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Chitrakoot News: रुझौआ के जंगलों में दिखे बाघ, भालू, तीर्थ के साथ वन्यजीव दर्शन का भी मिलेगा अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:21 PM IST
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फोटो 01 सीकेटीपी-12- जंगल के कैमरे में कैद चीता की फोटो। स्रोत: वन विभाग
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चित्रकूट। होली से पहले जिले के जंगलों में वन्यजीवों की चहल-पहल बढ़ गई है। रानीपुर टाइगर रिजर्व के रुझौआ वन क्षेत्र में हाल ही में एक बाघ और दो भालू देखे गए हैं। वन विभाग द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में इनकी गतिविधियां कैद हुई हैं। इससे अब चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं को तीर्थ दर्शन के साथ वन्यजीव दर्शन का भी अवसर मिल सकेगा।
करीब 529.36 वर्ग किमी में फैले रानीपुर टाइगर रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों में 125 कैमरे लगाए गए हैं। बीते सप्ताह रुझौआ के जंगल में पहले दो भालू नजर आए। इसके तीन दिन बाद उसी स्थान पर एक बाघ भी कैमरे में कैद हुआ। इससे वन विभाग में उत्साह का माहौल है। वन विभाग के एसडीओ राजीव रंजन सिंह ने बताया कि जंगल की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। पिछले कुछ समय से यहां बारहसिंगा, हिरण और अन्य वन्यजीव ही दिखाई दे रहे थे लेकिन अब बाघ और भालू की मौजूदगी से जैव विविधता में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।
जंगल में पशुओं की आवाजाही बढ़ी है और आने वाले समय में वन्यजीवों का स्थायी ठहराव भी संभव है। गौरतलब है कि चित्रकूट धार्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सक्रियता पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वन विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र इको-टूरिज्म का नया बड़ा केंद्र बन सकता है।
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करीब 529.36 वर्ग किमी में फैले रानीपुर टाइगर रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों में 125 कैमरे लगाए गए हैं। बीते सप्ताह रुझौआ के जंगल में पहले दो भालू नजर आए। इसके तीन दिन बाद उसी स्थान पर एक बाघ भी कैमरे में कैद हुआ। इससे वन विभाग में उत्साह का माहौल है। वन विभाग के एसडीओ राजीव रंजन सिंह ने बताया कि जंगल की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। पिछले कुछ समय से यहां बारहसिंगा, हिरण और अन्य वन्यजीव ही दिखाई दे रहे थे लेकिन अब बाघ और भालू की मौजूदगी से जैव विविधता में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।
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जंगल में पशुओं की आवाजाही बढ़ी है और आने वाले समय में वन्यजीवों का स्थायी ठहराव भी संभव है। गौरतलब है कि चित्रकूट धार्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सक्रियता पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वन विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र इको-टूरिज्म का नया बड़ा केंद्र बन सकता है।

फोटो 01 सीकेटीपी-12- जंगल के कैमरे में कैद चीता की फोटो। स्रोत: वन विभाग
