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Chitrakoot News: 50 करोड़ से 10 ग्राम पंचायतों में खुलेंगे सिलाई केंद्र, हजारों को मिलेगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:18 PM IST
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चित्रकूट। भरतकूप खनन क्षेत्र के आसपास की 10 ग्राम पंचायतों में सिलाई केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में खनिज न्यास निधि से करीब 50 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इन सिलाई केंद्रों पर महिलाओं और युवाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगा और उनकी आय बढ़ाने में सहायक होगा।
धर्मनगरी चित्रकूट की कर्वी तहसील के भरतकूप, रसिन, गोंडा, पहरा, सुदिनपुर और बरवारा क्षेत्र खनिज संपदा के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, यह पहाड़ी इलाका काफी पिछड़ा हुआ है और यहां रोजगार के साधन सीमित हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से रोजगार के अवसरों की कमी से जूझ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कौशल विकास विभाग को भरतकूप खनन क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे।
विभाग ने भरतकूप क्षेत्र के आसपास 10 ग्राम पंचायतों में सिलाई केंद्र खोलने का खाका तैयार किया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सिलाई केंद्र खोला जाएगा। इन केंद्रों पर महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद वे सिलाई के काम से अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
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इन पिछड़े क्षेत्र में सुलभ होंगे रोजगार के अवसर
चित्रकूट का भरतकूप खनन क्षेत्र, जिसमें रसिन, गोंडा और पहरा जैसे गांव शामिल हैं, खनिज संपदा से भरपूर है। इसके बावजूद, पहाड़ी भूभाग के कारण यह इलाका आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। यहां के निवासियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कौशल विकास विभाग को निर्देश दिए थे।
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धर्मनगरी चित्रकूट की कर्वी तहसील के भरतकूप, रसिन, गोंडा, पहरा, सुदिनपुर और बरवारा क्षेत्र खनिज संपदा के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, यह पहाड़ी इलाका काफी पिछड़ा हुआ है और यहां रोजगार के साधन सीमित हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से रोजगार के अवसरों की कमी से जूझ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कौशल विकास विभाग को भरतकूप खनन क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे।
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विभाग ने भरतकूप क्षेत्र के आसपास 10 ग्राम पंचायतों में सिलाई केंद्र खोलने का खाका तैयार किया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सिलाई केंद्र खोला जाएगा। इन केंद्रों पर महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद वे सिलाई के काम से अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
इन पिछड़े क्षेत्र में सुलभ होंगे रोजगार के अवसर
चित्रकूट का भरतकूप खनन क्षेत्र, जिसमें रसिन, गोंडा और पहरा जैसे गांव शामिल हैं, खनिज संपदा से भरपूर है। इसके बावजूद, पहाड़ी भूभाग के कारण यह इलाका आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। यहां के निवासियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कौशल विकास विभाग को निर्देश दिए थे।
