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Etawah News: 77 लाख की जमुनापारी बकरियों पर संक्रमण का कहर, 30 दिन में 42 की मौत

Sun, 05 Jul 2026 10:40 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 10:40 PM IST
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Infection wreaks havoc on Jamunapari goats worth 77 lakh 42 dead in 30 days
इटावा। देश व विदेश में जमुनापारी बकरी की अधिक मांग होने पर शहर में भदावरी भैंस एवं जमुनापारी प्रजनन प्रक्षेत्र में जमुनापारी ब्रीड बढ़ाने पर 77 लाख रुपये खर्च कर दिए। जमुनापारी बकरियों में ऐसा संक्रमण फैला कि एक के बाद 42 बकरियों की मौत हो गई। इससे विभाग को 29.40 लाख रुपये का नुकसान हो गया। जमुनापारी बकरियों में फैले संक्रमण व लगातार मौत के बाद मथुरा, लखनऊ व रायबरेली के विशेषज्ञ व डॉक्टरों की टीम ने इटावा आकर इनकी जांच की। इस दौरान बकरियों में सांस लेने में दिक्कत व खांसी की दिकक्त पाई गई। पशु विशेषज्ञों की सलाह पर बकरियों का इलाज चल रहा है लेकिन बकरियों के मरने का सिलसिला जारी है।
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शहर के सटे बाइस ख्वाजा रोड पर भदावरी भैंस एवं जमुनापारी प्रजनन प्रक्षेत्र में ब्रीड को बढ़ाने के लिए हर साल पशुओं की बड़े पैमाने पर करोड़ों रुपये की खरीदारी की जाती है। इसमें जमुनापारी बकरी की देश व विदेश में अधिक मांग होने पर इसका अधिक फोकस रहता है। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में पशु पालन विभाग के सहयोग से भदावरी भैंस एवं जमुनापारी प्रजनन प्रक्षेत्र के संयुक्त निदेशक ने मार्च में दो बार में इटावा व औरैया के पशु मेले से 110 जमुनापारी बकरियों की खरीददारी की थी। इसके लिए विभाग ने प्रति बकरी 70 हजार रुपये के हिसाब 77 लाख रुपये खर्च किए थे। जून में इन बकरियों में खांसी व सांस लेने में दिक्कत होने लगी। साथ ही बकरियों ने दाना, भूसा खाना छोड़ दिया। इससे वह दिन प्रतिदिन कमजोर होने लगी। बाद में उनकी मौत शुरू हो गई। हालत यह है कि एक माह के भीतर 42 बकरियों की मौत हो गई। इस तरह विभाग को 29.40 लाख का सीधा नुकसान हो गया। इसके अलावा प्रक्षेत्र में पांच बकरियों की हालत बहुत गंभीर हैं।
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भदावरी भैंस एवं जमुनापारी प्रजनन प्रक्षेत्र के देखरेख प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया कि बीमार पांच जमुनापारी बकरियों को अलग बाड़े में रखा गया है। इससे स्वस्थ बकरियों में इसका संक्रमण न फैले। बीमार बकरियों का प्रतिदिन चेकअप के बाद दवा व बोतल चढ़ाई जा रही है। उन्होंने दाना व भूसा खाना छोड़ दिया है। इनका बचना मुश्किल लग रहा है। संक्रमण से बचने के लिए यहां डॉक्टर व कर्मी भी मास्क व जूते पहनकर कर जाते हैं।
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प्रजनन प्रक्षेत्र के डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि जमुनापारी बकरियों में संक्रमण फैल गया है। इससे लगातार उनकी मौत हो रही है। बकरियों के शवों का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। इसमें माइक्रोप्लाजा व अन्य बीमारियों की आशंका जताई गई है। इसमें खांसी व दम फूलने मुख्य कारण है। इससे बकरियों की लगातार मौत हो रही है। गैरजिलों से आई टीम भी बकरियों की मौत को लेकर जांच कर रही है। अभी तक वह किसी निष्कर्ष पर नहीं निकली है।

जून में अंतिम 15 दिनाें में बकरियों की मौत पर एक नजर
जून कुल बकरियों की मौत
15 जून दो
16 जून एक
17 जून तीन
19 जून दो
21 जून एक
22 जून दो
24 जून एक
26 जून दो
29 जून एक
30 जून एक
कोट---
भदावरी भैंस एवं जमुनापारी प्रजनन प्रक्षेत्र में जमुनापारी बकरियों की ब्रीड बढ़ाने के लिए इस साल 110 बकरियों की प्रति बकरी 70 हजार रुपये के हिसाब से खरीदारी की गई थी। इसमें 42 बकरियों की मौत हो चुकी है। बकरियों की लगातार मौत की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। मथुरा, लखनऊ व रायबरेली की टीम ने निरीक्षण कर जानकारी ली। इसमें संक्रमण फैलने की बात सामने आई है। बीमार बकरियों का इलाज करवाया जा रहा है।
-डॉ. डीके मिश्रा, संयुक्त निदेशक भदावरी भैंस एवं जमुनापारी प्रजनन प्रक्षेत्र
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