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Etah News: निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की भरमार, एनसीईआरटी के आदेशों का उल्लंघन
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:41 AM IST
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एटा। शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा 6 से 12 तक सभी विद्यालय में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के आदेश हवाहवाई है। विद्यालय में इन आदेशों को अनुपालन नहीं हो रहा है। इसके साथ ही तय प्रकाशक की जगह निजी प्रकाशकों की किताबें संचालित हो रही हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से सभी विद्यालयों को आदेश जारी किए गए थे कि कक्षा 6 से 12 तक में सभी पुस्तकें एनसीईआरटी की संचालित की जाएं। इसके बाद भी जिले में एनसीईआरटी की किताबें संचालित नहीं हो रही है। इसके साथ ही विद्यालय की ओर से ही सभी कक्षाओं की किताबें भी अभिभावकों को दी जा रही है। इससे अभिभावकों को तय कीमत चुकानी पड़ रही है।
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय और निजी दुकानों के बीच कमीशन तय होने की वजह से महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। वहीं अभिभावक इस समस्या को लेकर अधिकारियों से शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं।
उन्हें भय है कि कहीं विद्यालय संचालक उनके पालकों स्कूल से न निकाल दें।
निजी प्रकाशकों की किताबें भी हो रही संचालित : शिक्षा विभाग ने पायनियर प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स आगरा, पीतांबरा बुक्स प्राइवेट लिमिटेड बिजौली और सिंघल एजेंसी लखनऊ प्रकाश की किताबें संचालित करने की अनुमति जारी की गई लेकिन जिले में इन प्रकाशकों के अलावा सेंचुरी, मास्टरमाइंड, स्नोड्रॉप, यूनिक, एब्सोल्यूट, विद्या गोल्ड, एजुकेशन आर्क समेत अन्य प्रकाशकों की किताबें विद्यालयों में संचालित हो रही हैं। यह किताबें बेहद महंगी है। इसका बोझ अभिभावकों के जेब पर पड़ रहा है।
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अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय और निजी दुकानों के बीच कमीशन तय होने की वजह से महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। वहीं अभिभावक इस समस्या को लेकर अधिकारियों से शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं।
उन्हें भय है कि कहीं विद्यालय संचालक उनके पालकों स्कूल से न निकाल दें।
निजी प्रकाशकों की किताबें भी हो रही संचालित : शिक्षा विभाग ने पायनियर प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स आगरा, पीतांबरा बुक्स प्राइवेट लिमिटेड बिजौली और सिंघल एजेंसी लखनऊ प्रकाश की किताबें संचालित करने की अनुमति जारी की गई लेकिन जिले में इन प्रकाशकों के अलावा सेंचुरी, मास्टरमाइंड, स्नोड्रॉप, यूनिक, एब्सोल्यूट, विद्या गोल्ड, एजुकेशन आर्क समेत अन्य प्रकाशकों की किताबें विद्यालयों में संचालित हो रही हैं। यह किताबें बेहद महंगी है। इसका बोझ अभिभावकों के जेब पर पड़ रहा है।