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Deoria News: अब मरीजों को ऑनलाइन मिलेगी पैथालॉजी रिपोर्ट
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लार। सीएचसी में उपचार कराने आ रहे मरीजों को अब पैथालॉजी की रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक अप्रैल से ब्लड का सैंपल देने के बाद जांच की ऑनलाइन रिपोर्ट मोबाइल पर मिल जाएगी। यह देख डाॅक्टर मरीज की दवा लिख सकेंगे। इसके बाद औषधि कक्ष से दवा मिल जाएगी। ऐसे में मरीजों को भी सहूलियत होगी। वहीं अस्पताल में भीड़ नहीं लगेगी।
लार सीएचसी में बिहार के सीमावर्ती इलाके सहित तीन ब्लाॅकों के करीब तीन सौ से अधिक लोग प्रतिदिन इलाज कराने आते हैं। डाॅक्टर जरूरत के मुताबिक उन्हें अलग अलग तरह के जांच कराने की सलाह देते हैं। मरीज पर्ची लेकर अस्पताल परिसर में स्थित बीपीएमयू लैब में जाते हैं। यहां लैब टेक्नीशियन
खून, पेशाब सहित अन्य कई नमूने लेते हैं। हाथ से लिखे रिपोर्ट के इंताजर में करीब दो घंटे तक लैब के केबिन में बैठना पड़ता है। वहीं मरीजों की भीड़ अधिक होने से हाथ से रिपोर्ट लिखने में टेक्नीशियन को समय लगता है। ऐसे में जांच भी प्रभावित होती है। वहीं जल्दी रिपोर्ट प्राप्त करने को लेकर मरीजों के साथ आए तीमारदार कहा सुनी करने लगते हैं।
रिपोर्ट समय से नहीं मिलने से इलाज के लिए अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। यह देख सीएचसी अधीक्षक डाॅ. बीवी सिंह ने ओपीसीटी से संपर्क कर ऑनलाइन रिपोर्ट मरीजों को उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा। मामले को संज्ञान में लेते हुए ओपीसीटी ने एक कर्मचारी और ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए सिस्टम को अपडेट करने के लिए सीएचसी में टेक्नीशियन भेज दिया है। अधीक्षक के मुताबिक सिस्टम से सभी डॉक्टरों के कक्ष और लैब को जोड़ने का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।सब कुछ ठीक रहा तो एक अप्रैल से मरीजों को जांच की रिपोर्ट ऑनलाइन उनके मोबाइल पर मिलने लगेगी। इसके लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसे दिखाने के बाद डाक्टर दवा लिखेंगे। घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
घर बैठे सीएचसी में लगा सकेंगे नम्बर : सुविधाओं को लेकर प्रदेश के दूसरे रैंक पर रहने वाली सीएचसी लार में अब घर बैठे मरीज अपना नंबर लगा सकेंगे। इसके लिए उन्हें अस्पताल के तरफ से जारी होने वाली वेबसाइट पर जाकर बुकिंग करना पड़ेगा।किस विशेषज्ञ को दिखाना है समय कितने बजे का है यह भी जानकारी मिल जाएगी।अस्पताल पहुंचते ही टोकन मिल जाएगा।इसके बाद संबंधित डाक्टर मरीज को देखेंगे। इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा। उन्हें लाइन में लग कर पर्ची नहीं लगानी पड़ेगी। साथ ही समय की बचत होगी।
10 लाख की लागत से एमसीएच विंग में लगेगा सोलर : सीएचसी के एमसीएच विंग में बिजली की आपूर्ति नहीं रहने से महिला मरीजों और प्रसूताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं नवजात शिशु के उपचार में भी दिक्कतें आती हैं। एचडीएफसी बैंक के सीएसआर फंड के तहत दस लाख रुपये की लागत से अब 27 सोलर पैनल और 20 बैट्री लगाई जा रही है। कुल मिलाकर 15 किलो वाट बिजली का उत्पादन करेगी। जिससे एमसीएच विंग में बिजली की निर्बाध आपूर्ति होगी। इसका लाभ मरीजों को मिलेगापहले हाथ से लिख कर रिपोर्ट मिलती थी।
इसमें काफी समय मरीजों को देना पड़ता था। अब एक अप्रैल से ऑनलाइन रिपोर्ट मिलेगी। साथ ही ओपीडी पर्ची भी ऑनलाइन मिलेगी।
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लार सीएचसी में बिहार के सीमावर्ती इलाके सहित तीन ब्लाॅकों के करीब तीन सौ से अधिक लोग प्रतिदिन इलाज कराने आते हैं। डाॅक्टर जरूरत के मुताबिक उन्हें अलग अलग तरह के जांच कराने की सलाह देते हैं। मरीज पर्ची लेकर अस्पताल परिसर में स्थित बीपीएमयू लैब में जाते हैं। यहां लैब टेक्नीशियन
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खून, पेशाब सहित अन्य कई नमूने लेते हैं। हाथ से लिखे रिपोर्ट के इंताजर में करीब दो घंटे तक लैब के केबिन में बैठना पड़ता है। वहीं मरीजों की भीड़ अधिक होने से हाथ से रिपोर्ट लिखने में टेक्नीशियन को समय लगता है। ऐसे में जांच भी प्रभावित होती है। वहीं जल्दी रिपोर्ट प्राप्त करने को लेकर मरीजों के साथ आए तीमारदार कहा सुनी करने लगते हैं।
रिपोर्ट समय से नहीं मिलने से इलाज के लिए अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। यह देख सीएचसी अधीक्षक डाॅ. बीवी सिंह ने ओपीसीटी से संपर्क कर ऑनलाइन रिपोर्ट मरीजों को उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा। मामले को संज्ञान में लेते हुए ओपीसीटी ने एक कर्मचारी और ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए सिस्टम को अपडेट करने के लिए सीएचसी में टेक्नीशियन भेज दिया है। अधीक्षक के मुताबिक सिस्टम से सभी डॉक्टरों के कक्ष और लैब को जोड़ने का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।सब कुछ ठीक रहा तो एक अप्रैल से मरीजों को जांच की रिपोर्ट ऑनलाइन उनके मोबाइल पर मिलने लगेगी। इसके लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसे दिखाने के बाद डाक्टर दवा लिखेंगे। घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
घर बैठे सीएचसी में लगा सकेंगे नम्बर : सुविधाओं को लेकर प्रदेश के दूसरे रैंक पर रहने वाली सीएचसी लार में अब घर बैठे मरीज अपना नंबर लगा सकेंगे। इसके लिए उन्हें अस्पताल के तरफ से जारी होने वाली वेबसाइट पर जाकर बुकिंग करना पड़ेगा।किस विशेषज्ञ को दिखाना है समय कितने बजे का है यह भी जानकारी मिल जाएगी।अस्पताल पहुंचते ही टोकन मिल जाएगा।इसके बाद संबंधित डाक्टर मरीज को देखेंगे। इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा। उन्हें लाइन में लग कर पर्ची नहीं लगानी पड़ेगी। साथ ही समय की बचत होगी।
10 लाख की लागत से एमसीएच विंग में लगेगा सोलर : सीएचसी के एमसीएच विंग में बिजली की आपूर्ति नहीं रहने से महिला मरीजों और प्रसूताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं नवजात शिशु के उपचार में भी दिक्कतें आती हैं। एचडीएफसी बैंक के सीएसआर फंड के तहत दस लाख रुपये की लागत से अब 27 सोलर पैनल और 20 बैट्री लगाई जा रही है। कुल मिलाकर 15 किलो वाट बिजली का उत्पादन करेगी। जिससे एमसीएच विंग में बिजली की निर्बाध आपूर्ति होगी। इसका लाभ मरीजों को मिलेगापहले हाथ से लिख कर रिपोर्ट मिलती थी।
इसमें काफी समय मरीजों को देना पड़ता था। अब एक अप्रैल से ऑनलाइन रिपोर्ट मिलेगी। साथ ही ओपीडी पर्ची भी ऑनलाइन मिलेगी।