{"_id":"69b07bbb7c410c339b0a4b3a","slug":"shri-giriraj-kishori-playing-holi-with-shambhu-chandauli-news-c-189-1-svns1011-145273-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: शंभू संग खेलत होरी श्री गिरिराज किशोरी……","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: शंभू संग खेलत होरी श्री गिरिराज किशोरी……
विज्ञापन
इलिया के सैदूपुर में आयोजित बुढ़वा मंगल कार्यक्रम में गीत प्रस्तुत करते कलाकार। संवाद
विज्ञापन
बुढ़वा मंगल पर सैदूपुर में लोक संगीत और कवि सम्मेलन में कलाकारों ने बांधा समां
इलिया। सैदूपुर के हनुमान मंदिर में मंगलवार को बुढ़वा मंगल पर उस्ताद हरिवंश सिंह की स्मृति में लोक संगीत और कवि सम्मेलन में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। शुभारंभ उस्ताद हरिवंश सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया।
लोक संगीत की प्रस्तुति में संतोष द्विवेदी ने शंभू संग खेलत होरी-श्री गिरिराज किशोरी” सुनाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रामजन्म भारती ने “हमारी तुम्हारी ना जोरी… गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। त्रिवेणी द्विवेदी ने “मिथिला में राम खेलत होली” सुनाकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं राजकुमार विश्वकर्मा ने “हमार नऊंवा सुदामा…” गीत के माध्यम से मित्रता की मिसाल पेश की। इसके अलावा रामनगीना व्यास, डॉ. दिवाकर सिंह, रामविलास, रमाशंकर राय, डॉ. बुद्ध प्रताप, धर्मदेव प्रजापति, अमरनाथ पाल, मेवालाल और गंगा दयाल समेत कई लोकगायकों ने प्रस्तुतियों से समां बांधा। वहीं कवि सम्मेलन में पाल बंधु ने “असो क होली शराब में डूब गइल” कविता सुनाकर सामाजिक विडंबनाओं पर व्यंग्य किया। राजेंद्र प्रसाद भ्रमर ने अपनी रचना के माध्यम से वर्तमान परिवेश पर करारा प्रहार किया जबकि संतोष धूर्त की हास्य रचना पर श्रोताओं ने ठहाके लगाए। हरिवंश सिंह बवाल ने “जो कहता है किसी से दुश्मनी नहीं…” पंक्तियों से खूब तालियां बटोरीं। इसके अलावा कवि राजेश विश्वकर्मा ‘राजू’, शिवदास विश्वकर्मा, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, विजय सिंह मलिक, मुसे मोहम्मद जानी, शिवदास अनपढ़, मनीराम सैलाब, अलियार प्रधान और बशीर अहमद ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में सभी लोकगायकों और कवियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी संजय सिंह ने कहा कि लोकगीत और कविता हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। विशिष्ट अतिथि नवल किशोर सिंह रहे। संचालन सुभाष विश्वकर्मा व कवि मंच का संचालन राजेश विश्वकर्मा ने किया। अंत में संयोजक गौरीशंकर सिंह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Trending Videos
इलिया। सैदूपुर के हनुमान मंदिर में मंगलवार को बुढ़वा मंगल पर उस्ताद हरिवंश सिंह की स्मृति में लोक संगीत और कवि सम्मेलन में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। शुभारंभ उस्ताद हरिवंश सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया।
लोक संगीत की प्रस्तुति में संतोष द्विवेदी ने शंभू संग खेलत होरी-श्री गिरिराज किशोरी” सुनाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रामजन्म भारती ने “हमारी तुम्हारी ना जोरी… गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। त्रिवेणी द्विवेदी ने “मिथिला में राम खेलत होली” सुनाकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं राजकुमार विश्वकर्मा ने “हमार नऊंवा सुदामा…” गीत के माध्यम से मित्रता की मिसाल पेश की। इसके अलावा रामनगीना व्यास, डॉ. दिवाकर सिंह, रामविलास, रमाशंकर राय, डॉ. बुद्ध प्रताप, धर्मदेव प्रजापति, अमरनाथ पाल, मेवालाल और गंगा दयाल समेत कई लोकगायकों ने प्रस्तुतियों से समां बांधा। वहीं कवि सम्मेलन में पाल बंधु ने “असो क होली शराब में डूब गइल” कविता सुनाकर सामाजिक विडंबनाओं पर व्यंग्य किया। राजेंद्र प्रसाद भ्रमर ने अपनी रचना के माध्यम से वर्तमान परिवेश पर करारा प्रहार किया जबकि संतोष धूर्त की हास्य रचना पर श्रोताओं ने ठहाके लगाए। हरिवंश सिंह बवाल ने “जो कहता है किसी से दुश्मनी नहीं…” पंक्तियों से खूब तालियां बटोरीं। इसके अलावा कवि राजेश विश्वकर्मा ‘राजू’, शिवदास विश्वकर्मा, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, विजय सिंह मलिक, मुसे मोहम्मद जानी, शिवदास अनपढ़, मनीराम सैलाब, अलियार प्रधान और बशीर अहमद ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में सभी लोकगायकों और कवियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि समाजसेवी संजय सिंह ने कहा कि लोकगीत और कविता हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। विशिष्ट अतिथि नवल किशोर सिंह रहे। संचालन सुभाष विश्वकर्मा व कवि मंच का संचालन राजेश विश्वकर्मा ने किया। अंत में संयोजक गौरीशंकर सिंह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन