वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को जुलूस निकालकर केंद्र सरकार की विदेश नीति के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भारत सरकार की विदेश नीति और कूटनीतिक प्रयासों की कमजोरी के कारण तीन भारतीय नाविकों की जान गई। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की मौत के मामले में अमेरिका के खिलाफ अपेक्षित स्तर पर कूटनीतिक पहल नहीं की गई। वक्ताओं ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए भारतीय जहाज पर हमला किया गया, जिसके बावजूद सरकार का रुख संतोषजनक नहीं रहा।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने बेरोजगारी के मुद्दे को भी उठाया। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार के अभाव में परेशान हैं और आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से विदेश नीति और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन में शंभूनाथ, परमानंद, चौथी पासवान, बलिराम, महानंद, लालचंद सिंह एडवोकेट, नंदलाल, भृगुनाथ विश्वकर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।