलिए संत और भगवंत एक-दूसरे के पूरक हैं। गुरु को मोक्ष का द्वार बताते हुए उन्होंने कहा कि गुरु को धारण करने से पहले उनके बारे में जानना भी आवश्यक है। कथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज ने बताया कि माता पार्वती ने कठिन तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसके बाद विवाह की तैयारियां शुरू हुईं। कैलाश पर शिवगणों ने भगवान शिव का शृंगार किया। भगवान शिव नंदी पर सवार होकर शिवगणों के साथ बरात लेकर हिमाचल की नगरी पहुंचे। शिव बरात के हिमाचल के द्वार पहुंचने पर हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भगवान शिव के स्वरूप को देखकर मैना मोहित हो गईं। बाद में नारद जी के समझाने पर उनका भ्रम दूर हुआ। विवाह मंडप में हिमवान ने माता पार्वती का कन्यादान किया और विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ। कथा के दौरान प्रस्तुत शिव विवाह की झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में अनिल गुप्ता गुड्डू और मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल मौजूद रहे। मुख्य यजमान कांति जायसवाल, शेखर जायसवाल और निधि जायसवाल रहे। इस दौरान ओम प्रकाश जायसवाल, बबीता जायसवाल, धीरज तिवारी, अच्युतानंद पाठक, खुशबू जायसवाल, मनोज श्रीवास्तव, रवि गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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