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Etawah News: आषाढ़ में बादल रहे बेरहम, इस बार 66 मिमी कम बारिश
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इटावा। इस वर्ष मानसून की रफ्तार पिछले साल जैसी नहीं रही। एक जून से 31 जुलाई तक जिले में 241.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 307.4 मिमी बारिश हुई थी। यानी इस बार अब तक 66.2 मिमी कम पानी बरसा है। हालांकि बारिश में कमी के बावजूद जिला सामान्य वर्षा वाले जिलों की श्रेणी में बना हुआ है और कानपुर मंडल के अधिकांश जिलों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।
कानपुर मंडल में सबसे अधिक राहत औरैया को मिली, जहां सामान्य से 104.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई। कानपुर नगर में भी 97.4 प्रतिशत बारिश के साथ सामान्य स्थिति बनी हुई है। इटावा में सामान्य का 94.5 प्रतिशत पानी बरसा, जबकि कन्नौज 80.8 प्रतिशत के साथ सामान्य श्रेणी में है। दूसरी ओर कानपुर देहात में मानसून पूरी तरह कमजोर रहा और यहां सामान्य के मुकाबले केवल 25.3 प्रतिशत वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे यह प्रदेश के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हो गया। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडे बताते हैं कि इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में कमजोर रहा है। जून-जुलाई के दौरान उत्तर प्रदेश में सामान्य 357.6 मिमी के मुकाबले 261.4 मिमी यानी 73.1 प्रतिशत वर्षा हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 327.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यही कारण है कि प्रदेश के 75 जिलों में केवल 23 जिले ही सामान्य वर्षा की श्रेणी में हैं, जबकि बचे हुए जिले वर्षा की कमी, अत्यधिक कमी या अल्प वर्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। यदि पूर्वानुमान के अनुरूप बारिश होती है तो इटावा समेत पूरे कानपुर मंडल में वर्षा का अंतर कुछ कम हो सकता है और खरीफ फसलों को भी राहत मिलेगी।
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कानपुर मंडल में सबसे अधिक राहत औरैया को मिली, जहां सामान्य से 104.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई। कानपुर नगर में भी 97.4 प्रतिशत बारिश के साथ सामान्य स्थिति बनी हुई है। इटावा में सामान्य का 94.5 प्रतिशत पानी बरसा, जबकि कन्नौज 80.8 प्रतिशत के साथ सामान्य श्रेणी में है। दूसरी ओर कानपुर देहात में मानसून पूरी तरह कमजोर रहा और यहां सामान्य के मुकाबले केवल 25.3 प्रतिशत वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे यह प्रदेश के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हो गया। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडे बताते हैं कि इस बार मानसून पिछले साल की तुलना में कमजोर रहा है। जून-जुलाई के दौरान उत्तर प्रदेश में सामान्य 357.6 मिमी के मुकाबले 261.4 मिमी यानी 73.1 प्रतिशत वर्षा हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 327.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यही कारण है कि प्रदेश के 75 जिलों में केवल 23 जिले ही सामान्य वर्षा की श्रेणी में हैं, जबकि बचे हुए जिले वर्षा की कमी, अत्यधिक कमी या अल्प वर्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। यदि पूर्वानुमान के अनुरूप बारिश होती है तो इटावा समेत पूरे कानपुर मंडल में वर्षा का अंतर कुछ कम हो सकता है और खरीफ फसलों को भी राहत मिलेगी।
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