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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Animals have taken over the premises where grain was once stored in the warehouses; the space is now filled with fodder.

Chitrakoot News: गोदामों में अनाज की जगह भूसा परिसर में जानवरों ने बनाया डेरा

Fri, 17 Jul 2026 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:56 PM IST
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Animals have taken over the premises where grain was once stored in the warehouses; the space is now filled with fodder.
पड़ताल का लोगो
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- किसानों को नजदीकी बाजार उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों खर्च कर बनाई गई थी मंडियां
- मंडी परिषद सचिव ने स्वीकारा- कुछ मंडियों में गोशालाएं संचालित, कुछ पर ही हो रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार मुहैया कराने को बुंदेलखंड पैकेज से जिले में करोड़ों खर्च कर ग्रामीण कृषि मंडियां बनाई गई, लेकिन आज वो रखरखाव के अभाव में बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं।
शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने पहाड़ी, राजापुर और मऊ स्थित मंडी की पड़ताल की तो वहां की तस्वीर चौंकाने वाली पाई। टीम को कहीं मंडी परिसर गोशाला में तब्दील मिली तो कहीं भवनों में भूसा और कंडे भरे पाए गए। कई स्थानों पर जंगली जानवरों ने डेरा जमा लिया है। वर्षों से इन मंडियों का संचालन न होने से किसानों को फायदा नहीं मिल रहा है।
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सीन-01-
17 सीकेटीपी-06-मंडी के अंदर जानवरों की लिए बनी चरही। संवाद
17 सीकेटीपी-07- मंडी के गोदाम में भरा भूसा। संवाद
हरदौली मंडी में गोशाला, भवनों में भूसा और गोबर
राजापुर। पहाड़ी की हरदौली ग्राम पंचायत में आठ गांवों के किसानों को लाभ देने के लिए बनी कृषि मंडी अन्ना मवेशियों के लिए आश्रय स्थल बन गई है। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसका लोकार्पण किया था। किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। कुछ समय बाद ही मंडी का संचालन बंद हो गया। आज मंडी परिसर में ग्राम पंचायत की ओर से पशुओं के लिए चरही बनाई गई है। स्टोर रूम में अनाज की जगह भूसा भरा है। गार्ड रूम कंडों और भूसे का गोदाम बन चुका है। शौचालय टूट चुके हैं और उनमें गोबर भरा हुआ है। भवन के दरवाजे, खिड़कियां और टिनशेड भी क्षतिग्रस्त हैं। (संवाद
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सीन-02-
17 सीकेटीपी-08-गार्ड रूम का टूटा दरवाजा। संवाद
17 सीकेटीपी-09-मंडी के ऑफिस रूम के बाहर टूटी फर्श। संवाद

पहाड़ी की नवीन गल्ला मंडी में चर रहे जानवर
पहाड़ी। कस्बे के बरेठी रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी की हालत भी खस्ता है। मंडी परिसर में मवेशी खुलेआम घूम रहे हैं। प्रवेश मार्ग कच्चे रास्ते में तब्दील हो चुका है। गार्ड रूम और अन्य कमरों के दरवाजे टूट गए हैं, फर्श उखड़ चुकी है और कार्यालय कक्ष में कूड़े का ढेर लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मंडी वर्षों से बंद पड़ी है और इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। (संवाद)


सीन-03-

17 सीकेटीपी-10-मंडी परिसर में जर्जर सड़क के बीच खड़े जानवर
17 सीकेटीपी-11-झाड़ियों पटा मंडी का बोर्ड। संवाद
मऊ मंडी में उगी झाड़ियां, जंगली जानवरों का डेरा

मऊ। मऊ से दानू बाबा के पास लवेद गांव के नजदीक जंगल के किनारे बनाई गई मंडी समिति की बिल्डिंग आज तक संचालित नहीं हुई है। बिल्डिंग के अंदर जंगली जानवरों का बसेरा है। परिसर में झाड़ियां और जंगली पेड़ उग आए हैं जबकि भवन के भीतर जंगली जानवरों का बसेरा है। मंडी में रखा जनरेटर और अन्य उपकरण भी खराब हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि मंडियों का नियमित संचालन होता तो उन्हें उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।



बोले जिम्मेदार-

जिला प्रशासन द्वारा कुछ मंडियों में गोशाला खुलने का निर्देश दिया गया। इसके साथ मंडियों में जो काम करवाने लायक होते हैं उन्हें करवाया जाता है। मंडियों में रखने के लिए गार्ड की मांग की गई है। - विनय सिंह, सचिव, मंडी परिषद
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