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Deoria News: तीन मेडिकल स्टोर्स का कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने का लाइसेंस निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:21 AM IST
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देवरिया। कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर की तीन मेडिकल स्टोर्स (दवा की दुकान) श्रीराम मेडिकल एजेंसी, केजरीवाल मेडिकल एजेंसी और भारत मेडिकल एजेंसी का कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। साथ ही इन तीनों दुकानों को बृहस्पतिवार से अगले सात दिन के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। उस अवधि में इन दुकानों से किसी भी दवा का खरीद-बिक्री का बिल निर्गत नहीं होगा। ड्रग इंस्पेक्टर इसकी हर दिन निगरानी करेंगे। हालांकि, विभाग का दावा है कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित दवा मिलने के मामले में नहीं बल्कि व्यापक जनहित को देखते हुए की गई है।
पिछले महीने पूरे प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री को लेकर बड़ा हंगामा मचा था। लखनऊ की एक फर्म से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने का मामला सामने आया था। गोरखपुर के ट्रांसपोर्टनगर स्थित एक फर्म पर छापा मारा गया तो वहां से मंडल के सभी जिलों में दवा विक्रेताओं को कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने का बिल मिला था। कई बिल ऐसे मिले, जिसमें दवा का नाम बदलकर बिलिंग की गई थी, लेकिन वास्तव में वहां भी कोडीनयुक्त कफ सिरप ही बेचा गया था। इस मामले की जांच शुरू हुई तो देवरिया की भी चार दुकानें संदेह के घेरे में आ गईं। इन दुकानों पर भी गोरखपुर के भालोटिया मार्केट स्थित दवा की दुकान से प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप भेजने के सुबूत मिले थे। इसके बाद संबंधित दुकानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।
महीने भर बाद दिया जवाब, दो साल पुराना है मामला
जांच के दौरान औषधि विभाग की टीम ने संबंधित दुकानों के बिल और बाउचर का विस्तृत मिलान किया। दुकानों पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद दुकानदारों ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप तो उन लोगों ने दो साल पहले खरीदा था। दस्तावेजों की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि दुकानदारों ने दवा फुटकर में किसे बेची गई, उसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा था। जबकि नारकोटिक्स श्रेणी की दवा में मेडिसिन का पर्चा रखना व खरीदार की जानकारी को रजिस्टर में दर्ज करने का नियम है।
भाटपार रानी की दवा की दुकान की दोबारा होगी जांच
नकली दवा बेचने के मामले में भाटपार रानी तहसील क्षेत्र की एक दवा की दुकान का लाइसेंस निलंबित चल रहा है। वहां नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं मिली थीं। इस मेडिकल स्टोर में भी कोडीनयुक्त कफ सिरप खरीद के बिल मिले थे। हालांकि दुकानदार ने इसका बिल बाउचर समेत अपना जवाब भेजा है, लेकिन औषधि प्रशासन जवाब से संतुष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जवाब में कुछ तकनीकी बिंदुओं को लेकर संशय है, इसलिए यहां स्टॉक का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा।
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कोट
देवरिया जिले की चार दुकानों की जांच चल रही थी। इसमें से तीन दुकानों श्रीराम मेडिकल एजेंसी, केजरीवाल मेडिकल एजेंसी और भारत मेडिकल एजेंसी का कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा इन दुकानों को बृहस्पतिवार से अगले सात दिन तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान दुकानदार दुकान में पाई गई व्यवस्थागत कमियों को दूर करेंगे, लेकिन दवा की खरीद-बिक्री नहीं करेंगे। ड्रग इंस्पेक्टर इसकी नियमित निगरानी करेंगे।
पूरनचंद, सहायक आयुक्त औषधि- गोरखपुर
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पिछले महीने पूरे प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री को लेकर बड़ा हंगामा मचा था। लखनऊ की एक फर्म से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने का मामला सामने आया था। गोरखपुर के ट्रांसपोर्टनगर स्थित एक फर्म पर छापा मारा गया तो वहां से मंडल के सभी जिलों में दवा विक्रेताओं को कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने का बिल मिला था। कई बिल ऐसे मिले, जिसमें दवा का नाम बदलकर बिलिंग की गई थी, लेकिन वास्तव में वहां भी कोडीनयुक्त कफ सिरप ही बेचा गया था। इस मामले की जांच शुरू हुई तो देवरिया की भी चार दुकानें संदेह के घेरे में आ गईं। इन दुकानों पर भी गोरखपुर के भालोटिया मार्केट स्थित दवा की दुकान से प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप भेजने के सुबूत मिले थे। इसके बाद संबंधित दुकानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।
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महीने भर बाद दिया जवाब, दो साल पुराना है मामला
जांच के दौरान औषधि विभाग की टीम ने संबंधित दुकानों के बिल और बाउचर का विस्तृत मिलान किया। दुकानों पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद दुकानदारों ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप तो उन लोगों ने दो साल पहले खरीदा था। दस्तावेजों की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि दुकानदारों ने दवा फुटकर में किसे बेची गई, उसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा था। जबकि नारकोटिक्स श्रेणी की दवा में मेडिसिन का पर्चा रखना व खरीदार की जानकारी को रजिस्टर में दर्ज करने का नियम है।
भाटपार रानी की दवा की दुकान की दोबारा होगी जांच
नकली दवा बेचने के मामले में भाटपार रानी तहसील क्षेत्र की एक दवा की दुकान का लाइसेंस निलंबित चल रहा है। वहां नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं मिली थीं। इस मेडिकल स्टोर में भी कोडीनयुक्त कफ सिरप खरीद के बिल मिले थे। हालांकि दुकानदार ने इसका बिल बाउचर समेत अपना जवाब भेजा है, लेकिन औषधि प्रशासन जवाब से संतुष्ट नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि जवाब में कुछ तकनीकी बिंदुओं को लेकर संशय है, इसलिए यहां स्टॉक का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा।
कोट
देवरिया जिले की चार दुकानों की जांच चल रही थी। इसमें से तीन दुकानों श्रीराम मेडिकल एजेंसी, केजरीवाल मेडिकल एजेंसी और भारत मेडिकल एजेंसी का कोडीनयुक्त कफ सिरप बेचने का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा इन दुकानों को बृहस्पतिवार से अगले सात दिन तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान दुकानदार दुकान में पाई गई व्यवस्थागत कमियों को दूर करेंगे, लेकिन दवा की खरीद-बिक्री नहीं करेंगे। ड्रग इंस्पेक्टर इसकी नियमित निगरानी करेंगे।
पूरनचंद, सहायक आयुक्त औषधि- गोरखपुर
