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Etawah News: एक घंटे की बारिश में बह गए सफाई के दावे
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चकरनगर। रविवार दोपहर चकरनगर कस्बे में अचानक हुई बारिश ने पंचायत और प्रशासन के नाला सफाई के दावों की पोल खोल दी। करीब एक घंटे की बारिश के बाद रेंज गली, लखना-सिंडोस मार्ग, राजपुर रोड और थाना क्षेत्र के आसपास एक से दो फीट तक पानी भर गया। जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने से कई दुकानों और घरों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।
दोपहर बारिश शुरू होने के कुछ देर बाद ही रेंज गली का नाला उफान मारने लगा और नाले का पानी सड़क पर बहने लगा। थाने के पास उमा यादव के घर के पास बना नाला चोक होने के कारण पानी सीधे पास की दुकानों और घरों में भर गया। दुकानदार झाड़ू, बाल्टी और से पानी बाहर निकालते नजर आए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई कराई जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत हर साल नाला सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा करता है, लेकिन यह सफाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहती है। अधिकांश नाले आज भी कचरे से पटे हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार तहसील दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। कस्बा के संजेश यादव, जितेंद्र निषाद, सलीम, राजु गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, अमित, बेटू चौहान, सुधीर, देवेंद्र सिंह, समीर, कल्लू, अमिर, लोकेन्द्र भदौरिया, रजत शिवहरे स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत नालों की सफाई कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
कस्बा निवासी उमा यादव ने बताया कि पांच सालों से नाले की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण हर बारिश में घर और दुकानों में पानी भर जाता है।
अभी भी अगर नाले की सफाई नहीं हुई तो वह क्षेत्र के लोगों के साथ अनशन पर बैठ जाएंगे।
शराफा व्यापारी शिव सोनी ने बताया कि पिछले चार-पांच वर्षों से हर बरसात में उनकी दुकान में पानी भर जाता है। रविवार को पहली ही बारिश में फिर वही हाल हो गया।
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कई जगहाें पर लोगाें ने नालों पर अतिक्रमा कर लिया है। ऐसे में नालों की सफाई करने में दिक्कत आ रही है। सफाई कर्मियों को चोक हुए नालों की तुरंत सफाई शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। -यदुवीर सिंह, बीडीओ
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दोपहर बारिश शुरू होने के कुछ देर बाद ही रेंज गली का नाला उफान मारने लगा और नाले का पानी सड़क पर बहने लगा। थाने के पास उमा यादव के घर के पास बना नाला चोक होने के कारण पानी सीधे पास की दुकानों और घरों में भर गया। दुकानदार झाड़ू, बाल्टी और से पानी बाहर निकालते नजर आए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई कराई जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत हर साल नाला सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा करता है, लेकिन यह सफाई सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहती है। अधिकांश नाले आज भी कचरे से पटे हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार तहसील दिवस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। कस्बा के संजेश यादव, जितेंद्र निषाद, सलीम, राजु गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, अमित, बेटू चौहान, सुधीर, देवेंद्र सिंह, समीर, कल्लू, अमिर, लोकेन्द्र भदौरिया, रजत शिवहरे स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत नालों की सफाई कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
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कस्बा निवासी उमा यादव ने बताया कि पांच सालों से नाले की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण हर बारिश में घर और दुकानों में पानी भर जाता है।
अभी भी अगर नाले की सफाई नहीं हुई तो वह क्षेत्र के लोगों के साथ अनशन पर बैठ जाएंगे।
शराफा व्यापारी शिव सोनी ने बताया कि पिछले चार-पांच वर्षों से हर बरसात में उनकी दुकान में पानी भर जाता है। रविवार को पहली ही बारिश में फिर वही हाल हो गया।
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कई जगहाें पर लोगाें ने नालों पर अतिक्रमा कर लिया है। ऐसे में नालों की सफाई करने में दिक्कत आ रही है। सफाई कर्मियों को चोक हुए नालों की तुरंत सफाई शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। -यदुवीर सिंह, बीडीओ