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Etawah News: अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर लगाया गंभीर आरोप
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चकरनगर। दो मुकदमों में नामांतरण निरस्त का आदेश देने के बाद भी तहसीलदार पर लिखित में विपरीत आदेश पारित करने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने बुधवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने एसडीएम से जांच कर पत्रावली में आदेश दुरुस्तीकरण की मांग की। एसडीएम ने अधिवक्ताओं को न्याय का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने बताया कि गोपालपुरा के मामले में तहसीलदार ने 16 मार्च को वादी पक्ष के अनुपस्थित रहने पर दोनों पत्रावलियों में उपस्थित आपत्तिकर्ता की बहस सुनी जिस पर मौखिक रूप से सभी अधिवक्ताओं की उपस्थिति में नामांतरण निरस्त करने का तहसीलदार ने आदेश सुनाया।
इसके बाद चकरनगर तहसीलदार ने इसके बाद दोनों पत्रावलियों में बैनामा दाखिल करते हुए दोनों में नामांतरण आदेश पारित कर दिया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन पत्रावलियों में वादी लगातार अनुपस्थित है और वाद को नहीं चलाना चाहते हैं, इसके बाद भी तहसीलदार उन मामलों में वर्षों से न्याय करने के बजाय तारीख दे रहे हैं।
ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता गिरीश कुमार शर्मा, नगेंद्र पाल, राजवीर सिंह चौहान, मुकेश यादव, देवेंद्र नारायण अवस्थी, शैलेंद्र सिंह शर्मा, भीमराव, राजेश कुमार आदि शामिल रहे। एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि अधिवक्ताओं ने तहसीलदार न्यायालय की अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन दिया है। पत्रावली मंगवाकर जांच कर मामले का निस्तारण किया जाएगा। वहीं मामले पर तहसीलदार विष्णुदत्त मिश्र का कहना है कि अधिवक्ताओं का आरोप पूरी तरह से निराधार है। न्यायालय में कोई मौखिक आदेश नहीं होता, सभी आदेश लिखित होते हैं।
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ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने बताया कि गोपालपुरा के मामले में तहसीलदार ने 16 मार्च को वादी पक्ष के अनुपस्थित रहने पर दोनों पत्रावलियों में उपस्थित आपत्तिकर्ता की बहस सुनी जिस पर मौखिक रूप से सभी अधिवक्ताओं की उपस्थिति में नामांतरण निरस्त करने का तहसीलदार ने आदेश सुनाया।
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इसके बाद चकरनगर तहसीलदार ने इसके बाद दोनों पत्रावलियों में बैनामा दाखिल करते हुए दोनों में नामांतरण आदेश पारित कर दिया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन पत्रावलियों में वादी लगातार अनुपस्थित है और वाद को नहीं चलाना चाहते हैं, इसके बाद भी तहसीलदार उन मामलों में वर्षों से न्याय करने के बजाय तारीख दे रहे हैं।
ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता गिरीश कुमार शर्मा, नगेंद्र पाल, राजवीर सिंह चौहान, मुकेश यादव, देवेंद्र नारायण अवस्थी, शैलेंद्र सिंह शर्मा, भीमराव, राजेश कुमार आदि शामिल रहे। एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि अधिवक्ताओं ने तहसीलदार न्यायालय की अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन दिया है। पत्रावली मंगवाकर जांच कर मामले का निस्तारण किया जाएगा। वहीं मामले पर तहसीलदार विष्णुदत्त मिश्र का कहना है कि अधिवक्ताओं का आरोप पूरी तरह से निराधार है। न्यायालय में कोई मौखिक आदेश नहीं होता, सभी आदेश लिखित होते हैं।