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Etawah News: जंक्शन पर सुरक्षा के इंतजाम लापता, बेरोकटोक आ-जा रहे यात्री
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इटावा। वर्ष 2025 में दिल्ली मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट में 13 लोगों की जान जाने के बाद इटावा जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर दो डोर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। कुछ माह बाद बाद ही इनको हटा लिया गया। अब यात्री पहले की तरह बिना जांच व बेरोकटोक आ जा रहे हैं। जंक्शन पर कोई भी आसानी से संदिग्ध वस्तु लेकर आ और जा सकते हैं।
10 नवंबर को दिल्ली में धमाके के बाद रेलवे के प्रयागराज मंडल ने 13 नवंबर को इटावा जंक्शन पर दो डोर मेटल डिटेक्टर लगवाए थे। एक डिटेक्टर की कीमत 1.30 लाख रुपये थी। आरपीएफ ने यहां एक पुलिस कर्मी की ड्यूटी भी लगाई थी। इस दौरान आने-जाने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग के बाद ही आवाजाही हो रही थी। बिहार से आने वाले लोग पूरा सामान लेकर ट्रेनों में चढ़ते व उतरते हैं। कई बार उनके छोटे-छोटे सिलिंडर भी होते हैं। ऐसे में मेटल डिटेक्टर न होने पर लोग बेखौफ होकर आ-जा रहे हैं। इस दौरान कोई भी व्यक्ति संदिग्ध वस्तु लेकर आ-जा सकता हैं।
इटावा क्षेत्र में ट्रेन में हुईं प्रमुख आग की घटनाएं
- अप्रैल 2026: साम्हो रेलवे स्टेशन (भरथना क्षेत्र) के पास कानपुर की ओर जा रही द्वॉरिका एक्सप्रेस की बोगी/पेंट्रीकार के पास ब्रेक बाइंडिंग की वजह से अचानक भीषण धुआं उठने लगा। अफरा तफरी के दौरान ट्रेन रुकी और यात्री बाहर भागे, जिससे बगल के ट्रैक पर आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से असम के एक यात्री की मौत हो गई थी।
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-मई 2026: भरथना स्टेशन के पास सूबेदारगंज एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी और धुएं की खबर से अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद मुख्य अप लाइन पर ट्रेन को रोककर जांच की गई थी।
-नवंबर 2023: सराय भूपत स्टेशन के पास नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस (एस वन और एस टू बोगी) में भीषण आग लगने से कोच पूरी तरह जल गए थे। इसके दो दिन बाद इटावा के पास ही वैशाली एक्सप्रेस के पैंट्री कार/कोच में भी आग लगने की घटना हुई थी।
वर्जन-- -
इटावा जंक्शन पर लगे डोर मेटल डिटेक्टर क्यों हटाए गए हैं, इसके बारे जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जाएगी। अगर उसमें कोई कमी नहीं है तो उनको लगाया जाएगा।
- दीपक कुमार आजाद, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त
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10 नवंबर को दिल्ली में धमाके के बाद रेलवे के प्रयागराज मंडल ने 13 नवंबर को इटावा जंक्शन पर दो डोर मेटल डिटेक्टर लगवाए थे। एक डिटेक्टर की कीमत 1.30 लाख रुपये थी। आरपीएफ ने यहां एक पुलिस कर्मी की ड्यूटी भी लगाई थी। इस दौरान आने-जाने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग के बाद ही आवाजाही हो रही थी। बिहार से आने वाले लोग पूरा सामान लेकर ट्रेनों में चढ़ते व उतरते हैं। कई बार उनके छोटे-छोटे सिलिंडर भी होते हैं। ऐसे में मेटल डिटेक्टर न होने पर लोग बेखौफ होकर आ-जा रहे हैं। इस दौरान कोई भी व्यक्ति संदिग्ध वस्तु लेकर आ-जा सकता हैं।
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इटावा क्षेत्र में ट्रेन में हुईं प्रमुख आग की घटनाएं
- अप्रैल 2026: साम्हो रेलवे स्टेशन (भरथना क्षेत्र) के पास कानपुर की ओर जा रही द्वॉरिका एक्सप्रेस की बोगी/पेंट्रीकार के पास ब्रेक बाइंडिंग की वजह से अचानक भीषण धुआं उठने लगा। अफरा तफरी के दौरान ट्रेन रुकी और यात्री बाहर भागे, जिससे बगल के ट्रैक पर आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से असम के एक यात्री की मौत हो गई थी।
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-मई 2026: भरथना स्टेशन के पास सूबेदारगंज एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी और धुएं की खबर से अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद मुख्य अप लाइन पर ट्रेन को रोककर जांच की गई थी।
-नवंबर 2023: सराय भूपत स्टेशन के पास नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस (एस वन और एस टू बोगी) में भीषण आग लगने से कोच पूरी तरह जल गए थे। इसके दो दिन बाद इटावा के पास ही वैशाली एक्सप्रेस के पैंट्री कार/कोच में भी आग लगने की घटना हुई थी।
वर्जन
इटावा जंक्शन पर लगे डोर मेटल डिटेक्टर क्यों हटाए गए हैं, इसके बारे जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जाएगी। अगर उसमें कोई कमी नहीं है तो उनको लगाया जाएगा।
- दीपक कुमार आजाद, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त