{"_id":"6a6e3c6ee2f679b8860c35b0","slug":"district-ranks-23rd-in-the-state-under-the-cm-yuva-yojana-etawah-news-c-216-1-etw1004-147090-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: सीएम युवा योजना में जिले को प्रदेश में 23वां स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: सीएम युवा योजना में जिले को प्रदेश में 23वां स्थान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के संचालन में जनपद ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। जुलाई माह की प्रगति के आधार पर इटावा को पूरे उत्तर प्रदेश में 23वां स्थान मिला है। जिला प्रशासन की नियमित समीक्षा, बैंकों के सहयोग और जिला उद्योग केंद्र के समन्वय से योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है।
वित्तीय वर्ष के लिए जनपद को 1700 लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 350 युवा उद्यमियों को ऋण वितरित किया जा चुका है। लाभार्थियों ने अपने उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा के अनुसार, लंबित आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण से इटावा ने बेहतर रैंकिंग हासिल की। पिछले वित्तीय वर्ष में भी 1530 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला था। वर्तमान में इन सभी इकाइयों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
जांच के दौरान नौ ऐसे लाभार्थी मिले हैं, जिन्होंने स्वीकृत परियोजना के अनुरूप उद्योग स्थापित नहीं किया। कुछ ने ऋण राशि का उपयोग अन्य कार्यों में किया। शासन के निर्देशानुसार उनकी सब्सिडी निरस्त कर दी गई है। बैंक की धनराशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई है। नए आवेदनों की प्रक्रिया लगातार जारी है और जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आवेदन और प्रोजेक्ट रिपोर्ट पूरी तरह निशुल्क है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष के लिए जनपद को 1700 लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 350 युवा उद्यमियों को ऋण वितरित किया जा चुका है। लाभार्थियों ने अपने उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा के अनुसार, लंबित आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण से इटावा ने बेहतर रैंकिंग हासिल की। पिछले वित्तीय वर्ष में भी 1530 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला था। वर्तमान में इन सभी इकाइयों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
विज्ञापन
जांच के दौरान नौ ऐसे लाभार्थी मिले हैं, जिन्होंने स्वीकृत परियोजना के अनुरूप उद्योग स्थापित नहीं किया। कुछ ने ऋण राशि का उपयोग अन्य कार्यों में किया। शासन के निर्देशानुसार उनकी सब्सिडी निरस्त कर दी गई है। बैंक की धनराशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई है। नए आवेदनों की प्रक्रिया लगातार जारी है और जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आवेदन और प्रोजेक्ट रिपोर्ट पूरी तरह निशुल्क है।
विज्ञापन