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Etawah News: युवती की मौत पर लापरवाही का आरोप, जांच समिति गठित
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इटावा। सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में इलाज के दौरान एक युवती नाहिद की मौत के बाद विवाद बढ़ गया है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और डॉक्टरों के खराब व्यवहार का आरोप लगाया है। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल एक जांच समिति का गठन किया है।
नाहिद को तीन अप्रैल को विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई। पांच अप्रैल को उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उचित इलाज न मिलने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। युवती की मौत से पहले का एक वीडियो सामाजिक माध्यम पर प्रसारित हुआ था। इस वीडियो में डॉक्टरों और कर्मचारियों के कथित खराब व्यवहार का जिक्र था।
इसके बाद सामाजिक माध्यम पर लोगों में नाराजगी फैल गई और मामला तेजी से फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। मामले के तूल पकड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्ष स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर हेमकली हैं। डॉ. सिद्धार्थ कुमार, उप-चिकित्सा अधीक्षक, और लवली जेस, मुख्य नर्सिंग अधिकारी, इसके सदस्य हैं। यह समिति पूरे मामले की सघन जांच करेगी।
पीजीआई प्रवक्ता सोमेंद्र पाल ने बताया कि प्रसारित वीडियो और आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट जल्द ही सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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नाहिद को तीन अप्रैल को विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई। पांच अप्रैल को उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उचित इलाज न मिलने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। युवती की मौत से पहले का एक वीडियो सामाजिक माध्यम पर प्रसारित हुआ था। इस वीडियो में डॉक्टरों और कर्मचारियों के कथित खराब व्यवहार का जिक्र था।
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इसके बाद सामाजिक माध्यम पर लोगों में नाराजगी फैल गई और मामला तेजी से फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। मामले के तूल पकड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्ष स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर हेमकली हैं। डॉ. सिद्धार्थ कुमार, उप-चिकित्सा अधीक्षक, और लवली जेस, मुख्य नर्सिंग अधिकारी, इसके सदस्य हैं। यह समिति पूरे मामले की सघन जांच करेगी।
पीजीआई प्रवक्ता सोमेंद्र पाल ने बताया कि प्रसारित वीडियो और आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट जल्द ही सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।