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Etawah News: खाद को नहीं मिली पक्की छत, हर साल हो जाती पत्थर
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चकरनगर। ब्लॉक की कोला साधन सहकारी समिति छह वर्षों से अधूरे भवन में संचालित हो रही है। समिति भवन पर आज तक लेंटर नहीं डाला गया है। निर्माण के समय जल्दबाजी में केवल टिनशेड लगाकर भवन को चालू कर दिया गया था।
इसके बाद भवन को पूरा कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। बरसात के मौसम में टिनशेड से पानी टपकता है। इससे समिति में रखी डीएपी यूरिया खाद उर्वरक भीग जाता है। भीगी हुई खाद जमकर पत्थर जैसी हो जाती है। किसानों को मजबूरी में यह खराब खाद लेनी पड़ती है। समिति अध्यक्ष अतवल सिंह, संजू परिहार, केशव सिंह, देव सिंह, जयवीर सिंह, राजवीर सिंह, विजय बहादुर सिंह, कुलदीप यादव, गिरजेश यादव श्रीकृष्ण, कक्कू बाबा सहित अन्य किसानों ने बताया कि खराब खाद से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होता है। किसानों के विरोध के बावजूद सचिव खाद बदलने से इन्कार कर देते हैं। खरीफ या रवि फसल के मौसम में किसान विवश होकर भीगी खाद खरीदने को मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि समिति परिसर में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। बरसात में परिसर में पानी भर जाने से किसानों और कर्मचारियों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। किसानों ने मांग की है कि समिति भवन पर शीघ्र लेंटर डलवाकर निर्माण पूरा कराया जाए। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध हो सकेगी।
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कोला निवासी किसान संजू परिहार ने बताया कि टिटावली समिति पर टिनशेड से पानी टपकता है, जिससे खाद भीग जाती है। खाद लेने जाओ तो पत्थर जैसी मिलती है।
टिटावली समिति सदस्य लवकुश ने बताया कि समिति भवन पर न तो लेंटर पड़ा है और न ही शौचालय, पंखा, कूलर आदि की कोई व्यवस्था है। खाद लेते समय परेशानी होती है।
वर्जन
लेंटर डलवाने के समिति की बैठक बुलाकर सचिव से प्रस्ताव तैयार करवाने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद इस्टीमेट बनाने का कार्य पूरा किया जाएगा।
-कमलेश वर्मा, एआर को-ऑपरेटिव
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इसके बाद भवन को पूरा कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। बरसात के मौसम में टिनशेड से पानी टपकता है। इससे समिति में रखी डीएपी यूरिया खाद उर्वरक भीग जाता है। भीगी हुई खाद जमकर पत्थर जैसी हो जाती है। किसानों को मजबूरी में यह खराब खाद लेनी पड़ती है। समिति अध्यक्ष अतवल सिंह, संजू परिहार, केशव सिंह, देव सिंह, जयवीर सिंह, राजवीर सिंह, विजय बहादुर सिंह, कुलदीप यादव, गिरजेश यादव श्रीकृष्ण, कक्कू बाबा सहित अन्य किसानों ने बताया कि खराब खाद से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होता है। किसानों के विरोध के बावजूद सचिव खाद बदलने से इन्कार कर देते हैं। खरीफ या रवि फसल के मौसम में किसान विवश होकर भीगी खाद खरीदने को मजबूर हैं।
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किसानों का कहना है कि समिति परिसर में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। बरसात में परिसर में पानी भर जाने से किसानों और कर्मचारियों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। किसानों ने मांग की है कि समिति भवन पर शीघ्र लेंटर डलवाकर निर्माण पूरा कराया जाए। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध हो सकेगी।
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कोला निवासी किसान संजू परिहार ने बताया कि टिटावली समिति पर टिनशेड से पानी टपकता है, जिससे खाद भीग जाती है। खाद लेने जाओ तो पत्थर जैसी मिलती है।
टिटावली समिति सदस्य लवकुश ने बताया कि समिति भवन पर न तो लेंटर पड़ा है और न ही शौचालय, पंखा, कूलर आदि की कोई व्यवस्था है। खाद लेते समय परेशानी होती है।
वर्जन
लेंटर डलवाने के समिति की बैठक बुलाकर सचिव से प्रस्ताव तैयार करवाने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद इस्टीमेट बनाने का कार्य पूरा किया जाएगा।
-कमलेश वर्मा, एआर को-ऑपरेटिव