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Etawah News: बैंक में भी रोकड़ खत्म, ग्राहक बनेंगे चकरघिन्नी
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चकरनगर। जिला सहकारी बैंक की चकरनगर शाखा में बुधवार को रोकड़ खत्म होने से लेनदेन पूरी तरह ठप हो गया जिससे दूर-दराज से आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खाता धारकों का आरोप है कि बैंक में अक्सर नकदी की कमी बनी रहती है जिस कारण उन्हें बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
बैंक शाखा पर कस्बा सहित राजपुर, डिभौली, भरेह, ददरा, सगरा, फूटाताल, गढ़ीमंगद, तेजपुरा, कुंदौल और पालीघार समेत करीब 80 गांवों के लोग निर्भर हैं। बुधवार को भी बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही बैंक लेनदेन के लिए पहुंच लेकिन नकदी न होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। दिन भर इंतजार के बाद भी शाम तक जब उन्हें पैसे नहीं मिले तो ज्यादातर मायूस होकर लौट गए। ग्राहकों ने बैंक प्रशासन से नकदी की नियमित व्यवस्था किए जाने की मांग की है जिससे उन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
गढ़ीमंगद निवासी कौशलेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि वह मां मुन्नी देवी के खाते से 25 हजार रुपये निकलवाने के लिए सुबह से चेक लेकर बैंक में बैठे रहे लेकिन रुपये नहीं मिले। उन्हें बेटे की पढ़ाई के लिए रुपये भेजने थे, लेकिन 20 किलोमीटर दूर से आने के बावजूद निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
चीते की मड़ैया निवासी विश्वनाथ ने बताया कि ढाई घंटे खड़े रहने के बाद भी रुपये नहीं निकले। उन्हें बाजार से गेहूं काटने के लिए बारदाना खरीदना था। बैंक से रुपये न निकलने से पूरा काम प्रभावित हो गया है।
बुधवार को छोटे किसानों का भुगतान हुआ है। बड़े खाता धारक के लिए रुपये कम पड़ गए थे जिससे खाताधारकों को असुविधा हुई।
उदयवीर सिंह, बैंक मैनेजर
मांग के अनुसार सभी बैंक में हेड ब्रांच से रोकड़ भेजी जाती है, हो सकता बैंक ने कम मांग भेजी होगी। इसको लेकर वह महाप्रबंधक से बात करेंगे और आगे से किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
कमलेश वर्मा, एआर कोऑपरेटिव
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बैंक शाखा पर कस्बा सहित राजपुर, डिभौली, भरेह, ददरा, सगरा, फूटाताल, गढ़ीमंगद, तेजपुरा, कुंदौल और पालीघार समेत करीब 80 गांवों के लोग निर्भर हैं। बुधवार को भी बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही बैंक लेनदेन के लिए पहुंच लेकिन नकदी न होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। दिन भर इंतजार के बाद भी शाम तक जब उन्हें पैसे नहीं मिले तो ज्यादातर मायूस होकर लौट गए। ग्राहकों ने बैंक प्रशासन से नकदी की नियमित व्यवस्था किए जाने की मांग की है जिससे उन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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गढ़ीमंगद निवासी कौशलेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि वह मां मुन्नी देवी के खाते से 25 हजार रुपये निकलवाने के लिए सुबह से चेक लेकर बैंक में बैठे रहे लेकिन रुपये नहीं मिले। उन्हें बेटे की पढ़ाई के लिए रुपये भेजने थे, लेकिन 20 किलोमीटर दूर से आने के बावजूद निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
चीते की मड़ैया निवासी विश्वनाथ ने बताया कि ढाई घंटे खड़े रहने के बाद भी रुपये नहीं निकले। उन्हें बाजार से गेहूं काटने के लिए बारदाना खरीदना था। बैंक से रुपये न निकलने से पूरा काम प्रभावित हो गया है।
बुधवार को छोटे किसानों का भुगतान हुआ है। बड़े खाता धारक के लिए रुपये कम पड़ गए थे जिससे खाताधारकों को असुविधा हुई।
उदयवीर सिंह, बैंक मैनेजर
मांग के अनुसार सभी बैंक में हेड ब्रांच से रोकड़ भेजी जाती है, हो सकता बैंक ने कम मांग भेजी होगी। इसको लेकर वह महाप्रबंधक से बात करेंगे और आगे से किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
कमलेश वर्मा, एआर कोऑपरेटिव