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Chitrakoot News: रामायण दर्शन केंद्र के लिए 15 करोड़ से बनेगा नया मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:19 PM IST
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सीकेटीपी-22सीकेटीपी 26 -21 मार्च को प्रकाशित खबर।
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चित्रकूट। धर्मनगरी में कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर स्थित रामायण दर्शन केंद्र तक पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से एक नया मार्ग बनाया जाएगा। यह पहल केंद्र की बदहाली को लेकर अमर उजाला द्वारा चलाए गए अभियान के बाद सरकारी मशीनरी के हरकत में आने से हुई है। लंबे समय से दर्शकों के अभाव में बंद पड़े इस केंद्र को अब फिर से सक्रिय करने की तैयारी है।
पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत से रामायण दर्शन और डिजिटल गैलरी बनाई गई थी। हालांकि, केंद्र तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता परिक्रमार्थियों की भीड़ वाला था, जिससे दर्शक आसानी से नहीं पहुंच पाते थे और केंद्र सूना पड़ा था। स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से अलग रास्ते की मांग की जा रही थी, जो पहले ठंडे बस्ते में चली गई थी।
अमर उजाला ने रामायण दर्शन सूना, दर्शकों की कमी से डिजिटल गैलरी बंद और रामायण दर्शन केंद्र की बदहाली, सीधा रास्ता बने तो दर्शकों की संख्या में हो इजाफा शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर इस मुद्दे को उठाया। इन खबरों के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आए।
फाइलों की जांच में पता चला कि पिछले वर्ष खोही पर्यटन सुविधा केंद्र से रामायण दर्शन केंद्र तक मार्ग निर्माण का प्रस्ताव और बजट स्वीकृत हुआ था। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष के प्रस्ताव का पुनः सर्वे कराया गया है। बड़े नालों और उबड़-खाबड़ जमीन के कारण कार्य को टाल दिया गया था।
दो किमी लंबा बनेगा नया रास्ता
रामायण दर्शन केंद्र तक पहुंच को आसान बनाने के लिए दो किमी लंबे मार्ग निर्माण की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के लिए करीब 1.79 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। मार्ग निर्माण पर करीब 1496.38 लाख रुपये (लगभग 15 करोड़ रुपये) की लागत आएगी। इसमें नालों पर दो बड़े पुल और मिट्टी की कटान रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण भी शामिल है। यह मार्ग लक्ष्मण पहाड़ी के नीचे से होकर गुजरेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : मार्ग निर्माण पूरा होने के बाद रामायण दर्शन केंद्र तक पहुंच सुगम हो जाएगी। इससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह पहल क्षेत्रीय पर्यटन को नया जीवन प्रदान करेगी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से रूबरू कराने और युवाओं को प्रेरणा देने के उद्देश्य से बने इस केंद्र को अब उसका वास्तविक महत्व मिल सकेगा।
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पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत से रामायण दर्शन और डिजिटल गैलरी बनाई गई थी। हालांकि, केंद्र तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता परिक्रमार्थियों की भीड़ वाला था, जिससे दर्शक आसानी से नहीं पहुंच पाते थे और केंद्र सूना पड़ा था। स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से अलग रास्ते की मांग की जा रही थी, जो पहले ठंडे बस्ते में चली गई थी।
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अमर उजाला ने रामायण दर्शन सूना, दर्शकों की कमी से डिजिटल गैलरी बंद और रामायण दर्शन केंद्र की बदहाली, सीधा रास्ता बने तो दर्शकों की संख्या में हो इजाफा शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर इस मुद्दे को उठाया। इन खबरों के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आए।
फाइलों की जांच में पता चला कि पिछले वर्ष खोही पर्यटन सुविधा केंद्र से रामायण दर्शन केंद्र तक मार्ग निर्माण का प्रस्ताव और बजट स्वीकृत हुआ था। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष के प्रस्ताव का पुनः सर्वे कराया गया है। बड़े नालों और उबड़-खाबड़ जमीन के कारण कार्य को टाल दिया गया था।
दो किमी लंबा बनेगा नया रास्ता
रामायण दर्शन केंद्र तक पहुंच को आसान बनाने के लिए दो किमी लंबे मार्ग निर्माण की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के लिए करीब 1.79 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। मार्ग निर्माण पर करीब 1496.38 लाख रुपये (लगभग 15 करोड़ रुपये) की लागत आएगी। इसमें नालों पर दो बड़े पुल और मिट्टी की कटान रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण भी शामिल है। यह मार्ग लक्ष्मण पहाड़ी के नीचे से होकर गुजरेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : मार्ग निर्माण पूरा होने के बाद रामायण दर्शन केंद्र तक पहुंच सुगम हो जाएगी। इससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। यह पहल क्षेत्रीय पर्यटन को नया जीवन प्रदान करेगी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से रूबरू कराने और युवाओं को प्रेरणा देने के उद्देश्य से बने इस केंद्र को अब उसका वास्तविक महत्व मिल सकेगा।

सीकेटीपी-22सीकेटीपी 26 -21 मार्च को प्रकाशित खबर।