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Etawah News: मुफ्त इलाज से वंचित हुए 32 हजार आयुष्मान कार्ड धारक
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इटावा। स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और बार-बार दी गई सूचना को नजरअंदाज करना हजारों परिवारों पर भारी पड़ गया है। विभाग की ओर से जिले के ऐसे 32 हजार आयुष्मान धारकों के कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं, जिन्होंने पांच साल पहले डमी कार्ड जारी होने के बाद भी अपना केवाईसी या सत्यापन नहीं कराया। अब यह लोग सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे।
आयुष्मान योजना के तहत जिले के 8.05 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे। अब तक लगभग 55 फीसदी लोगों के आयुष्मान कार्ड ही बन पाए हैं। इन कार्डों के माध्यम से पांच लाख तक का इलाज मुफ्त किया जाता है। करीब पांच साल पहले सरकार ने लक्षित लाभार्थियों की सुविधा के लिए डमी कार्ड जारी किए थे। इसके पीछे मंशा यह थी कि लोग स्वास्थ्य केंद्रों या जनसेवा केंद्रों पर जाकर अपनी पात्रता सिद्ध करें और स्थायी कार्ड बनवा लें।
प्रशासन की ओर से कई बार अभियान चलाकर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया गया लेकिन 32 हजार लाभार्थियों ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसी सुस्ती को देखते हुए अब इन कार्डों को निष्क्रिय कर दिया गया है। अब जब लोग अपने कार्ड से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं तो उन्हें कार्ड ब्लॉक होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।
योजना के जिला नोडल प्रभारी डाॅ. यतेंद्र राजपूत ने बताया कि जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड निरस्त हुए है, ऐसे लोगों के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि ऐसे लाभार्थियों को फिर से योजना में शामिल होने के लिए अंत्योदय राशन कार्ड बनवाना होगा। या फिर लाभार्थी की उम्र अगर 70 वर्ष या इससे अधिक है तो ऐसे लोगों के आयुष्मान कार्ड आसानी से बन जाएंगे। इन लोगों को अपने नजदीक के सीएचसी, ग्राम पंचायत में लगने वाले शिविरों या फिर सीएमओ ऑफिस में संपर्क कर अपने कार्ड को चालू करवा सकते हैं।
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आयुष्मान योजना के तहत जिले के 8.05 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे। अब तक लगभग 55 फीसदी लोगों के आयुष्मान कार्ड ही बन पाए हैं। इन कार्डों के माध्यम से पांच लाख तक का इलाज मुफ्त किया जाता है। करीब पांच साल पहले सरकार ने लक्षित लाभार्थियों की सुविधा के लिए डमी कार्ड जारी किए थे। इसके पीछे मंशा यह थी कि लोग स्वास्थ्य केंद्रों या जनसेवा केंद्रों पर जाकर अपनी पात्रता सिद्ध करें और स्थायी कार्ड बनवा लें।
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प्रशासन की ओर से कई बार अभियान चलाकर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया गया लेकिन 32 हजार लाभार्थियों ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसी सुस्ती को देखते हुए अब इन कार्डों को निष्क्रिय कर दिया गया है। अब जब लोग अपने कार्ड से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं तो उन्हें कार्ड ब्लॉक होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।
योजना के जिला नोडल प्रभारी डाॅ. यतेंद्र राजपूत ने बताया कि जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड निरस्त हुए है, ऐसे लोगों के लिए कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि ऐसे लाभार्थियों को फिर से योजना में शामिल होने के लिए अंत्योदय राशन कार्ड बनवाना होगा। या फिर लाभार्थी की उम्र अगर 70 वर्ष या इससे अधिक है तो ऐसे लोगों के आयुष्मान कार्ड आसानी से बन जाएंगे। इन लोगों को अपने नजदीक के सीएचसी, ग्राम पंचायत में लगने वाले शिविरों या फिर सीएमओ ऑफिस में संपर्क कर अपने कार्ड को चालू करवा सकते हैं।