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Chitrakoot News: कुष्ठ रोग उन्मूलन के लिए घर-घर जागरूकता अभियान शुरू, 13 फरवरी तक चलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:59 PM IST
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चित्रकूट। स्वास्थ्य विभाग द्वारा महात्मा गांधी की पुण्यतिथि से शुक्रवार को कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान की शुरूआत की। इस अभियान में गठित आशा कार्यकर्ता की टीमें घर-घर जाकर लोगों को कुष्ठ रोगों के प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही उन्हें रोग के लक्षण, बचाव व उपचार की भी जानकारी देंगी। संदिग्ध मरीजों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भेजकर उनका निशुल्क इलाज इलाज भी कराएंगी। यह अभियान 13 फरवरी तक चलेगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने इस वर्ष यह अभियान भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें की थीम पर होगा। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह केवल ड्रॉपलेट के माध्यम से फैलता है, इसलिए कुष्ठ रोगी के साथ सामान्य व्यवहार करने, साथ खाने-पीने या यात्रा करने से यह नहीं फैलता। उन्होंने बताया कि साफ-सफाई, समय पर उपचार और पौष्टिक आहार से मरीज छह माह से बारह माह में पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाते हैं।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार संदिग्ध कुष्ठ रोगियों की खोज कर रहे हैं। त्वचा पर दाग-धब्बे के साथ सुन्नपन, चमकीली तैलीय त्वचा, कान के पल्ले का मोटा होना, आंख का पूरी तरह बंद न होना, हाथ-उंगलियों में कमजोरी और भौहों का झड़ना कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण हैं। जनपद चित्रकूट में 34 कुष्ठ मरीज हैं, जिनका नियमित उपचार और फालोअप किया जा रहा है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने इस वर्ष यह अभियान भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें की थीम पर होगा। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह केवल ड्रॉपलेट के माध्यम से फैलता है, इसलिए कुष्ठ रोगी के साथ सामान्य व्यवहार करने, साथ खाने-पीने या यात्रा करने से यह नहीं फैलता। उन्होंने बताया कि साफ-सफाई, समय पर उपचार और पौष्टिक आहार से मरीज छह माह से बारह माह में पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाते हैं।
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जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार संदिग्ध कुष्ठ रोगियों की खोज कर रहे हैं। त्वचा पर दाग-धब्बे के साथ सुन्नपन, चमकीली तैलीय त्वचा, कान के पल्ले का मोटा होना, आंख का पूरी तरह बंद न होना, हाथ-उंगलियों में कमजोरी और भौहों का झड़ना कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण हैं। जनपद चित्रकूट में 34 कुष्ठ मरीज हैं, जिनका नियमित उपचार और फालोअप किया जा रहा है।
