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Chitrakoot News: कामतानाथ और मतगेन्द्रनाथ स्वामी पर चढ़ेगा गुलाल, गुझिया-पापड़ व रसगुल्ले का लगेगा भोग
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:20 PM IST
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फोटो 01 सीकेटीपी-23-स्वामी कामतानाथ। संवाद
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खोही/ चित्रकूट। धर्मनगरी में होली का पर्व हर वर्ष विशेष उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। इस बार भी भगवान कामतानाथ और मत्तगजेन्द्रनाथ स्वामी के मंदिरों में विशेष पूजन होगा। इस दिन प्रभु कामतानाथ व मत्तगजेन्द्र नाथ अबीर गुलाल चढ़ेगा और फूलों से होली खेली जाएगी। तत्पश्चात गुझिया और पापड़ व रसगुल्ले का भोग भी लगाया जाएगा। हजारों श्रद्धालु दूर-दराज से पहुंचकर इस उत्सव का हिस्सा बनेंगे।
मुख्य द्वार के संत मदन गोपाल दास महाराज ने बताया कि होली के दिन स्वामी कामतानाथ को गुलाबी व हरे रंग के विशेष वस्त्र धारण कराए जाएंगे। साथ ही फूलों से बने प्राकृतिक रंगों से बाबा का शृंगार किया जाएगा। मंदिर परिसर में फूलों की होली खेली जाएगी, जिसमें श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल होंगे। भगवान को भोग में गुझिया, पापड़, रसगुल्ला, पूड़ी-सब्जी सहित विविध पकवान अर्पित किए जाएंगे। होली के दिन सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे और रात नौ बजे तक दर्शन का क्रम जारी रहेगा। पर्व के अवसर पर प्रतिदिन अलग-अलग परिधानों से बाबा का शृंगार किया जाएगा।
वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार भगवान को गुलाल अर्पित कर छप्पन भोग लगाया जाता है। इसी क्रम में रामघाट स्थित मत्तगजेन्द्र नाथ स्वामी मंदिर में भी होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। यहां भी स्वामी जी का विशेष शृंगार कर उच्च गुणवत्ता का गुलाल अर्पित किया जाएगा और फूलों की होली खेली जाएगी। प्रदीप दास जी ने बताया कि होली के अवसर पर दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचते हैं।
पूरे नगर में भक्ति, रंग और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। होली के इस पावन पर्व पर चित्रकूट की धार्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत एक बार फिर जीवंत होंगी, जहां रंगों के साथ आस्था की छटा बिखरेगी। श्रद्धालुओं को बाबा के लगाए गए अबीर व गुलाल से रंगा जाएगा।
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मुख्य द्वार के संत मदन गोपाल दास महाराज ने बताया कि होली के दिन स्वामी कामतानाथ को गुलाबी व हरे रंग के विशेष वस्त्र धारण कराए जाएंगे। साथ ही फूलों से बने प्राकृतिक रंगों से बाबा का शृंगार किया जाएगा। मंदिर परिसर में फूलों की होली खेली जाएगी, जिसमें श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल होंगे। भगवान को भोग में गुझिया, पापड़, रसगुल्ला, पूड़ी-सब्जी सहित विविध पकवान अर्पित किए जाएंगे। होली के दिन सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे और रात नौ बजे तक दर्शन का क्रम जारी रहेगा। पर्व के अवसर पर प्रतिदिन अलग-अलग परिधानों से बाबा का शृंगार किया जाएगा।
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वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार भगवान को गुलाल अर्पित कर छप्पन भोग लगाया जाता है। इसी क्रम में रामघाट स्थित मत्तगजेन्द्र नाथ स्वामी मंदिर में भी होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। यहां भी स्वामी जी का विशेष शृंगार कर उच्च गुणवत्ता का गुलाल अर्पित किया जाएगा और फूलों की होली खेली जाएगी। प्रदीप दास जी ने बताया कि होली के अवसर पर दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचते हैं।
पूरे नगर में भक्ति, रंग और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। होली के इस पावन पर्व पर चित्रकूट की धार्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत एक बार फिर जीवंत होंगी, जहां रंगों के साथ आस्था की छटा बिखरेगी। श्रद्धालुओं को बाबा के लगाए गए अबीर व गुलाल से रंगा जाएगा।

फोटो 01 सीकेटीपी-23-स्वामी कामतानाथ। संवाद

फोटो 01 सीकेटीपी-23-स्वामी कामतानाथ। संवाद
