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बाघ बचेंगे तो जंगल, नदियां और मानव जीवन रहेगा सुरक्षित: केपी मलिक
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चित्रकूट। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर मंगलवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में एक समारोह आयोजित किया गया। इसमें राज्यमंत्री केपी मलिक ने पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संवर्धन और बाघ संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बाघ पारिस्थितिकी तंत्र की जीवनरेखा हैं, जिनके सुरक्षित रहने से जंगल, नदियां और मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। राज्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़कर अधिक पौधरोपण का आह्वान किया। विश्वविद्यालय के कुलपति शिशिर कुमार पाण्डेय ने प्रकृति और मानव के बीच संतुलन को आवश्यक बताया। उन्होंने समाज से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने और युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वैमटी सहित कई अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
समारोह में रानीपुर टाइगर रिजर्व के गठन में योगदान देने वाले पूर्व प्रभागीय वनाधिकारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इनमें शेष नारायण मिश्रा, कार्तिक कुमार सिंह, आरके दीक्षित, पीके त्रिपाठी और एनके सिंह शामिल रहे। टाइगर रिजर्व का लोगो और वेबसाइट लॉन्च की गई। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र, पदक और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
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समारोह में रानीपुर टाइगर रिजर्व के गठन में योगदान देने वाले पूर्व प्रभागीय वनाधिकारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इनमें शेष नारायण मिश्रा, कार्तिक कुमार सिंह, आरके दीक्षित, पीके त्रिपाठी और एनके सिंह शामिल रहे। टाइगर रिजर्व का लोगो और वेबसाइट लॉन्च की गई। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र, पदक और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
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