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Etawah News: डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर की आत्महत्या की पोस्ट
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बकेवर। 50 शय्या अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक स्वर्णकार ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट साझा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में अस्पताल के सीएमएस डॉ. संदीप गुलाटी, ईएमओ डॉ. रविंद्र साहू और बाबू दयाराम को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
डॉ. स्वर्णकार ने आरोप लगाया कि उन पर लगातार त्यागपत्र देने का दबाव बनाया जा रहा है। उनकी छवि बाहरी लोगों के सामने खराब की जा रही है और पिछले पांच माह से उनका वेतन नहीं मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में एक्सरे मशीन उपलब्ध नहीं है। उनकी लिखी गई दवाएं भी मरीजों को नहीं दी जातीं, जिससे उनकी कार्यशैली प्रभावित हो रही है। डॉक्टर ने अपने साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किए जाने की बात भी कही। थाना प्रभारी विपिन मलिक ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से बातचीत की और घटनाक्रम की जानकारी ली। पोस्ट डालने के बाद डॉक्टर अपने कक्ष में मौजूद मिले, जिसकी जानकारी सीसीटीवी कैमरों से ली गई। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर के आरोपों को निराधार बताया है।
सीएमएस संदीप गुलाटी ने कहा कि एक फरवरी 2026 से बायोमीट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि डॉ. स्वर्णकार ने पिछले पांच माह से बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। उन्होंने नियमित रूप से उपस्थिति पंजिका पर भी हस्ताक्षर नहीं किए। उपस्थिति प्रमाणित न होने के कारण उनका वेतन जारी नहीं हो सका। इस संबंध में निदेशक और अपर निदेशक को कई बार पत्र भेजे गए हैं।
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सीएमएस गुलाटी के अनुसार, डॉ. स्वर्णकार मनमाने तरीके से ड्यूटी पर आते-जाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करना शुरू किया था। पिछले चार दिनों तक अनुपस्थित रहने के बावजूद उन्होंने पांचवें दिन आकर पूर्व की तिथियों में हस्ताक्षर कर दिए। इस पर आपत्ति दर्ज की गई है और पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।
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डॉ. स्वर्णकार ने आरोप लगाया कि उन पर लगातार त्यागपत्र देने का दबाव बनाया जा रहा है। उनकी छवि बाहरी लोगों के सामने खराब की जा रही है और पिछले पांच माह से उनका वेतन नहीं मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में एक्सरे मशीन उपलब्ध नहीं है। उनकी लिखी गई दवाएं भी मरीजों को नहीं दी जातीं, जिससे उनकी कार्यशैली प्रभावित हो रही है। डॉक्टर ने अपने साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किए जाने की बात भी कही। थाना प्रभारी विपिन मलिक ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से बातचीत की और घटनाक्रम की जानकारी ली। पोस्ट डालने के बाद डॉक्टर अपने कक्ष में मौजूद मिले, जिसकी जानकारी सीसीटीवी कैमरों से ली गई। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर के आरोपों को निराधार बताया है।
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सीएमएस संदीप गुलाटी ने कहा कि एक फरवरी 2026 से बायोमीट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि डॉ. स्वर्णकार ने पिछले पांच माह से बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। उन्होंने नियमित रूप से उपस्थिति पंजिका पर भी हस्ताक्षर नहीं किए। उपस्थिति प्रमाणित न होने के कारण उनका वेतन जारी नहीं हो सका। इस संबंध में निदेशक और अपर निदेशक को कई बार पत्र भेजे गए हैं।
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सीएमएस गुलाटी के अनुसार, डॉ. स्वर्णकार मनमाने तरीके से ड्यूटी पर आते-जाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करना शुरू किया था। पिछले चार दिनों तक अनुपस्थित रहने के बावजूद उन्होंने पांचवें दिन आकर पूर्व की तिथियों में हस्ताक्षर कर दिए। इस पर आपत्ति दर्ज की गई है और पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।