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Chitrakoot News: सावन आज से, धर्मनगरी में सजे शिवालय, गूंजेंगे बम-बम भोले के जयकारे
Wed, 29 Jul 2026 11:07 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:07 PM IST
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फोटो न- 29 सीकेटीपी 24 रामघाट का भगवान मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर। संवाद
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चित्रकूट। आज से देवों के देव महादेव की भक्ति का पवित्र महीना सावन का आगाज हो गया है। धर्मनगरी में सभी शिवालय सजकर तैयार हैं। बृहस्पतिवार से भगवान मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर समेत जिले के अन्य शिवालयों में जलाभिषेक शुरू हो जाएगा, जो पूरे एक माह तक चलेगा। इस दौरान शिव मंदिर और शिवालय बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान होंगे।
पंचांग के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इस अवधि में व्रत-उपवास और पूजा-अर्चना का विशेष फल मिलता है। सावन मास में धर्मनगरी आस्था और भक्ति के माहौल में डूब जाती है। रामघाट स्थित मत्तगजेन्द्र नाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। दूर-दूर से कांवड़िये भी पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। सुबह चार बजे से कपाट खुल जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन व जलाभिषेक का सिलसिला शुरू होगा। इसी प्रकार, मानिकपुर क्षेत्र के चर स्थित सोमनाथ मंदिर, पहाड़ी क्षेत्र के पालेश्वनाथ मंदिर, भरतकूप क्षेत्र के मड़फा पहाड़ क्षेत्र के शिवमंदिर, सहित मऊ क्षेत्र के ऋषियन मंदिर में भी भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
सावन मास में होंगे चार सोमवार
संत नवलेश दीक्षित और सीताशरण के अनुसार, इस बार सावन माह पूरे 30 दिनों का होगा। इसमें कुल चार सोमवार पड़ेंगे। पहला तीन अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त को होगा। शास्त्रों के अनुसार, जब भगवान विष्णु चातुर्मास में योग निद्रा में होते हैं, तब सृष्टि का संचालन महादेव संभालते हैं। इसलिए सावन में पूजन, व्रत और जलाभिषेक परिवार का कल्याण करता है। रामघाट स्थित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर में सुबह चार बजे से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं।
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सुरक्षा में मुस्तैद पुलिस:
सीतापुर पुलिस चौकी प्रभारी यदुवीर सिंह ने बताया कि सावन मास में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बताया कि रामघाट स्थित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए दो रास्ते बनाए गए हैं, जिनसे श्रद्धालु आएंगे और जाएंगे। रामघाट में बाइक और चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर सुबह चार बजे से खुलेगा, जहां पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा के लिए सुबह तीन बजे से पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा भीड़ को देखते हुए रामघाट क्षेत्र में दोपहिया व चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी वाहन यहां आ-जा नहीं सकेंगे।
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चित्रकूट से 300 शिवभक्तों का कांवड़िया जत्था बैद्यनाथ धाम रवाना
राजापुर/शिवरामपुर (चित्रकूट)। श्रावण मास के बीच बुधवार को राजापुर और शिवरामपुर से सैकड़ों शिवभक्तों का कांवड़ जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में करीब 300 श्रद्धालु शामिल हैं। परिजनों और नगरवासियों ने श्रद्धालुओं को विदा किया। यात्रा संयोजक महेंद्र पाण्डेय ने बताया कि सात निजी वाहनों से श्रद्धालुओं का पहला जत्था सीधे देवघर के लिए प्रस्थान किया है। वहीं, हजारों शिवभक्त मानिकपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। ये श्रद्धालु ट्रेन से सुल्तानगंज जाएंगे। सुल्तानगंज से वे 105 किलोमीटर की पदयात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे। वहां श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करेंगे। बैद्यनाथ धाम में दर्शन के बाद भक्त बाबा बासुकीनाथ धाम में भी माथा टेकेंगे।
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पंचांग के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि इस अवधि में व्रत-उपवास और पूजा-अर्चना का विशेष फल मिलता है। सावन मास में धर्मनगरी आस्था और भक्ति के माहौल में डूब जाती है। रामघाट स्थित मत्तगजेन्द्र नाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। दूर-दूर से कांवड़िये भी पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। सुबह चार बजे से कपाट खुल जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन व जलाभिषेक का सिलसिला शुरू होगा। इसी प्रकार, मानिकपुर क्षेत्र के चर स्थित सोमनाथ मंदिर, पहाड़ी क्षेत्र के पालेश्वनाथ मंदिर, भरतकूप क्षेत्र के मड़फा पहाड़ क्षेत्र के शिवमंदिर, सहित मऊ क्षेत्र के ऋषियन मंदिर में भी भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
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सावन मास में होंगे चार सोमवार
संत नवलेश दीक्षित और सीताशरण के अनुसार, इस बार सावन माह पूरे 30 दिनों का होगा। इसमें कुल चार सोमवार पड़ेंगे। पहला तीन अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त को होगा। शास्त्रों के अनुसार, जब भगवान विष्णु चातुर्मास में योग निद्रा में होते हैं, तब सृष्टि का संचालन महादेव संभालते हैं। इसलिए सावन में पूजन, व्रत और जलाभिषेक परिवार का कल्याण करता है। रामघाट स्थित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर में सुबह चार बजे से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं।
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सुरक्षा में मुस्तैद पुलिस:
सीतापुर पुलिस चौकी प्रभारी यदुवीर सिंह ने बताया कि सावन मास में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बताया कि रामघाट स्थित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए दो रास्ते बनाए गए हैं, जिनसे श्रद्धालु आएंगे और जाएंगे। रामघाट में बाइक और चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर सुबह चार बजे से खुलेगा, जहां पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा के लिए सुबह तीन बजे से पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा भीड़ को देखते हुए रामघाट क्षेत्र में दोपहिया व चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी वाहन यहां आ-जा नहीं सकेंगे।
चित्रकूट से 300 शिवभक्तों का कांवड़िया जत्था बैद्यनाथ धाम रवाना
राजापुर/शिवरामपुर (चित्रकूट)। श्रावण मास के बीच बुधवार को राजापुर और शिवरामपुर से सैकड़ों शिवभक्तों का कांवड़ जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में करीब 300 श्रद्धालु शामिल हैं। परिजनों और नगरवासियों ने श्रद्धालुओं को विदा किया। यात्रा संयोजक महेंद्र पाण्डेय ने बताया कि सात निजी वाहनों से श्रद्धालुओं का पहला जत्था सीधे देवघर के लिए प्रस्थान किया है। वहीं, हजारों शिवभक्त मानिकपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। ये श्रद्धालु ट्रेन से सुल्तानगंज जाएंगे। सुल्तानगंज से वे 105 किलोमीटर की पदयात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे। वहां श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करेंगे। बैद्यनाथ धाम में दर्शन के बाद भक्त बाबा बासुकीनाथ धाम में भी माथा टेकेंगे।

फोटो न- 29 सीकेटीपी 24 रामघाट का भगवान मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर। संवाद

फोटो न- 29 सीकेटीपी 24 रामघाट का भगवान मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर। संवाद