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Etawah News: सरकारी केंद्रों पर एक दाना नहीं बिका, निजी पर लगा मक्के का ढेर
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इटावा। जिले में सोमवार से मक्का खरीद शुरू हो गई। पहले ही दिन सरकारी खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। पांचों केंद्रों पर एक भी किसान उपज बेचने नहीं पहुंचा। निजी आढ़तों पर मक्के के ढेर लगे रहे और हजारों बोरियों की आवक दर्ज की गई। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर सीलनयुक्त या मानकों से इतर मक्का नहीं खरीदा जाता। वहीं, निजी आढ़ती हर तरह की उपज खरीद लेते हैं।
जिले में मक्का खरीद के लिए नवीन मंडी इटावा में दो, जसवंतनगर में दो और भरथना मंडी में एक केंद्र है। सरकारी केंद्रों पर मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। निजी आढ़तों पर किसानों को 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। इसके बावजूद किसान सरकारी केंद्रों का रुख नहीं कर रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार, इस बार जिले में 18,201 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मक्का की बुवाई की गई थी। अब फसल तैयार होने के बाद बाजारों में इसकी आवक बढ़ने लगी है। निजी आढ़तों पर प्रतिदिन चार से पांच हजार बोरियां पहुंच रही हैं।
केस-एक
फोटो 17:: नवीन मंडी के खरीद केंद्र पर लगे गेहूं के बोरे। संवाद
केंद्र में मिला गेहूं का भंडारण
इटावा। शहर की नवीन मंडी में बने दो केंद्रों पर पहले दिन सन्नाटा रहा। हालांकि, दोनों केंद्रों पर बड़ी मात्रा में गेहूं का भंडारण किया गया है। केंद्र पर मक्का खरीद के लिए तैयारी की जा रही थी। प्रभारी सावन कुमार ने बताया कि पहले दिन मक्का की बिक्री के लिए कोई किसान नहीं आया। एक दो दिन में गोदाम खाली हो जाएगा। सरकारी मानकों के अनुरूप मक्का की खरीद की जाएगी। (संवाद)
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केस-दो
फोटो 18:: भरथना मंडी में बिना बैनर के बनाया गया मक्का खरीद केंद्र। संवाद
मंडी में नहीं मिले केंद्र प्रभारी
भरथना। नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में बनाए गए सरकारी मक्का खरीद केंद्र पर सोमवार दोपहर तक बैनर तो लगा था, लेकिन केंद्र प्रभारी नदारद रहे। मंडी में मौजूद लोगों ने बताया कि गेहूं खरीद केंद्र का अंतिम दिन होने के कारण प्रभारी आवश्यक कार्य से इटावा गए हुए थे। वहीं, मंडी परिसर में जगह-जगह धूप में मक्का सुखाई जा रही है। (संवाद)
केस-तीन
फोटो 19:: जसवंतनर मंडी में मक्का खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद
अधिकारी बोले निर्धारित गुणवत्ता से खरीदी जाएगी मक्का
जसवंतनगर में भी सरकारी खरीद केंद्रों पर पहले दिन एक भी किसान नहीं पहुंचा। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर सीलनयुक्त या निर्धारित मानकों से अलग मक्का की खरीद नहीं की जाती, जबकि निजी आढ़ती सभी प्रकार की उपज खरीद लेते हैं। यही वजह है कि किसान निजी व्यापारियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सरकारी केंद्र पर राजेश कुमार को एरिया मार्केटिंग मैनेजर और प्रदीप कुमार को केंद्र प्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। (संवाद)
इनकी भी सुनिए
फोटो 20::किसान बंटी। संवाद
भुलईपुर गांव के किसान बंटी ने बताया कि वह सात बीघा की मक्का बेचने के लिए आढ़ती के पास आए हैं। उनका कहना था कि निजी व्यापारियों के यहां बिक्री की प्रक्रिया आसान रहती है। सरकारी केंद्रों पर तमाम मानकों को बताकर उलझा दिया जाता है।
फोटो 21::आढ़तिया सुरेंद्र सिंह यादव। संवाद
आढ़ती संघ के भरथना के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मंडी में रोजाना लगभग एक से डेढ़ हजार बोरियों की आवक हो रही है। सोमवार को मक्का का भाव 1900 रुपये प्रति क्विंटल रहा। सरकारी मानकों से बचने के लिए किसान निजी आढ़तों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वर्जन
जिले के सभी पांचों मक्का खरीद केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। हालांकि, पहले दिन किसी भी केंद्र पर कोई भी किसान मक्का बेचने नहीं आया। उम्मीद है कि जल्द ही किसान सरकारी केंद्रों पर अच्छी कीमतों में अपनी उपज की बिक्री करेंगें। -लालमणि पांडे, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
जिले में मक्का खरीद के लिए नवीन मंडी इटावा में दो, जसवंतनगर में दो और भरथना मंडी में एक केंद्र है। सरकारी केंद्रों पर मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। निजी आढ़तों पर किसानों को 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। इसके बावजूद किसान सरकारी केंद्रों का रुख नहीं कर रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार, इस बार जिले में 18,201 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मक्का की बुवाई की गई थी। अब फसल तैयार होने के बाद बाजारों में इसकी आवक बढ़ने लगी है। निजी आढ़तों पर प्रतिदिन चार से पांच हजार बोरियां पहुंच रही हैं।
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केस-एक
फोटो 17:: नवीन मंडी के खरीद केंद्र पर लगे गेहूं के बोरे। संवाद
केंद्र में मिला गेहूं का भंडारण
इटावा। शहर की नवीन मंडी में बने दो केंद्रों पर पहले दिन सन्नाटा रहा। हालांकि, दोनों केंद्रों पर बड़ी मात्रा में गेहूं का भंडारण किया गया है। केंद्र पर मक्का खरीद के लिए तैयारी की जा रही थी। प्रभारी सावन कुमार ने बताया कि पहले दिन मक्का की बिक्री के लिए कोई किसान नहीं आया। एक दो दिन में गोदाम खाली हो जाएगा। सरकारी मानकों के अनुरूप मक्का की खरीद की जाएगी। (संवाद)
केस-दो
फोटो 18:: भरथना मंडी में बिना बैनर के बनाया गया मक्का खरीद केंद्र। संवाद
मंडी में नहीं मिले केंद्र प्रभारी
भरथना। नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में बनाए गए सरकारी मक्का खरीद केंद्र पर सोमवार दोपहर तक बैनर तो लगा था, लेकिन केंद्र प्रभारी नदारद रहे। मंडी में मौजूद लोगों ने बताया कि गेहूं खरीद केंद्र का अंतिम दिन होने के कारण प्रभारी आवश्यक कार्य से इटावा गए हुए थे। वहीं, मंडी परिसर में जगह-जगह धूप में मक्का सुखाई जा रही है। (संवाद)
केस-तीन
फोटो 19:: जसवंतनर मंडी में मक्का खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद
अधिकारी बोले निर्धारित गुणवत्ता से खरीदी जाएगी मक्का
जसवंतनगर में भी सरकारी खरीद केंद्रों पर पहले दिन एक भी किसान नहीं पहुंचा। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर सीलनयुक्त या निर्धारित मानकों से अलग मक्का की खरीद नहीं की जाती, जबकि निजी आढ़ती सभी प्रकार की उपज खरीद लेते हैं। यही वजह है कि किसान निजी व्यापारियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सरकारी केंद्र पर राजेश कुमार को एरिया मार्केटिंग मैनेजर और प्रदीप कुमार को केंद्र प्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। (संवाद)
इनकी भी सुनिए
फोटो 20::किसान बंटी। संवाद
भुलईपुर गांव के किसान बंटी ने बताया कि वह सात बीघा की मक्का बेचने के लिए आढ़ती के पास आए हैं। उनका कहना था कि निजी व्यापारियों के यहां बिक्री की प्रक्रिया आसान रहती है। सरकारी केंद्रों पर तमाम मानकों को बताकर उलझा दिया जाता है।
फोटो 21::आढ़तिया सुरेंद्र सिंह यादव। संवाद
आढ़ती संघ के भरथना के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मंडी में रोजाना लगभग एक से डेढ़ हजार बोरियों की आवक हो रही है। सोमवार को मक्का का भाव 1900 रुपये प्रति क्विंटल रहा। सरकारी मानकों से बचने के लिए किसान निजी आढ़तों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वर्जन
जिले के सभी पांचों मक्का खरीद केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। हालांकि, पहले दिन किसी भी केंद्र पर कोई भी किसान मक्का बेचने नहीं आया। उम्मीद है कि जल्द ही किसान सरकारी केंद्रों पर अच्छी कीमतों में अपनी उपज की बिक्री करेंगें। -लालमणि पांडे, जिला खाद्य विपणन अधिकारी